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WFH का ऐसा प्रेम? कर्मचारियों को घर से दफ्तर लाने के लिए TCS का ये दांव भी फेल!

TCS ने सोशल मीडिया कैंपेन के तहत टीसीएस थिंक कैंपस बेंगलुरु, टीसीएस सह्याद्री पार्क पुणे समेत विभिन्न परिसरों के वीडियो के साथ ही हाल टीसीएस ओलंपस मुंबई का वर्चुअल कैंपस टूर भी पोस्ट किया है. हालांकि, इस अभियान का कोई खास असर कर्मचारियों पर पड़ता नहीं दिख रहा है.

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TCS चला रही कैंपेन
TCS चला रही कैंपेन

कोरोना महामारी (Corona Pandemic) में शुरू हुआ वर्क फ्रॉम होम (WFH) का सिलसिला कई कंपनियों में अभी भी जारी है. हालांकि, कर्मचारियों को वापस ऑफिस बुलाने के लिए कंपनियां जी तोड़ कोशिश में लगी हैं और उन्हें तरह-तरह से वर्क फ्रॉम आफिस (Work From Office) करने के लिए प्रेरित कर रही हैं. इन कंपनियों में देश की सबसे बड़ी टेक कंपनी रतन टाटा (Ratan Tata) के नेतृत्व वाली TCS भी है. कंपनी बाकायदा एक कैंपेन चला रही है, लेकिन इसका भी कुछ खास असर कर्मचारियों पर होता नहीं दिख रहा है. 

सोशल मीडिया का ले रही सहारा
बिजनेस टुडे के मुताबिक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) कर्मचारियों को कार्यालय में वापस बुलाने के लिए सोशल मीडिया (Social Media) का सहारा ले रही है. कुछ हफ्ते पहले शुरू किए गए एक अभियान में भारतीय टेक दिग्गज सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कार्यालय से काम करने के बारे में कर्मचारियों की पुरानी यादों को फिर से जगाने की कोशिश कर रही है. इसके लिए कंपनी फेसबुक (Facebook) और इंस्टाग्राम (Instagram) जैसे प्लेटफॉर्म पर फोटो-वीडियो पोस्ट (Photo-Video Post) कर रहे हैं. 

कार्यालय में काम का अनुभव बता रही
टीसीएस (TCS) अपने ऑफिस से काम को बढ़ावा देने और कर्मचारियों को वापस बुलाने के लिए हैशटैग 'TogetherWeBelong' का इस्तेमाल कर रही है. इसके अलावा सोशल मीडिया हैंडल पर 'OneTCS' और 'PeopleOfTCS' हैशटैग के साथ कर्मचारियों को प्रेरित किया जा रहा है और कार्यालय से काम करने के अनुभव पर प्रकाश डाला जा रहा है.

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कैंपसों के वीडियो किए गए पोस्ट 
कंपनी ने अपने सोशल मीडिया कैंपेन के तहत टीसीएस थिंक कैंपस बेंगलुरु, टीसीएस सह्याद्री पार्क पुणे समेत विभिन्न कार्यालय परिसरों को वीडियो के जरिए दिखाया. इसके साथ ही कंपनी ने हाल ही में कर्मचारियों को शामिल करने के लिए टीसीएस ओलंपस मुंबई का वर्चुअल कैंपस टूर भी पोस्ट किया है. हालांकि, इस अभियान का कोई खास असर कर्मचारियों पर पड़ता नहीं दिख रहा है. दूसरे शब्दों में कहें तो ये तमाम कोशिशें भी वर्क फ्रॉम होम को लेकर कर्मचारियों का मोहभंग करने में नाकाम साबित हो रही हैं. 

कर्मचारियों ने जाहिर की ये राय
टीसीएस के इस कैंपेन के बारे में बिजनेस टुडे से बातचीत करते हुए के कंपनी के बेंगलुरु कैंपस में काम करने वाले एक कर्मचारी ने कहा कि वो ऑफिस से काम करने के बजाय घर से काम करना पसंद करते हैं. घर से काम करना सुविधा के लिहाज से ज्यादा अच्छा है. कर्मचारी ने कहा कि मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि अगर मुझे काम से आने-जाने में समय नहीं लगाना है तो मैं अधिक कुशल हूं. इस दौरान उस कर्मचारी ने कंपनी के 25/25 मॉडल का भी जिक्र किया. उसने कहा, 'काश 25/25 मॉडल पहले से ही होता, तो जीवन को अपेक्षाकृत आसान बना देता.'

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अन्य कर्मचारियों ने बातचीत के दौरान खुद को वर्क फ्रॉम होम के पक्ष में रखते हुए टीसीएस के सोशल मीडिया अभियान को सकारात्मक रूप से नहीं लिया. कई कर्मचारियों ने कंपनी के विभिन्न परिसरों में सुविधाओं की कमी के बारे में शिकायत करना तक शुरू कर दिया, जबकि कुछ ने कहा कि कार्यालयों की यात्रा करना उनकी जेब का बोझ बढ़ाने वाली है. 

टीसीएस का 25/25 प्लान
गौरतलब है कि बीते दिनों टीसीएस (TCS) के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर एनजी सुब्रमण्यम (N. Ganapathy Subramaniam) ने कहा था कि, 'हम यह नहीं मानते कि 100% प्रोडक्टिविटी के लिए हमारे 25% से अधिक कर्मचारियों को ऑफिस से काम करने की जरूरत है.' उनका मानना है कि 25/25 के नए मॉडल को अपनाने से फ्यूचर में कम ऑफिस स्पेस की जरूरत होगी. इस मॉडल के तहत प्रत्येक कर्मचारी केवल 25 फीसदी वक्त कार्यालय में बिताएगा. सभी टीम सदस्यों में से 75 प्रतिशत प्रोजेक्ट टीम को सिंगल लोकेशन पर रहना होगा.

 

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