बाढ़ आई, लोग घर छोड़कर राहत शिविरों में पहुंच गए. उम्मीद थी कि वहां खाना मिलेगा, चारा मिलेगा और जरूरत का सामान भी. लेकिन बेगूसराय के एक बाढ़ पीड़ित ने जो शिकायत की, उसने वहां मौजूद नेताओं और अधिकारियों को भी असहज कर दिया. शिकायत थी- राहत तो आती है, लेकिन दूसरे लोग मारपीट करके लूट ले जाते हैं.
बस, इतना सुनना था कि बछवारा के विधायक सुरेंद्र मेहता भड़क गए. उनके साथ बिहार सरकार के प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव भी मौजूद थे. सुरेंद्र मेहता ने मौके पर मौजूद सीओ को बुलाया और राहत वितरण की व्यवस्था को लेकर जमकर फटकार लगाई. अब इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
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पूरा मामला बिहार के बेगूसराय जिले के बछवारा प्रखंड के चमथा दियारा इलाके का है. बाढ़ के कारण प्रभावित परिवारों को अपना इलाका छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा है. बताया गया कि चमथा दियारा के कई बाढ़ पीड़ित समस्तीपुर जिले की सीमा से सटे विद्यापति विद्यालय में शरण लिए हुए हैं. यहां उनके लिए राहत शिविर जैसी व्यवस्था की गई है और भोजन के साथ अन्य जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. लेकिन 9 सितंबर को जब प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव अधिकारियों के साथ राहत व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे, तो वहां एक बाढ़ पीड़ित अपनी शिकायत लेकर पहुंच गया.
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राहत केंद्र के निरीक्षण के दौरान एक बाढ़ पीड़ित प्रभारी मंत्री के पास पहुंचा. वह अपनी समस्या बताना चाहता था. शुरुआत में अधिकारियों और पुलिसकर्मियों ने उसे वहां से हटाने की कोशिश की, लेकिन बाद में प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने उसे बुलाया और अपनी बात रखने का मौका दिया.
पीड़ित ने कहा कि राहत सामग्री आती तो है, लेकिन जरूरतमंदों तक पहुंचने से पहले ही कुछ लोग उसे लेकर चले जाते हैं. उसका आरोप था कि राहत वितरण के दौरान मारपीट होती है और कुछ लोग सामान लूट लेते हैं. ऐसे में कमजोर और जरूरतमंद बाढ़ पीड़ितों को उनका हिस्सा नहीं मिल पाता.

'ए सीओ साहब, इधर आइए... उधर कहां भाग रहे हैं'
बाढ़ पीड़ित की शिकायत सुनकर स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री सुरेंद्र मेहता नाराज हो गए. पूर्व मंत्री ने गुस्से में कहा कि ए सीओ साहब इधर आइये, उधर कहां भाग रहें हैं... ये क्या कह रहा है, भूसा आता है सब लोग लूट के चला जाता है, कमजोर को कौन देखेगा. इनको बोलने दीजिए. पन्नी आएगा लूट लेगा, भूसा आएगा, लूट लेगा. जानवर को भगा देगा. यही तमाशा हो रहा है. आप पुलिस लेकर आइये और पुलिस की देखरेख में राहत सामग्री बंटवाइए. आज सुबह भी मारपीट हुआ है. इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस दौरान बाढ़ पीड़ित ने कहा कि राहत आती है, लेकिन दूसरे लोग मारपीट कर लूट लेते हैं. यह सुनकर विधायक ने सीओ की जमकर फटकार लगा दी.
सुरेंद्र मेहता ने अधिकारियों से कहा कि राहत सामग्री का वितरण पुलिस की निगरानी में कराया जाए. उनका कहना था कि अगर वितरण के दौरान मारपीट और कथित लूटपाट हो रही है, तो वहां पुलिस की मौजूदगी जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिस बल के साथ राहत सामग्री बांटी जाए, ताकि जो लोग कमजोर हैं और खुद के लिए लड़ नहीं सकते, उन्हें भी उनका हिस्सा मिल सके. विधायक ने यह भी कहा कि राहत वितरण को लेकर सुबह मारपीट होने की जानकारी मिली है.
प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने क्या कहा?
प्रभारी मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि विद्यापति विद्यालय है, वहां राहत सामग्री को लेकर दो ग्रुप में विवाद हुआ है, हमको जानकारी मिली है. डीएम और एसपी के संज्ञान में लाया गया है. उनसे कहा है कि पुलिस की देखरेख में राहत दीजिए. जो गरीब आदमी है, उसको उसका हक मिले. हर केंद्र पर व्यवस्था की जाए. बाढ़ पीड़ित को मवेशियों के लिए चारा भी मिले और खाना भी मिले. सरकार कहीं कोई कठिनाई नहीं होने देगी. सरकार के खजाने पर सबसे पहला हक बाढ़ पीड़ित का है. शिकायत मिली है, पुलिस सक्रिय नहीं है तो आज से सक्रिय हो जाएगी. इसीलिए मैं आया हूं.