भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी देखी जा रही है. सेंसेक्स 680 अंक चढ़कर 77,590 पर कारोबार कर रहा है, जबकि निफ्टी 170 अंक चढ़कर 24,250 पर है. इस बीच, एक छोटी कंपनी का शेयर में अपर सर्किट लगा है. यह ऑटो सेक्टर की कंपनी है, जिसे टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल से एक बड़ा ऑर्डर मिला है.
TATA Motors PV से इस कंपनी को सप्लाई ऑर्डर के रूप में नया बिजनेस मिला है. इस ऑर्डर के मिलते ही कंपनी के शेयर में 5 फीसदी का अपर सर्किट लग गया. खरीदार भी इस शेयर को खरीदने के लिए टूट पड़े हैं. गुरुवार को बीएसई पर यह ₹88.84 के अपर सर्किट पर बना हुआ रहा.
टाटा मोटर्स से कैसा मिला ऑर्डर?
इस कंपनी का नाम Autoline Industries है. बुधवार को कारोबार बंद होने के बाद इस कंपनी ने बताया था कि टाटा मोटर्स से उसे ऑर्डर मिला है. एक्सचेंज फाइलिंग के मुताबिक, टाटा मोटर्स पीवी ने हैचबैक वाहन के लिए चार जरूरी पार्ट्स की सप्लाई का इसे नया बिजनेस दिया है. इस कारोबार से कंपनी को सालाना 80 करोड़ रुपये का रेवेन्यू मिल सकता है, जबकि इससे जुड़े टूलिंग से करीब 30 करोड़ रुपये का एक बार का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है.
पिछले 4 दिनों से लोअर सर्किट
13 अगस्त से ही इस स्टॉक में लोअर सर्किट लग रहा था, लेकिन आज इस शेयर में 5 फीसदी का अपर सर्किट लगा है. एक हफ्ते में यह शेयर करीब 15 फीसदी टूट चुका है. वहीं एक महीने के दौरान इस शेयर ने शून्य रिटर्न दिया है.
एक साल के दौरान शेयरों की चाल
पिछले छह महीने में यह शेयर 13 फीसदी चढ़ा है और एक साल की बात करें तो यह 16 फीसदी तक उछल चुका है. 30 मार्च 2026 को बीएसई पर यह शेयर ₹48.41 के भाव में मिल रहा था, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है. इस स्तर से पांच महीने में यह स्टॉक 114.52% मजबूत हुआ है. 13 अगस्त को यह शेयर 103 रुपये के भाव पर आ गया था. हालांकि, उसके बाद से इस शेयर में गिरावट देखी जा रही है.
क्या करती है कंपनी?
पुणे की ऑटोलाइन इंडस्ट्रीज का मुख्य काम शीट मेटल कंपोनेंट्स, एसेंबलीज और सब-एसेंबलीज बनाना है. इस कंपनी के पोर्टफोलियो में फुट कंट्रोल मॉड्यूल्स पार्किंग ब्रेक्स, हिंग्स, एग्जास्ट सिस्टम्स, ट्यूब्यूलर स्ट्रक्चर्स और कई प्रकार शीट-मेटल स्टैंपिंग्स और वेल्डेड एसेंबलीज शामिल हैं. यह पैसेंजर और कमर्शियल व्हीकल्स के लिए 3 हजार से ज्यादा के प्रोडक्ट्स बनाती है.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)