scorecardresearch
 

हफ्ते में 5 दिन, 23 घंटे ट्रेडिंग... अब रात को भी खुलेगा अमेरिकी शेयर बाजार

अमेरिकी शेयर बाजार में 6 दिसंबर 2026 से रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक नया ओवरनाइट सेशन शुरू होगा. इसके बाद अमेरिकी इक्विटी बाजार हफ्ते में 5 दिन करीब 23 घंटे ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध रहेगा. इसका फायदा खासकर अमेरिका के बाहर बैठे निवेशकों को मिल सकता है, जो अलग-अलग टाइम जोन के कारण अभी बाजार के मुख्य समय में ट्रेड नहीं कर पाते.

Advertisement
X
अमेरिकन शेयर मार्केट 6 दिसंबर 2026 से हफ्ते में पांच दिन 23 घंटे खुलेगा. (File Photo)
अमेरिकन शेयर मार्केट 6 दिसंबर 2026 से हफ्ते में पांच दिन 23 घंटे खुलेगा. (File Photo)

अमेरिकी शेयर मार्केट में ट्रेडिंग करने वालों के लिए बड़ा बदलाव होने वाला है. अभी न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) और नैस्डैक (Nasdaq) का मुख्य कारोबारी समय सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक रहता है. लेकिन 6 दिसंबर 2026 से अमेरिकी शेयर मार्केट में रात के समय भी ट्रेडिंग का नया सेशन शुरू होने जा रहा है. इसके तहत रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक शेयरों की खरीद-बिक्री हो सकेगी. इससे अमेरिकी बाजार हफ्ते में 5 दिन करीब 23 घंटे तक ट्रेडिंग के लिए खुला रहेगा.

फिलहाल अमेरिकी शेयर बाजार का मुख्य सेशन सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक चलता है. इसके अलावा बाजार में प्री-मार्केट और आफ्टर-मार्केट ट्रेडिंग की सुविधा भी है. प्री-मार्केट सेशन सुबह 4 बजे से शुरू होता है, जबकि शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक आफ्टर-मार्केट ट्रेडिंग होती है. इसके बाद रात 8 बजे से 9 बजे तक बाजार में एक घंटे का ब्रेक रहेगा. अब इसी ब्रेक के बाद रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक नया ओवरनाइट सेशन चलेगा. यानी ट्रेडिंग का कुल समय करीब 23 घंटे प्रतिदिन हो जाएगा.

6 दिसंबर से क्या बदलेगा?

नया ओवरनाइट सेशन शुरू होने के बाद अमेरिकी इक्विटी बाजार का स्ट्रक्चर इस तरह होगा. यह व्यवस्था रविवार रात से शुक्रवार रात तक 23 घंटे प्रतिदिन बाजार को चालू रखने की दिशा में है.

Advertisement
  • ओवरनाइट ट्रेडिंग: रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक
  • प्री-मार्केट: सुबह 4 बजे से 9:30 बजे तक
  • मुख्य ट्रेडिंग सेशन: सुबह 9:30 बजे से शाम 4 बजे तक
  • आफ्टर-मार्केट: शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक
  • मेंटेनेंस ब्रेक: रात 8 बजे से 9 बजे तक

क्यों बढ़ाया जा रहा है ट्रेडिंग का समय?

इस बदलाव के पीछे विदेशी निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी एक बड़ी वजह बताई जा रही है. अलग-अलग टाइम जोन में बैठे निवेशकों को अमेरिकी शेयरों में ट्रेडिंग के लिए ज्यादा समय मिलेगा. इसके अलावा अमेरिकी बाजार को क्रिप्टो और प्रेडिक्शन मार्केट जैसे ऐसे प्लेटफॉर्म से भी मुकाबला करना है, जहां निवेश और ट्रेडिंग पारंपरिक बाजार के मुकाबले ज्यादा लंबे समय तक उपलब्ध रहती है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सचेंज इस बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रेडिंग का समय बढ़ा रहे हैं.

रात में ट्रेडिंग पहले से होती आ रही है

ओवरनाइट ट्रेडिंग बिल्कुल नई चीज नहीं है. कुछ वैकल्पिक ट्रेडिंग सिस्टम (ATS) के जरिए अमेरिकी शेयरों में रात के समय पहले से कारोबार होता रहा है. लेकिन इसका हिस्सा अभी बहुत छोटा है. अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में ओवरनाइट ट्रेडिंग का एवरेज डेली वॉल्यूम करीब 14.46 करोड़ शेयर था. एक साल पहले की तुलना में इसमें करीब 359% की बढ़ोतरी हुई है. इसके बावजूद कुल इक्विटी ट्रेडिंग के मुकाबले इसका हिस्सा 1% से भी कम है. यानी रात में ट्रेडिंग की मांग तेजी से बढ़ी है, लेकिन अभी भी ज्यादातर कारोबार सामान्य कारोबारी घंटों में ही होता है.

Advertisement

निवेशकों को क्या फायदा हो सकता है?

सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अमेरिका के बाहर बैठे निवेशकों को अमेरिकी शेयरों में ट्रेडिंग के लिए ज्यादा समय मिलेगा. मान लीजिए एशिया में किसी कंपनी से जुड़ी बड़ी खबर अमेरिकी शेयर बाजार के मुख्य समय के बाहर आती है. नए सेशन के बाद निवेशकों के पास उस खबर पर प्रतिक्रिया देने के लिए रात में भी शेयर मार्केट उपलब्ध होगा. इसी तरह विदेशी बाजारों में अचानक होने वाले बदलावों या किसी कंपनी की अहम घोषणा के बाद निवेशकों को अगले मुख्य सेशन तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.

लेकिन रात में ट्रेडिंग का जोखिम भी रहेगा

लंबे ट्रेडिंग घंटे का मतलब यह नहीं है कि रात के समय बाजार में कारोबार भी दिन जितना आसान होगा. सामान्य कारोबारी समय के मुकाबले ओवरनाइट बाजार में खरीदार और विक्रेता कम हो सकते हैं. इससे लिक्विडिटी कम और बिड-आस्क स्प्रेड ज्यादा हो सकता है. आसान भाषा में समझें तो किसी शेयर को खरीदने और बेचने के भाव के बीच ज्यादा अंतर हो सकता है. ऐसे में निवेशक को ट्रेड करते समय ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है या अपेक्षित भाव पर शेयर बेचना मुश्किल हो सकता है. SEC की ओर से भी 23/5 ट्रेडिंग पर चर्चा के दौरान लिक्विडिटी, बाजार की स्थिरता और निवेशक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया गया है.

Advertisement

बाजार का सिस्टम भी तैयार किया जा रहा

ट्रेडिंग का समय बढ़ाने के साथ सिर्फ एक्सचेंजों को ही तैयारी नहीं करनी है. बाजार के दूसरे हिस्सों को भी नए समय के हिसाब से तैयार किया जा रहा है. डिपॉजिटरी ट्रस्ट एंड क्लियरिंग कॉरपोरेशन (DTCC) ने जून 2026 में अमेरिकी शेयरों की क्लियरिंग के लिए 23 घंटे, हफ्ते में 5 दिन वाले मॉडल को अपनाया. वहीं सिक्योरिटीज इंफॉर्मेशन प्रोसेसर्स (SIPs) के ऑपरेटिंग घंटे भी बढ़ाए जा रहे हैं, ताकि रात के समय शेयरों के भाव और ट्रेड से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement