विकास की रेस में राजस्थान कहां खड़ा है? आजतक के खास कार्यक्रम 'पंचायत आजतक राजस्थान' में इस सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश की गई. मंच पर मौजूद थे राजस्थान के उभरते उद्योगपति. सबने एक सुर में कहा कि अब राजस्थान में इंडस्ट्रीज तेजी से ग्रो कर रहा है.
Avaada Group के सीनियर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रसिडेंट रवि वर्मा की मानें अब उनके पास जो मैनपावर है, वो पूरी तरह से यूथ है. उन्होंने बताया उनकी कंपनी राजस्थान में 2000 मेगा वॉट लगा चुकी है. 2000 मेगा वॉट पर काम तेजी से चल रहा है, यूथ के लिए सौलर इंडस्ट्रीज में अपार संभावनाएं हैं. ग्रामीण इलाकों में ज्यादा प्लांट हैं, और रोजगार भी स्थानीय लोगों को ही देते हैं.
उन्होंने कार्यक्रम में बताया कि राजस्थान आने वाले समय में तेजी से ग्रो करने वाला है. एजुकेशन में ग्रो कर रहा है, पॉलिसीज बेहतर होती जा रही हैं. उद्योग लग रहे हैं, आने वाले दिनों में राजस्थान एक इंडस्ट्रीज के लिए बेहतर विकल्प बनकर उभरेगा.
हार से सीखने की जरूरत
इस कार्यक्रम ONEPWS प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर और CEO पुनीत तलेसरा ने कहा कि हार से सीखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि अगर आपके पास कोई आइडिया है, तो उसपर लगे रहिए, अगर आपका आइडिया फेल हो जाता है, तो उससे सीखकर आगे बढ़ते रहिए. राजस्थान आज सभी सुविधाएं हैं.
उन्होंने कहा कि सुविधाओं को रोना अब नहीं चलेगा. सरकार हर जगह सब्सिडी दे रही है, सरकार आपके बिजनेस को चलाएगी नहीं, आपको चलाना होगा, सरकार मदद कर सकती है, जो कि हो रही है. जगह से कोई फर्क नहीं पड़ता है, कहीं से भी कोई काम कर सकता है. डिजिटल युग में सब बराबर है. अब कंपनी को तय करना है कि वर्किंग माहौल कैसे बनाएं.
पुनीत की मानें तो राजस्थान दो चीजों के लिए मशहूर हैं, टूरिज्म और भीलवाड़ा का उद्योग. साथ ही कोटा अब एजुकेशन हब बन चुका है. सोलर पैनल राजस्थान में बन रहे हैं. नई टेक्नोलॉजी पर निवेश के लिए राजस्थान बेस्ट जगह है.
गारमेंट उद्योग पर राजस्थान का फोकस
सूर्य ज्योति कोटेक्स के डायरेक्टर Mudeet Samdariya का कहना है कि मौजूद समय में अहमदाबाद और सूरत में वर्कर की कमी है, जो राजस्थान में नहीं है. हम राजस्थान में जहां प्लांट लगाते हैं, वहां के स्थानीय लोगों को ही थोड़ी ट्रेनिंग देकर बेहतर बना सकते हैं. इसके लिए उन्हें घर के पास जॉब मिल जाता है. अगर राजस्थान सरकार और प्राइवेट साथ मिलकर काम करे, तो लक्ष्य और आसान हो जाएगा. उन्होंने कहा कि टेक्सटाइल अब धीरे-धीरे ग्रो कर रहा है. कई जिलों में काम तेजी से हो रहा है. राजस्थान सरकार भी अब इंसेंटिव दे रही है.
LeadRx Technologies के फाउंडर और सीईओ गौरव कुमार की मानें तो राजस्थान से जितने लोग बाहर गए, वो 50 साल पहले गए. अब राजस्थान में फैक्ट्रियां लग रही हैं. कई राज्यों के मुकाबले हमें राजस्थान बेहतर सुविधाएं मिल रही हैं. अब राजस्थान बीमारू स्टेट नहीं है. हालांकि उन्होंने माना कि इंडस्ट्रियल ग्रोथ पर आबादी का असर होता है. करीब साढ़े 8 करोड़ राजस्थान की आबादी है. धीरे-धीरे चीजें बदल रही हैं. उद्योग का वातावरण तेजी से बदल रहा है.
उद्योगपतियों की मानें तो जयपुर के तर्ज पर राजस्थान के अलवर जैसे शहर को बनाना होगा. केवल पॉलिसी बनाने से नहीं होगा, ये देखना होगा कि समस्या का निपटारा कितनी जल्दी होता है. उद्योग जगत कहीं भी समस्या नहीं चाहता है.