गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी GST से सरकारी खजाना लगातार बढ़ रहा है और इसके कलेक्शन में उछाल आ रहा है. सरकार ने जुलाई महीने के पहले दिन जून महीने में जीएसटी संग्रह के आंकड़े जारी किए और ये शानदार रहे हैं. June GST Collection सालाना आधार पर करीब 14 फीसदी बढ़ा है और ये 1.94 लाख करोड़ रुपये के पार निकल गया है. कुल जीएसटी कलेक्शन में राज्यों की हिस्सेदारी की बात करें, तो उत्तर प्रदेश और असम का सबसे बड़ा योगदान रहा है.
2 लाख करोड़ के पास GST कलेक्शन
जून महीने के लिए सकल गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) संग्रह पिछले साल के जून महीने में दर्ज किए गए 1,71,105 करोड़ रुपये की तुलना में 13.9 फीसदी से बढ़कर 1,94,812 करोड़ रुपये हो गया. सरकार द्वारा बताया गया यह आंकड़ा मई महीने के सकल जीएसटी संग्रह के 1,94,184 करोड़ रुपये के आसपास ही है. मई में ये सालाना आधार पर 3.2% बढ़ा था. इंपोर्ट टैक्स की मजबूत वसूली से जीएसटी कलेक्शन 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के बिल्कुल करीब पहुंच रहा है.
रेवेन्यू में आया जोरदार उछाल
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून महीने में सकल घरेलू राजस्व सालाना आधार पर 6.5 फीसदी उछलकर 1,34,774 करोड़ रुपये हो गया, जो बीते साल की समान अवधि में 1,26,505 करोड़ रुपये था. वहीं, सकल इंपोर्ट रेवेन्यू में 34.6 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 44,608 करोड़ रुपये बढ़ा और ये तेजी के साथ 60,038 करोड़ हो गया. जून महीने में नेट जीएसटी रेवेन्यू 11.2 फीसदी बढ़ा और बीते साल की तुलना में 1,45,984 करोड़ से बढ़कर 1,62,377 करोड़ रुपये हो गया. इसके अलावा पिछले महीने में कुल जीएसटी रिफंड 29.1 फीसदी बढ़कर 32,436 करोड़ हो गया.
UP-असम टैक्स कलेक्शन में आगे
अगर राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश और असम जून में जीएसटी कलेक्शन के मामले में सबसे आगे रहे. UP के जीएसटी संग्रह में जहां 19 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई, तो वहीं Asam के संग्रह में 17 फीसदी का उछाल आया. इसके साथ ही पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र में क्रमशः 14 फीसदी, 12 प्रतिशत और 9 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली है. वहीं GST Collection में गिरावट वाले स्टेट्स की बात करें, तो तमिलनाडु (2 फीसदी), राजस्थान (5 फीसदी) और मध्य प्रदेश में 5 फीसदी कलेक्शन घटा है.
2017 में लागू हुआ था GST
पुरानी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था की जगह पहली जुलाई 2017 को देश भर में वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया गया था. इसे देश में आजादी के बाद से सबसे बड़ा टैक्स सुधार माना जाता है. केंद्र सरकार के मुताबिक, आज से 7 साल पहले लागू जीएसटी ने देश के लोगों पर टैक्स का बोझ कम करने में मदद की है. अब तक के सबसे तगड़े जीएसटी कलेक्शन की बात करें, तो अप्रैल 2026 में 2.43 लाख करोड़ रुपये और उससे पहले अप्रैल 2025 में 2.37 लाख करोड़ रुपये रहा है.