बिहार में गंगा नदी के विकराल रूप और भीषण बाढ़ ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. राज्य में बाढ़ से अब तक करीब 30 लाख से ज्यादा की आबादी प्रभावित हो चुकी है. भागलपुर में भी बाढ़ ने तबाही मचाई हुई है. हालात ये है कि तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी का कैंपस पूरी तरह जलमग्न हो गया है.
तिलकामांझी भागलपुर यूनिवर्सिटी का सीनेट हॉल हो या प्रशासनिक भवन, पूरा का पूरा ग्राउंड फ्लोर पानी में डूब चुका है. ये वही प्रशासनिक भवन है जहां कुलपति (वाइस चांसलर) और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी बैठते हैं.
कैंपस के बाहर और अंदर 2 से 3 फीट और उससे भी ज्यादा पानी भरा हुआ है. स्थिति ये है कि यूनिवर्सिटी परिसर में नावें चल रही हैं. जो कर्मचारी और अधिकारी कामकाज के लिए आ रहे हैं, उन्हें भी प्रशासनिक भवन तक पहुंचने के लिए नाव का ही सहारा लेना पड़ रहा है.
दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी में आए इस सैलाब का बच्चे आनंद उठाते दिखाई दिए. वो पानी में नहाते और खेलते नजर आए.
बाढ़ की चपेट में 13 जिले
बता दें कि बिहार में गंगा के जलस्तर में हुई भारी बढ़ोतरी से दर्जनों जिले बाढ़ की चपेट में हैं. इस आपदा की वजह से 34.31 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है. गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से राज्य के 13 जिलों में तबाही मची है. इस लिस्ट में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल के 79 प्रखंडों की 480 ग्राम पंचायत शामिल हैं.