अमेरिका-ईरान में युद्ध (US-Iran War) जारी है... होर्मुज बंद है, ग्लोबल टेंशन चरम पर है. मिडिल ईस्ट में जारी जंग की आंच में सिर्फ खाड़ी देश ही नहीं झुलस रहे हैं, बल्कि पहले से ही आर्थिक रूप से कंगाल पाकिस्तान (Pakistan) और बांग्लादेश (Bangladesh) जैसे देशों का बुरा हाल है. तेल-गैस की आवाजाही के लिए जरूरी समुद्री रास्तों में आई रुकावटों के चलते इन्हें महंगी एलएनजी का आयात (LNG Import) करना पड़ रहा है.
पाकिस्तान और बांग्लादेश को तंगहाली में भी महंगी एलएनजी खरीदने के लिए इसलिए मजबूर होना पड़ा है, क्योंकि दोनों ही देशों की तेल-गैस आयात पर अत्यधिक निर्भरता है और इनके पास पहुंचने वाला ज्यादातर तेल-गैस होर्मुज स्ट्रेट के जरिए ही गुजरता हुआ आता है, जो अमेरिका-ईरान जंग के चलते लगभग बंद हो चुका है.
पाकिस्तान में सबसे महंगी LNG खरीद
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से तेल-गैस की आपूर्ति बाधित है और एनर्जी प्राइस में तगड़ा उछाल आया है. हालात ये है कि ऐसे हालात में Pakistan-Bangladesh दोनों ही देशों के सरकारी खजाने पर भारी दबाव पड़ रहा है और उन्हें अपनी ऊर्जा निर्भरता पर फिर से विचार करना पड़ रहा है. इन सब हालातों के बीच पाकिस्तान और बांग्लादेश को पिछले कई सालों में सबसे महंगी लिक्विड नेचुरल गैस (LNG) की खेप खरीदने को मजबूर होना पड़ा है.

रिपोर्ट में मामले से जुड़े जानकारों के हवाले से कहा गया है कि पाकिस्तान की सरकारी कंपनी Pakistan LNG Ltd ने इस सप्ताह की शुरुआत में करीब 21.88 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट की दर से एलएनजी खरीदी है. ये खेप जुलाई के अंत के लिए खरीदी गई है. सबसे खास बात ये है कि पाकिस्तानी कंपनी द्वारा खरीदी गई एलएनजी का मूल्य साल 2022 के बाद से सबसे अधिक है.
बांग्लादेश का भी बेहद बुरा हाल
पाकिस्तान के साथ ही बांग्लादेश के आर्थिक हालात भी किसी से छिपे हुए नहीं है और मिडिल ईस्ट टेंशन से तेल-गैस की सप्लाई चेन में रुकावट की वजह से देश की सरकारी कंपनियों ने भी अगस्त के लिए इसी तरह की ऊंची कीमत पर कम से कम एक कार्गो हासिल किया है.
Hormuz Strait ने बढ़ाई है टेंशन
अमेरिका-ईरान जंग के चलते मिडिल ईस्ट में गहराए तनाव के बीच होर्मुज लगभग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है, तो जि दुनिया की 20 फीसदी तेल-LNG जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी समुद्री रूट है. यहां से गुजरने वाली LNG सप्लाई में रुकावट ने कीमतों में तेज इजाफा किया है.
अमेरिका-ईरान में नए सिरे से शुरू हुई जंग से पहले जब युद्ध चरम पर था और इसकी आग में खाड़ी देश झुलस रहे थे, तब मार्च महीने में कतर ने बड़ा झटका देते हुए अपने निर्यात प्लांटों को बंद करते हुए सप्लाई सस्पेंड करते हुए स्पॉट खरीद समझौतों को रद्द कर दिया था. पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए सबसे बड़े एलएनजी सप्लायर Qtar के इस कदम ने दोनों ही देशों की मुसीबतें बढ़ा दी थीं और इन्हें ऊंची कीमत चुकानी पड़ रही थी.