scorecardresearch
 

मुजफ्फरपुर में तिरहुत नहर का तटबंध 40 फीट टूटा... सैकड़ों एकड़ खेतों में घुसा पानी, ग्रामीण बोले- बांध काटा गया

बिहार के मुजफ्फरपुर में रविवार तड़के तिरहुत बैतरणी नहर का करीब 40 फीट हिस्सा टूट गया. इसके बाद पानी आसपास के खेतों और चबड़ में फैलने लगा. सैकड़ों एकड़ जमीन जलमग्न हो गई. ग्रामीणों का दावा है कि तटबंध खुद नहीं टूटा, बल्कि उसे काटे जाने के निशान दिखाई दे रहे हैं. जिलाधिकारी ने भी ग्रामीणों की सूचना पर तटबंध से छेड़छाड़ की आशंका जताई है.

Advertisement
X
नहर का तटबंध कैसे टूटा, अब हो रही जांच. (Photo: ITG)
नहर का तटबंध कैसे टूटा, अब हो रही जांच. (Photo: ITG)

मुजफ्फरपुर में रविवार की सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले, तो रक्सा बाजार के पास का नजारा बदला हुआ था. तिरहुत बैतरणी नहर का पानी अपने रास्ते से निकलकर आसपास के इलाकों में फैल रहा था. वजह थी नहर के तटबंध का करीब 40 फीट हिस्सा टूट जाना. मामला मड़वन प्रखंड के रक्सा बाजार के समीप का है. रविवार तड़के अचानक तिरहुत नहर का तटबंध टूट गया.

नहर का पानी तेज रफ्तार से आसपास के खेतों और चबड़ की तरफ बहने लगा. देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ खेत पानी में डूब गए. तटबंध टूटने की खबर जैसे ही गांव में फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. लोग टूटे हुए बांध को देखने के साथ-साथ पानी के बहाव का जायजा लेने लगे. तेज बहाव की वजह से आसपास का रास्ता भी बंद हो गया. ग्रामीणों के मुताबिक, पानी कुछ जगहों पर घरों के आसपास तक पहुंचने लगा है.

यह भी पढ़ें: शवों के टुकड़े, मुर्दाघर फुल और अपनों की तलाश में भटकते लोग... बाढ़ के एक महीने बाद भी नेपाल में 5300 लोग लापता

फिलहाल राहत की बात यह है कि ग्रामीणों के अनुसार फसलों को बहुत ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि पानी खेतों के बजाय चबड़ की ओर ज्यादा फैल रहा है. लेकिन अगर पानी का बहाव इसी तरह जारी रहा तो फसलों और घरों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है.

Advertisement

muzaffarpur tirhut canal embankment breached water enters hundreds acres farmland

मौके पर मौजूद स्थानीय निवासी शिव चंद्र ने तटबंध टूटने को लेकर गंभीर दावा किया. उनका कहना है कि तटबंध प्राकृतिक तौर पर टूटा हुआ नहीं दिख रहा, बल्कि ऐसा लग रहा है जैसे उसे काटा गया हो. उनके मुताबिक, तटबंध से पानी तेजी से निकलकर रक्सा इलाके के चबड़ की तरफ जा रहा है.

वहीं स्थानीय निवासी चंदन कुमार ओझा ने भी तटबंध के टूटने के बजाय कटे होने की बात कही. उन्होंने बताया कि पानी के बहाव से खेती और आसपास के घरों को नुकसान की आशंका है. उनका दावा है कि इसी इलाके में पिछले एक साल के भीतर करीब तीन बार इस तरह की स्थिति सामने आ चुकी है.

स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 100 मीटर दूर रक्सा दक्षिणी की तरफ भी तटबंध प्रभावित हुआ है. ऐसे में ग्रामीणों की चिंता सिर्फ मौजूदा जलभराव तक सीमित नहीं है. उन्हें आशंका है कि अगर तटबंध के कमजोर हिस्सों को समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया, तो पानी का बहाव और बढ़ सकता है.

यह भी पढ़ें: UP से हिमाचल तक बारिश का तांडव! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात, फसलें-मकान बर्बाद

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे. स्थिति का जायजा लिया गया और पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं.

Advertisement

muzaffarpur tirhut canal embankment breached water enters hundreds acres farmland

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि मड़वन रक्सा में तिरहुत नहर का तटबंध टूटा है. सूचना मिलते संबंधित विभाग और वरीय अधिकारी सूचना मिलते मौके पर पहुंच गए है. सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं. जल्द नहर के बांध की मरम्मत कर दी जाएगी. चूंकि पानी का दबाव कम था, इसके बावजूद बांध कट गया तो ग्रामीणों से मिली सूचना के अनुसार बांध में असामाजिक तत्वों ने छेड़छाड़ की. इस संबंध में भी जांच की जा रही है. फिलहाल नहर का पानी खेतों और चबड़ की ओर फैल चुका है और ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि पानी का स्तर आगे कितना बढ़ता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement