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Nepal Flood Updates: पुल-मकान बह गए, पानी में तैरते दिखे पावर प्लांट, 15% तक गिरे शेयर 

नेपाल के रसुवा और भोटेकोशी क्षेत्र में बड़े-बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स लगे हैं, जिन्हें भारी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ के विकराल रूप से 15 से अधिक जलविद्युत परियोजनाएं, 25 मेगावाट का सोलर प्लांट और कई सबस्टेशन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

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नेपाल में बाढ़ से भारी आर्थिक तबाही. (Photo: Social Media)
नेपाल में बाढ़ से भारी आर्थिक तबाही. (Photo: Social Media)

पुल बह गए, बड़े-बड़े मकान पानी में तैरते-तैरते अचानक जलमग्न हो गए. नेपाल से बाढ़ दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं. सैकड़ों लोग लापता हैं.  जिस तरह से पानी का सैलाब गांव और शहरों में अचानक घुसा है. लोग को संभलने का मौका नहीं मिल पाया, असली नुकसान का अंदाजा कुछ दिनों के बाद ही लग पाएगा. लेकिन शुरुआती तस्वीरें ही बता रही हैं, कि जन-हानि के साथ-साथ नेपाल को भारी आर्थिक नुकसान भी होने वाला है. 

वैसे नेपाल के इन इलाकों में बाढ़ का तांडव पहले भी देखने को मिला था. जुलाई- 2025 नेपाल के रसुवा और भोटेकोशी इलाके में अचानक आए मलबे और बाढ़ के कारण नेपाल-चीन सीमा पर भारी तबाही हुई थी. इसमें 28 से अधिक लोगों की मौत हुई थी. इससे रसुवागढ़ी, त्रिशूली सहित 4 बड़े हाइड्रो-पावर प्रोजेक्ट्स को भारी नुकसान पहुंचा था. इससे पहले साल 2017 मानसून के दौरान नेपाल के तराई क्षेत्र में आई बाढ़ से 140 से अधिक लोगों की जान गई थी और लाखों लोग बेघर हो गए थे.

लेकिन इस बार आर्थिक नुकसान ज्यादा होने का अनुमान लगाया जा रहा है. क्योंकि नेपाल के रसुवा और भोटेकोशी क्षेत्र में बड़े-बड़े हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स लगे हैं, जिन्हें भारी नुकसान पहुंचा है. बाढ़ के विकराल रूप से 15 से अधिक जलविद्युत परियोजनाएं, 25 मेगावाट का सोलर प्लांट और कई सबस्टेशन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

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यही नहीं, जब बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स बाढ़ की चपेट आ जाए, तो फिर आर्थिक नुकसान होना लाजिमी है. इस आपदा का सीधा असर नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (NEPSE) पर देखने को मिला है, एनर्जी प्रोडक्शन ठप होने और इंश्योरेंस क्लेम बढ़ने की आशंका से NEPSE इंडेक्स में 35 अंक से अधिक की बड़ी गिरावट आई है, जिससे हाइड्रोपावर और बीमा कंपनियों के शेयर धड़ाम हो गए हैं. 

बता दें, रसुवा और नुवाकोट इलाके में भोटेकोशी व त्रिशूली नदी में आई हालिया भीषण बाढ़ से ऊर्जा सेक्टर की जलविद्युत और पावर कंपनियों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है. 

बाढ़ की चपेट में कौन-कौन से प्रोजेक्ट्स (पावर कंपनियां):
सुवागढ़ी हाइड्रो-पावर: 111 MW का रसुवागढ़ी प्रोजेक्ट बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है. 
60 MW की अपर त्रिशूली 3A और त्रिशूली हाइड्रो-पावर स्टेशन को बाढ़ से नुकसान पहुंचा है.
चिलिमे हाइड्रो-पावर कंपनी: 22 MW क्षमता का प्रोजेक्ट है, जिसे नुकसान पहुंचा है.
सांजेन हाइड्रो-पावर: 42.5 MW सांजेन और 14.8 MW अपर सांजेन (सालासुंगी) प्रोजेक्ट्स. 
मैलुंग खोला और अपर मैलुंग हाइड्रो-पावर प्रोजेक्ट्स. 
Devighat Hydropower Station: 14 MW देवीघाट प्रोजेक्ट. 
Langtang Hydropower: 20 MW लांगटांग हाइड्रो-पावर. 

सोलर और इंफ्रास्ट्रक्चर बाढ़ की चपेट में:
25 MW Solar Power Plant: नुवाकोट/देवघाट क्षेत्र में स्थित 25 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट, जिसके 3 ब्लॉक्स और सब-स्टेशन बाढ़ में बह गए.
Trishuli 3B Hub 220 kV Substation: नेपाल विद्युत प्राधिकरण (NEA) का सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं. 

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शेयर बाजार (NEPSE) पर असर
बाढ़ में जैसे ही बड़े प्रोजेक्ट्स के प्लांट बहने की खबर आई, तुरंत नेपाल स्टॉक एक्सचेंज (NEPSE) में भारी गिरावट दर्ज की गई. खासकर पावर प्रोजेक्ट और सोलर इंफ्रा वाली कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. रसुवागढ़ी हाइड्रो-पावर, मैलुंग खोला, त्रिशूली हाइड्रो-पावर और सांजेन हाइड्रो-पावर के शेयर 15% तक नीचे गिर गए. बाढ़ से इंफ्रास्ट्रक्चर की तबाही के कारण नेपाल स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख इंडेक्स NEPSE 35.92 अंक (लगभग 1.38%) गिरकर 2,558 अंक पर बंद हुआ.

सबसे ज्यादा हाइड्रो-पावर सेक्टर में भूचाल देखने को मिला. 15 से अधिक जलविद्युत परियोजनाओं के क्षतिग्रस्त होने की खबर से हाइड्रो-पावर सब-इंडेक्स में 2.71% से ज्यादा की गिरावट आई. बाढ़ से हुए भारी नुकसान के कारण क्लेम बढ़ने की आशंका से नॉन-लाइफ इन्श्योरेंस सेक्टर 3.57% तक नीचे गिरा. अब गुरुवार को भी बड़ी गिरावट की संभावना जताई जा रही है. 

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