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'आप ही भारत के रियल बॉस...', Starlink विवाद के बीच एलन मस्क ने अंबानी पर फिर साधा निशाना

एलन मस्क ने एक बार फिर स्टारलिंक की भारत में एंट्री को लेकर अंबानी पर तंज कसा है. उन्होंने अंबानी को 'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर संबोधित करते हुए सवाल उठाया कि क्या वह भारतीय बाजार में स्टारलिंक को प्रतिस्पर्धा करने देंगे. उन्होंने दावा किया कि स्टारलिंक उन इलाकों में इंटरनेट पहुंचा सकता है, जहां कनेक्टिविटी नहीं है.

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इससे पहले एलन मस्क ने कहा था कि स्टारलिंक को 165 देशों में लाइसेंस मिल चुका है. (File Photo- ITG)
इससे पहले एलन मस्क ने कहा था कि स्टारलिंक को 165 देशों में लाइसेंस मिल चुका है. (File Photo- ITG)

दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क भारत में स्टारलिंक को मंजूरी नहीं मिलने को लेकर बौखलाए हुए हैं. इसके लिए वह भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगा रहे हैं. इसी कड़ी में मस्क ने लगातार दूसरे दिन शुक्रवार देर शाम एक और सोशल मीडिया पोस्ट कर अंबानी को प्राइम मिनिस्टर संबोधित करते हुए तंज कसा. उन्होंने आरोप लगाया कि अंबानी भारत में अपना एकाधिकार बनाए रखने के लिए स्टारलिंक का रास्ता रोक रहे हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मस्क ने आरोप लगाते हुए पोस्ट किया और लिखा, 'डियर प्राइम मिनिस्टर अंबानी, कृपया मेरी विनम्र माफी स्वीकार करें कि मुझे यह एहसास नहीं हुआ कि आप ही भारत के रियल बॉस हैं. जाहिर है, आप भारत के लोगों का एकाधिकार के दम पर शोषण जारी रखना चाहेंगे, लेकिन क्या फिर भी आप स्टारलिंक को मुकाबला करने का मौका देने पर विचार करेंगे?' 

अपने पोस्ट में मस्क ने भारत के ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों का हवाला देते हुए आगे दावा किया कि भारत के कई ऐसे इलाके हैं, जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है. ऐसा सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दूसरे देशों में भी है. इंटरनेट न होने की वजह से वहां के बच्चे पढ़ाई के मौके से वंचित रह जाते हैं और छोटे कारोबारियों को अपना सामान दुनिया भर के बाजारों में बेचने का मौका नहीं मिल पाता. स्टारलिंक इन लोगों की जिंदगी बेहतर बना सकता है.

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पहले भी पूछा था- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

इससे एक दिन पहले भी एलन मस्क ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जवाब में सवाल उठाया था कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं? उन्होंने यह टिप्पणी डॉ. अनिरुद्ध की एक पोस्ट पर की थी. उस पोस्ट में आरोप लगाते हुए सवाल उठाया गया था कि क्या सरकार भारतीय नागरिकों के हितों को छोड़कर कारोबारी समूहों को फायदा पहुंचाने वाली व्यवस्था को बचा रही है.

इस पर मस्क ने कहा था कि स्टारलिंक को 165 देशों में लाइसेंस मिल चुका है. उन्होंने सवाल किया था कि पांच साल तक सभी जरूरी नियमों और शर्तों का पालन करने के बावजूद भारत में स्टारलिंक को लाइसेंस क्यों नहीं मिल रहा है. इसी संदर्भ में उन्होंने पूछा था कि क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

भारत में स्टारलिंक की एंट्री का इंतजार

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा स्टारलिंक दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराती है. इसकी तकनीक के जरिए खास तौर पर उन इलाकों में इंटरनेट पहुंचाने की संभावना है, जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड या मोबाइल नेटवर्क की पहुंच सीमित है.

भारत में स्टारलिंक की एंट्री को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है. मस्क का कहना है कि उनकी सेवा दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट की कमी दूर कर सकती है. हालांकि, भारत में किसी भी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को शुरू करने के लिए जरूरी सरकारी मंजूरियां और नियामकीय शर्तें पूरी करनी होती हैं.

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किसी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं: मंत्री सिंधिया 

स्टारलिंक को लेकर जारी विवाद के बीच केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता. उनका यह बयान मस्क के आरोपों के बीच आया है. सरकार का कहना है कि सुरक्षा मानकों और डेटा सुरक्षा से जुड़े सभी जरूरी क्लीयरेंस पूरे होते ही लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा. 

जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय और रक्षा एजेंसियों की शर्त है कि भारतीय उपयोगकर्ताओं का सारा डेटा भारत के भीतर ही प्रोसेस और स्टोर होना चाहिए. स्टारलिंक के इंटर-सैटेलाइट लेजर लिंक्स के कारण भारतीय एजेंसियां कानूनी निगरानी को लेकर सख्त सुरक्षा समीक्षा कर रही हैं. सरकारी मापदंड के अनुसार स्टारलिंक को भारत में 20 स्थानीय गेटवे स्टेशन स्थापित करना है, ताकि किसी आपात स्थिति में ट्रैफिक को मॉनिटर या ब्लॉक किया जा सके.

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