नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्री-ओपन सेशन में ऑर्डर डालने के नियम आज (7 सितंबर, 2026) से बदल गए हैं. कुल 15 मिनट का प्री-ओपन सेशन सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक ही रहेगा, लेकिन अब इसे अलग-अलग चरणों में बांटा गया है. सबसे अहम बदलाव यह है कि सुबह 9:05 बजे से 9:10 बजे के बीच मार्केट ऑर्डर नहीं लगाए जा सकेंगे. इस दौरान सिर्फ लिमिट ऑर्डर की अनुमति होगी.
यह बदलाव इक्विटी कैश मार्केट में 4 अगस्त से लागू किए गए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के साथ तालमेल बनाने के लिए किया गया है. CAS का उद्देश्य क्लोजिंग प्राइस तय करने की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और मजबूत बनाना है. यह उन कैश मार्केट सिक्योरिटीज पर लागू होता है, जिनमें डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट उपलब्ध हैं.
इसके तहत खरीद और बिक्री के ऑर्डर एक साझा लिक्विडिटी पूल में जमा होते हैं और उसी के आधार पर क्लोजिंग प्राइस तय की जाती है. NSE के मुताबिक, नए प्री-ओपन फ्रेमवर्क से कैश और डेरिवेटिव्स सेगमेंट के बीच बेहतर कोऑर्डिनेशन होगा. साथ ही, दोनों प्रक्रियाओं के बीच ट्रांजिशन भी ज्यादा सुचारू तरीके से हो सकेगा.
9:00 से 9:05 बजे तक क्या होगा?
प्री-ओपन सेशन के पहले चरण में सुबह 9:00 बजे से 9:05 बजे तक निवेशक लिमिट और मार्केट, दोनों तरह के ऑर्डर डाल सकेंगे. इस दौरान ऑर्डर को संशोधित या कैंसिल भी किया जा सकेगा. यानी अगर आप प्री-ओपन में मार्केट ऑर्डर डालना चाहते हैं, तो इसके लिए आपके पास सिर्फ सुबह 9:00 बजे से 9:05 बजे तक का समय होगा.
9:05 से 9:10 बजे तक सिर्फ लिमिट ऑर्डर
दूसरे चरण में नियम बदल जाएंगे. सुबह 9:05 बजे से 9:10 बजे तक केवल लिमिट ऑर्डर ही डाले, बदले या कैंसिल किए जा सकेंगे. इस अवधि में मार्केट ऑर्डर की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी. निवेशकों के लिए यही नए फ्रेमवर्क का सबसे महत्वपूर्ण बदलाव है, क्योंकि पहले प्री-ओपन सेशन में मार्केट ऑर्डर को लेकर ऐसी अलग पाबंदी नहीं थी.
9:10 से 9:12 बजे तक होगी ऑर्डर मैचिंग
सुबह 9:10 बजे से 9:12 बजे तक ऑर्डर मैचिंग और ट्रेड कन्फर्मेशन का चरण होगा. इसी दौरान ओपनिंग प्राइस तय होगी और पात्र ऑर्डर्स का मैचिंग किया जाएगा. पहले यह प्रक्रिया सुबह 9:08 बजे से 9:12 बजे तक चलती थी. नए ढांचे में ऑर्डर मैचिंग की शुरुआत 9:10 बजे से होगी.
आखिरी 3 मिनट बफर पीरियड
सुबह 9:12 बजे से 9:15 बजे तक बफर पीरियड रहेगा. इसका उद्देश्य प्री-ओपन सेशन से रेगुलर कंटिन्युअस ट्रेडिंग में सुचारू रूप से ट्रांजिशन कराना है. इस तरह कुल प्री-ओपन सेशन का समय 15 मिनट ही रहेगा, लेकिन अब इसका पूरा स्ट्रक्चर बदल गया है.
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किन सिक्योरिटीज पर लागू होंगे नए नियम?
नए नियम सिर्फ फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडर्स तक सीमित नहीं हैं. ये इक्विटी या कैश मार्केट के प्री-ओपन सेशन में शामिल पात्र सिक्योरिटीज पर लागू होंगे.
इसके दायरे में मेन बोर्ड पर लिस्टेड कंपनियों के शेयरों के अलावा SME शेयर, पार्टली पेड-अप शेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvITs) और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REITs) भी शामिल हैं.
इसका मतलब है कि सिर्फ बड़े या लार्जकैप शेयरों में कारोबार करने वाले निवेशकों को ही नहीं, बल्कि SME और अन्य पात्र इक्विटी सिक्योरिटीज में ट्रेड करने वालों को भी नए टाइमिंग और ऑर्डर नियमों का ध्यान रखना होगा.
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात
नए नियमों में सबसे अहम बात ऑर्डर के प्रकार और समय को लेकर है. अगर आप मार्केट ऑर्डर डालना चाहते हैं, तो इसे सुबह 9:00 बजे से 9:05 बजे के बीच ही लगाया जा सकेगा. 9:05 बजे के बाद 9:10 बजे तक सिर्फ लिमिट ऑर्डर की सुविधा रहेगी.
इसलिए प्री-ओपन में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को ऑर्डर डालने से पहले यह जरूर देखना होगा कि वे किस तरह का ऑर्डर लगा रहे हैं और उस समय कौन-सी सुविधा उपलब्ध है.
NSE ने यह बदलाव क्लोजिंग ऑक्शन से जुड़े नए ढांचे के साथ बेहतर तालमेल और मार्केट ऑपरेशन को अधिक व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से किया है.