दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की कर्मजीवी आवास योजना 2026 को पहले ही दिन अच्छा रिस्पॉन्स मिला. योजना शुरू होते ही उपलब्ध 1,218 फ्लैटों में से 661 फ्लैट पहले ही दिन बुक हो गए, जिनमें सभी 1-BHK फ्लैट हाथों-हाथ बिक गए. DDA इस योजना के तहत नरेला में रेडी-टू-मूव घरों पर 25 प्रतिशत की विशेष छूट दे रहा है.
DDA द्वारा शुरू की गई इस योजना का मुख्य उद्देश्य कार्यरत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ कॉरपोरेट, बिजनेस, एंटरप्रेन्योरियल और प्रोफेशनल सेक्टर में काम करने वाले पात्र पेशेवरों को अपना घर मुहैया कराना है. ये फ्लैट नरेला के पॉकेट 11, सेक्टर A1-A4 में स्थित हैं और फ्रीहोल्ड आधार पर दिए जा रहे हैं.
योजना के तहत 1-BHK, 2-BHK और 3-BHK घर उपलब्ध कराए गए हैं. 25% छूट के बाद 1-BHK की शुरुआती कीमत ₹33.40 लाख, 2-BHK की ₹75.55 लाख और 3-BHK की कीमत ₹1.065 करोड़ रखी गई है. इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ये सभी फ्लैट्स पूरी तरह बनकर तैयारहैं, जिससे खरीदारों को कंस्ट्रक्शन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
यह भी पढ़ें: इंग्लैंड में नहीं बिक रहे फ्लैट, रियल एस्टेट बाज़ार में छाई मंदी की वजह क्या है
आवेदन पात्रता और बुकिंग प्रक्रिया
इस योजना में पारंपरिक लॉटरी प्रणाली के बजाय 'पहले आओ, पहले पाओ' (First-Come, First-Served) का नियम लागू किया गया है. योजना के लिए रजिस्ट्रेशन 24 जुलाई से शुरू हुए थे, जबकि DDA आवास पोर्टल के जरिए बुकिंग 15 अगस्त से चालू हुई है, जो कि 30 अक्टूबर 2026 तक या फ्लैट्स खत्म होने तक खुली रहेगी. आवेदकों को इसके लिए ₹2,500 का एकमुश्त रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा, जबकि बुकिंग राशि फ्लैट की कैटेगरी के हिसाब से तय की गई है.
योजना के लिए क्यों खास है नरेला?
DDA की हाउसिंग रणनीति में नरेला बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. प्राधिकरण ने इस इलाके में प्रस्तावित मेट्रो, RRTS कनेक्टिविटी के साथ-साथ सड़क, खेल और शैक्षणिक बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया है. चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में DDA ने कुल 1,284 फ्लैट बेचे थे, जिनमें से 1,153 फ्लैट अकेले नरेला के ही थे. पहले दिन की बुकिंग से साफ है कि किफायती 1-BHK सेगमेंट में लोगों की भारी रुचि है, वहीं DDA का मुख्य फोकस कामकाजी पेशेवरों और सरकारी कर्मचारियों को नरेला में बसाना है.
यह भी पढ़ें: चीन का रियल एस्टेट फिर संकट में! जमीनों की लीज खत्म, क्या डूब जाएंगे खरबों रुपये