World's Highest Motorable Village: हिमाचल प्रदेश जाने के बाद लोग सिर्फ मनाली-शिमला और आसपास के कुछ फेमस गांव घूमकर हर बार वापस आ जाते हैं. लेकिन अगर आपको भी ऑफबीट जगहों को एक्सप्लोर करना अच्छा लगता है और आप हिमाचल के एक ऐसे गांव की तलाश में हैं, जहां आपको शांति और सुकून मिले तो यह आर्टिकल आपके काम का है. हिमाचल प्रदेश की स्पीति घाटी अपनी ऊंची पहाड़ियों, बर्फीले रास्तों और शांत वातावरण के लिए दुनियाभर में मशहूर है. यहां के बारे में तो आपने जरूर सुना होगा, लेकिन इस घाटी में दुनिया सबसे ऊंचा मोटरेबल गांव स्थित है.
भारत ही नहीं यह दुनिया का सबसे ऊंचा गांव है, जहां पर गाड़ियों आना-जाना हो सकता है. जिन लोगों को गर्मी का मौसम नहीं बल्कि सर्दियां अच्छी लगती हैं, उनके लिए तो यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं होने वाली है, क्योंकि जब जून की तपती गर्मी में भारत के अधिकतर शहरों में लोगों का जीना मुहाल हो रखा होता है. तब यहां पर लोग मोटे-मोटे स्वेटर और जैकेट पहनकर रहते हैं.
हम कोमिक गांव की बात कर रहे हैं, जो करीब 15,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है. ऊंचे पहाड़ों के बीच बसा यह गांव अपनी खास भौगोलिक स्थिति के साथ-साथ यहां की सादगी और बौद्ध संस्कृति के लिए भी जाना जाता है. अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं तो एक बार इस जगह की सैर जरूर करें.
150 से भी कम रहते हैं लोग
कोमिक गांव में रहने वाले लोगों की संख्या 150 से भी कम बताई जाती है. इतनी ऊंचाई और बेहद मुश्किल मौसम के बावजूद यहां के लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी को सहज तरीके से जीते हैं. सर्दियों में तापमान काफी नीचे चला जाता है और बर्फबारी के कारण गांव का संपर्क भी प्रभावित हो सकता है.
क्यों खास है यह गांव
यहां के लोग खेती, पशुपालन और स्थानीय समुदाय के जरिए अपनी जिंदगी बिताते हैं. यहां रहने वाले लोगों की अच्छी बात यह है कि इतने सीमित संसाधनों के बीच भी उन्होंने अपनी पारंपरिक लाइफस्टाइल को आज तक संभालकर रखे हुए हैं.
बौद्ध संस्कृति की झलक दिखाता है तंगयुद मठ
अगर आप कोमिक गांव घूमने का प्लान बना रहे हैं तो यहां आपको यहां मौजूद तंगयुद मठ अपनी तरफ अट्रैक्ट करेगा. पहाड़ी पर स्थित यह बौद्ध मठ अपनी पारंपरिक वास्तुकला, रंग-बिरंगी सजावट और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है.
मठ से आसपास की ऊंची पहाड़ियों और घाटी का खूबसूरत नजारा दिखाई देता है. यहां पहुंचकर लोगों को स्पीति की बौद्ध संस्कृति और स्थानीय परंपराओं को करीब से समझने का मौका मिलता है.
रोड ट्रिप का है अपना अलग मजा
कोमिक तक मोटरेबल सड़क पहुंचने के कारण अब यहां गाड़ियों से जाना संभव है. हालांकि, गांव तक पहुंचने का सफर आसान नहीं माना जाता. रास्ते में ऊबड़-खाबड़ पहाड़, गहरी घाटियां और दूर तक फैला बंजर हिमालयी इलाका नजर आता है.
ऊंचाई ज्यादा होने के कारण यहां सफर करते समय सावधानी जरूरी है. शरीर को ऊंचाई के वातावरण के अनुकूल होने में समय लग सकता है, इसलिए जल्दबाजी करने के बजाय पर्याप्त आराम और जरूरी सावधानियां बरतना बेहतर होता है.
रहने के लिए मौजूद हैं होमस्टे
कोमिक में टूरिज्म को बढ़ाने के लिए स्थानीय परिवारों ने होमस्टे की सुविधा भी शुरू की है. यहां ठहरकर यात्री सिर्फ पहाड़ों का नजारा ही नहीं लेते, बल्कि स्थानीय खान-पान और गांववालों की जिंदगी को भी करीब से जान सकते हैं.
यहां मोबाइल कनेक्टिविटी भी सीमित रहती है. यही वजह है कि कोमिक उन लोगों के लिए खास जगह बन जाता है, जो कुछ समय के लिए डिजिटल दुनिया से दूरी बनाकर प्रकृति और शांति के बीच रहना चाहते हैं.