महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड (MLMML) ने भारतीय बाजार में 4 लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बेच दिए हैं. इस आंकड़े तक पहुंचने वाली ये भारत की पहली कमर्शियल व्हीकल निर्माता कंपनी है. साथ ही पिछले चार सालों से महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल व्हीकल मैन्युफैक्चर्र भी है.
कंपनी के पोर्टफोलियो में कई इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर शामिल हैं. इस मौके पर महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा का एक वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में आनंद महिंद्रा के साथ MLMML की एमडी और सीईओ सुमन मिश्रा भी मौजूद हैं.
आनंद महिंद्रा ने कंपनी की इस अचीवमेंट पर कहा, 'मुझे जो बात सबसे अच्छी लगती है, वो ये है कि जिसे हम 'लास्ट माइल मोबिलिटी' कहते हैं, वो भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल क्रांति का पहला कदम साबित हो रहा है.'
उन्होंने कहा है कि इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर पहली व्हीकल कैटेगरी होगी, जिसकी कीमतें पेट्रोल-डीजल वाहनों के बराबर होगी. इनके बड़े पैमाने पर कमर्शियल यूज से ऑपरेटर्स को रोज के कम रनिंग कॉस्ट और मेंटेनेंस कॉस्ट के जरिए इन्हें खरीदने में खर्च हुए ज्यादा पैसे वसूल में मदद मिलेगी.
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पेट्रोल और डीजल वाहनों के मुकाबले इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की कीमत फिलहाल ज्यादा है. इसकी वजह से बहुत से लोग इन्हें खरीदने में हिचकिचाते हैं. लेकिन कमर्शियल व्हीकल के मामले में असली खेल रनिंग कॉस्ट और मेंटेनेंस का है. इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल की रनिंग और मेंटेनेंस कॉस्ट कम है.
इसकी वजह से इन्हें खरीदने में खर्च किए गए ज्यादा पैसों को जल्द ही रिकवर कर लिया जाता है. उन्होंने बताया कि हमें हमेशा से पता था कि ज्यादा कमर्शियल यूज होने के कारण थ्री-व्हीलर सबसे पहले फॉसिल फ्यूल वाले व्हीकल्स के बराबर कीमत तक पहुंचेंगे.
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महिंद्रा इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल्स ने कुल 9 अरब से ज्यादा किलोमीटर का सफर तय कर लिया है. कंपनी की मानें, तो इस पूरे सफर में इन वाहनों ने 1.85 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन बचाया है. आनंद महिद्रा का कहना है कि ये अचीवमेंट प्रोडक्शन और सेल्स फिगर से कहीं ज्यादा जरूरी है.