scorecardresearch
 

50% किराया बढ़ाया, फिर घर छोड़ने को कहा, बेंगलुरु के फाउंडर की पोस्ट वायरल

बेंगलुरु का आईटी और स्टार्टअप हब होना अब किराएदारों के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है. हाल ही में एक नया मामला सामने आया है जहां 50% किराया बढ़ाने का विरोध करने पर एक स्टार्टअप फाउंडर को मकान खाली करने का फरमान थमा दिया गया.

Advertisement
X
बेंगलुरु में मकान मालिक की मनमानी से लोग परेशान (Photo-ITG)
बेंगलुरु में मकान मालिक की मनमानी से लोग परेशान (Photo-ITG)

बेंगलुरु में बढ़ते किराए से लोग बेहद परेशान हैं, ऐसा ही एक ताजा मामला सामने आया है, जहां शहर के एक एक्टर और बिजनेसमैन ने अपनी मकान मालकिन के खिलाफ आवाज उठाई है. मामला किराए में सीधे 50 फीसदी की भारी बढ़ोतरी करने और फिर अचानक मकान खाली कराने से जुड़ा है.

'तीस्त्रा लाइफस्टाइल' के फाउंडर और सीईओ वसंत मारिमुथु ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट शेयर कर अपनी भड़ास निकाली और मकान मालकिन के इस रवैये को अंधा लालच करार दिया.

वसंत का कहना है कि उनकी मकान मालकिन हर साल आम 5 से 10 फीसदी की तय सीमा से कहीं ज्यादा किराया बढ़ा देती थीं, लेकिन इस बार तो उन्होंने हद ही कर दी और एक झटके में 50% किराया बढ़ा दिया. जब वसंत ने इस नए किराए का बाकायदा रेंट एग्रीमेंट बनवाने को कहा, तो मकान मालकिन ने नया पैच फंसा दिया. उन्होंने अपनी बहन के रहने का बहाना बनाकर वसंत को घर खाली करने को कहा. पिछले 5 सालों से उस घर में रह रहे वसंत को बोरिया-बिस्तर समेटने के लिए सिर्फ 30 दिन का वक्त दिया गया.

Advertisement

यह भी पढ़ें: कागजों पर दाम बढ़ना ही काफी नहीं, रियल एस्टेट में निवेश से पहले समझें असली खेल

वसंत मारिमुथु ने अपनी X पोस्ट में लिखा- "हमारी मकान मालकिन हर बार तय सीमा (5-10%) से कहीं ज्यादा किराया बढ़ाती आई हैं. इस साल जब उन्होंने 50% की बढ़ोतरी मांगी, तो मैंने नए रेंट एग्रीमेंट की मांग की. इस बात के हफ्ते भर बाद ही वो आईं और बोलीं कि उनकी बहन यहां शिफ्ट हो रही है, इसलिए 30 दिन के अंदर घर खाली कर दें. वाकई, लालच की कोई सीमा नहीं होती."

वसंत ने यह भी जिक्र किया कि मकान मालकिन का पूरा परिवार डॉक्टरों का है, यानी वो काफी संपन्न और सम्मानित बैकग्राउंड से आती हैं.

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

इस मामले के सामने आते ही इंटरनेट पर किराए में इस तरह की मनमानी और नैतिकता को लेकर चर्चा गर्म हो गई. मकान मालिक के पक्ष में एक यूजर का कहना था: "आप इसे लालच कह सकते हैं, लेकिन सच यह है कि हर कोई अपने फायदे या स्थिति  का इस्तेमाल करता है. इस पर वसंत ने जवाब दिया: "आपकी बात सही है, मैं समझता हूं, लेकिन किसी वादे के बाद इस तरह अपनी स्थिति का गलत फायदा उठाना गलत है और एग्रीमेंट के बीच में सिर्फ 30 दिन का नोटिस थमा देना साफ-साफ लालच ही है."

Advertisement

वहीं एक दूसरे यूजर ने कानूनी पहलू पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि अगर एग्रीमेंट में खुद के इस्तेमाल के लिए 30 दिन का नोटिस देकर मकान खाली कराने का नियम है, तो मकान मालकिन कानूनन सही हो सकती हैं. किराए में 50% की बढ़ोतरी भले ही अटपटी लगे, लेकिन कानून और नैतिकता हमेशा एक जैसी नहीं होतीं.

यह भी पढ़ें: विराट-अनुष्का ने रियल एस्टेट में फिर किया बड़ा निवेश, अब वर्सोवा में खरीदा लग्जरी फ्लैट

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement