हर महीने की तरह इस महीने से भी ढेरों वित्तीय नियमों में बदलाव हुआ है. 1 अगस्त से बहुत से नियम बदल गए हैं, जो सीधे आपकी जेब पर असर डालेंगे. इन बदलाव में LPG गैस की कीमत से लेकर तत्काल टिकट बुकिंग तक के नियम शामिल हैं. आइए आनते हैं आज से क्या-क्या बदल गया है.
पहला बदलाव: हर महीने की तरह इस बार भी LPG के दाम में बदलाव हुआ है. आज से 19 किलो वाले कमर्शियल गैस की कीमतों में 202 रुपये की कटौती हुई है. अब दिल्ली में 19 किलो के एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2728 रुपये रह गई है. वहीं कोलकाता में इसका दाम 2872.50 रुपये हो गया है. जबकि रसोई गैस सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं देखा गया है.

दूसरा बदलाव: 1 अगस्त से रेलवे को लेकर भी बड़ा बदलाव हो रहा है. भारतीय रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर नियम में बदलाव (Tatkal Ticket Booking Rule Change) कर रही है. इसके तहत अब टोकन देने का समय तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के समय के साथ होगा, जिससे रिजर्वेशन काउंटर पर भीड़ कम होगी. पहले यात्रियों को टोकन दिया जाएगा, फिर टोकन के हिसाब से ही टिकट जारी की जाएगी.
तीसरा बदलाव: एक बैंक से जुड़ा भी बदलाव हो रहा है. पहली तारीख से कई बैंक भी अपनी सर्विसेज पर लागू चार्ज में चेंज कर रहे हैं. इनमें उज्जिवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank) अपने ग्राहकों के लिए SMS Alert चार्ज में बदल रहा है.
चौथा बदलाव: इस महीने कई चीजों की महंगाई बढ़ने का अनुमान लगाया गया है. दरअसल, मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि चाय की चुस्की से लेकर कपड़े, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन तक की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, क्योंकि जियो पॉलिटिकल तनाव के कारण इनपुट कॉस्ट बढ़ रही है. ऐसे में कार के दाम से लेकर साबुन की कीमत तक सभी के दाम 4 से 6 फीसदी तक बढ़ सकते हैं.

पांचवा बदलाव: आईटीआर 1 और आईटीआर 2 भरने की डेडलाइन 31 अगस्त को समाप्त हो गई थी और अब 1 अगस्त से बिलेटेड आईटीआर भरना होगा, जिसके लिए 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है.
छठवां बदलाव: कई बैंक 1 अगस्त से अपनी क्रेडिट कार्ड पॉलिसी में बदलाव कर रहे हैं. इन बदलावों में रिवॉर्ड पॉइंट प्रोग्राम, वार्षिक रखरखाव शुल्क और अन्य सेवा शुल्कों में संशोधन शामिल हो सकते हैं. ये बदलाव अलग-अलग बैंकों में भिन्न होते हैं, इसलिए ग्राहकों को अपने बैंक द्वारा जारी नवीनतम शुल्क अनुसूची और क्रेडिट कार्ड की शर्तों की जांच करनी चाहिए.

7वां बदलाव: बैंकिंग को आसान बनाने के लिए CKYC 2.0 का रोलआउट शुरू हो रहा है. बैंकिंग, बीमा और म्यूचुअल फंड सेक्टर 1 अगस्त से एडवांस्ड केंद्रीय ग्राहक पहचान 2.0 को लागू कर सकते हैं. इसके तहत, फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन डिजिटल अप्रूवल हासिल करने के बाद एक सेंट्रल डेटाबेस के जरिए ग्राहक की पहचान संबंधी जानकारी तक पहुंच सकेंगे. इसका फायदा ये है कि ग्राहकों को बैंक खाता खोलने, बीमा पॉलिसी खरीदने या अन्य वित्तीय लेनदेन के लिए हर बार एक ही तरह के KYC डॉक्युमेंट जमा नहीं करने होंगे.
8वां बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से लागू होने वाला अगला चेंज GST से जुड़ा है. जीएसटी से जुड़े नियम में बदलाव (GST Rule Change) सीधे बिजनेस, दुकान या ट्रेडिंग करने वालों पर असर डालेंगे. रिपोर्ट के मुताबिक, ई-इनवॉइस और ई-वे बिल (e-Way Bill) सिस्टम को बेहतर और ट्रांसपरेंट बनाया जा रहा है. इसके तहत बिल-टू-शिप-टू (Bill To–Ship To) लेन-देन में शिप-टू GSTIN देना अनिवार्य होगा. इसके साथ ही GSTIN, स्टेट कोड समेत अन्य जानकारियों को चेक करेगा.