बैंक कर्मचारियों की ओर से 5-डे वर्किंग की मांग के बीच एक खबर सामने आ रही है कि अब शनिवार को अवकाश रहने वाला है. सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें वायरल हैं कि एसबीआई और अन्य पब्लिक सेक्टर के बैंक ने हर शनिवार को छुट्टी रखने की घोषणा की है.
अब इसी को लेकर सरकार की ओर से बड़ी जानकारी सामने आई है. केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि उसने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया समेत पब्लिक सेक्टर के बैंकों के लिए हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित नहीं किया है. PIB ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही और कथित तौर पर वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी की गई राजपत्र अधिसूचना फर्जी है.
पीआईबी फैक्ट चेक ने आगे जानकारी दी कि जो दस्तावेज प्रसारित किया जा रहा है वह फर्जी है. वित्त विभाग द्वारा ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए हर शनिवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया हो.
अभी क्या है नियम?
बैंक फिलहाल हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहते हैं. पहला, तीसरा और पांचवें शनिवार को बैंक खुले रहते हैं. यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब सात प्रमुख यूनियनों और लगभग 8 लाख बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का प्रतिनिधित्व करने वाला यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस बैंकों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग कर रहा है.
5-डे वर्किंग डिमांड
बैंक यूनियनें कई सालों से पांच दिवसीय कार्य सप्ताह के लिए दबाव बना रही हैं. सरकार ने 2015 में इस मांग को स्वीकार कर लिया था, जब उसने 10वें द्विपक्षीय समझौते के बाद दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया था. तब से, यूनियन बाकी शनिवारों को भी छुट्टी की मांग कर रहे हैं.
पिछले महीने बैंक यूनियनों ने 3-डे हड़ताल का ऐलान किया था, लेकिन बाद में IBA की एक उच्च स्तरीय समिति के साथ बैठकों के बाद इसे स्थगित कर दिया. ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज़ एसोसिएशन के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह में बदलाव की जांच के लिए गठित समिति की पहली बैठक बुधवार को होनी थी और उम्मीद है कि वह अपनी रिपोर्ट को जल्द ही अंतिम रूप दे देगी.