प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा से पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) की 24वीं किस्त जारी कर दी. इसके तहत देश के 9.32 करोड़ किसानों के बैंक खातों में करीब 19,000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं. पात्र किसानों के खाते में 2,000-2,000 रुपये भेजे गए हैं. हालांकि, किस्त जारी होने का मतलब यह नहीं है कि हर रजिस्टर्ड किसान के खाते में पैसा पहुंच ही जाएगा.
अगर आपके खाते में अभी तक रकम नहीं आई है, तो इसकी वजह ई-केवाईसी से लेकर जमीन के रिकॉर्ड या बैंक खाते की गड़बड़ी हो सकती है. पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है. यह रकम 2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. आइए जानते हैं वे 6 वजहें, जिनकी वजह से आपकी 24वीं किस्त अटक सकती है और आप उन्हें कैसे ठीक करा सकते हैं.
1. e-KYC पूरी नहीं कराई तो रुक सकती है किस्त
पीएम किसान योजना में रजिस्टर्ड किसानों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य है. अगर आपने अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो आपके खाते में 2,000 रुपये नहीं आएंगे. किसान घर बैठे पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ओटीपी के जरिए ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं. अगर मोबाइल पर ओटीपी के जरिए प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही है, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी भी कराई जा सकती है.
2. जमीन का रिकॉर्ड या लैंड सीडिंग अपडेट नहीं है
इस योजना का लाभ उन्हीं किसान परिवारों को मिलता है, जिनके नाम खेती योग्य जमीन दर्ज है. इसके लिए जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन जरूरी है. इसे लैंड सीडिंग (Land Seeding) कहा जाता है. अगर आपके जमीन के रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं हुआ है या पीएम किसान पोर्टल पर इसका स्टेटस 'Pending' दिख रहा है, तो किस्त अटक सकती है. ऐसी स्थिति में अपने राज्य के कृषि विभाग या संबंधित राजस्व अधिकारी से संपर्क करें और जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट कराएं.
3. बैंक खाते में आधार लिंक और NPCI मैपिंग नहीं
पीएम किसान की रकम डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाती है. अगर आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की मैपिंग पूरी नहीं हुई है, तो भुगतान अटक सकता है. ध्यान रखें कि सिर्फ बैंक खाते में आधार नंबर दर्ज होना ही काफी नहीं है. खाते की DBT और NPCI मैपिंग भी सही होनी चाहिए. इसकी जानकारी आप अपनी बैंक शाखा या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से ले सकते हैं.
4. परिवार के एक से ज्यादा सदस्य ले रहे हैं लाभ
सरकार के नियमों के मुताबिक, एक किसान परिवार में पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे शामिल होते हैं. परिवार के एक से ज्यादा सदस्यों के नाम पर योजना का लाभ लेने के मामलों में जांच हो सकती है. उदाहरण के लिए, अगर पति और पत्नी दोनों के खाते में पीएम किसान की किस्त आ रही है या परिवार के किसी नाबालिग सदस्य के नाम पर भी लाभ लिया जा रहा है, तो भुगतान रोका जा सकता है. ऐसे संदिग्ध मामलों में फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा होने तक किस्त अस्थायी रूप से अटक सकती है.
5. 1 फरवरी 2019 के बाद खरीदी है जमीन तो जांच
पीएम किसान पोर्टल पर 1 फरवरी 2019 के बाद जमीन का मालिकाना हक हासिल करने वाले कुछ लाभार्थियों की पात्रता की जांच का प्रावधान है. ऐसे मामलों में यह देखा जाता है कि किसान योजना के नियमों के तहत पात्र है या नहीं. अगर रिकॉर्ड में कोई संदेह है, तो फिजिकल वेरिफिकेशन पूरा होने तक किस्त रोकी जा सकती है. इसलिए जमीन खरीदने या विरासत में मिलने के बाद अपने दस्तावेज और पोर्टल पर दर्ज जानकारी जरूर जांच लें.
6. ज्यादा पेंशन पाने वाले और प्रोफेशनल नहीं हैं पात्र
पीएम किसान योजना के तहत कुछ श्रेणियों के लोगों को लाभ नहीं मिलता. इनमें ऐसे रिटायर्ड या सुपरएनुएटेड पेंशनर्स शामिल हैं, जिन्हें हर महीने 10,000 रुपये या उससे ज्यादा पेंशन मिलती है. हालांकि, मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS), क्लास IV और ग्रुप D कर्मचारियों को इस नियम से छूट है. इसके अलावा प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट भी योजना के दायरे से बाहर हैं. संवैधानिक पदों पर रहे या मौजूदा समय में ऐसे पदों पर मौजूद व्यक्ति, मंत्री, सांसद, विधायक, नगर निगम के मौजूदा या पूर्व मेयर और जिला पंचायत के अध्यक्ष भी योजना का लाभ नहीं ले सकते.
खाते में पैसा नहीं आया तो सबसे पहले क्या करें?
अगर पीएम किसान की 24वीं किस्त आपके खाते में नहीं पहुंची है, तो सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपना Beneficiary Status चेक करें. वहां पता चल सकता है कि ई-केवाईसी, लैंड सीडिंग और आधार-बैंक लिंकिंग का स्टेटस क्या है. जिस प्रक्रिया में गड़बड़ी दिखे, उसे ठीक कराने के लिए संबंधित विभाग, बैंक या कॉमन सर्विस सेंटर से संपर्क करें. अगर आपका रिकॉर्ड जांच के दायरे में है, तो फिजिकल वेरिफिकेशन की स्थिति भी पता करें. ध्यान रखें कि सिर्फ योजना में रजिस्ट्रेशन होना किस्त मिलने की गारंटी नहीं है. सभी जरूरी दस्तावेज, जमीन का रिकॉर्ड और बैंक खाते की जानकारी सही होने पर ही भुगतान प्रक्रिया पूरी हो पाएगी.