उत्तर प्रदेश सरकार गोमती नदी के उद्गम स्थल पीलीभीत को अब वर्ल्ड-क्लास टूरिज्म और आध्यात्मिक डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने जा रही है. सदियों पुरानी इस सभ्यता और संस्कृति के केंद्र को नया जीवन देने के लिए पर्यटन विभाग ने 1.04 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दे दी है, जिससे इस जगह का कायाकल्प होने के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा.
सरकार ने निर्माण कार्य के लिए 78 लाख की राशि जारी भी कर दी है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद यह इलाका लोगों के लिए मुख्य टूरिस्ट डेस्टिनेशन बन जाएगा. गोमती नदी पीलीभीत से निकलकर लखीमपुर, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी जैसे शहरों से होती हुई गाजीपुर में जाकर गंगा नदी में मिल जाती है. इस बीच यह करीब 960 किलोमीटर का लंबा सफर तय करती है.
यह भी पढ़ें: बड़े शहरों में घर खरीदार क्यों पीछे हट रहे हैं, क्या खत्म हो गया प्रॉपर्टी बाजार का बूम?
इस प्रोजेक्ट पर काम करने का जिम्मा 'उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम' को सौंपा गया है. लोगों को सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन देखने के लिए खासतौर पर मल्टीपर्पज हॉल बनाया जाएगा. इसके साथ ही परिसर में आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक, विजिटर शेड, पैदल चलने के लिए सुंदर इंटरलॉकिंग पाथवे और चारों तरफ आकर्षक गार्डन विकसित किए जाएंगे. पूरे क्षेत्र को रोशन करने के लिए पर्यावरण के अनुकूल सोलर पावर और आधुनिक लाइटिंग की व्यवस्था भी होगी.
इस वैश्विक स्तर के बुनियादी ढांचे और पर्यटन विकास के कारण, पीलीभीत और इसके आसपास के इलाकों के रियल एस्टेट बाजार में भारी उछाल आने की उम्मीद है. इस वर्ल्ड-क्लास प्रोजेक्ट के चलते क्षेत्र में होटलों, होमस्टे, रिसॉर्ट्स और कमर्शियल प्रॉपर्टीज की मांग तेजी से बढ़ेगी, जिससे जमीन की कीमतों में बड़ा उछाल आना तय है.
यह भी पढ़ें: देश के बड़े शहरों में खत्म हो रही है ज़मीन, आखिर कहां रहेंगे लोग