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बाइक में लगा दिया जेट इंजन... फिर इतनी रफ्तार से दौड़ी हार्ले, देखें VIDEO

क्या हो अगर किसी बाइक में छोटा रॉकेट इंजन लगा दिया जाए. ऐसा ही कुछ एक यूट्यूबर ने किया है. बाइक्स एंड बियर्ड्स ने इस प्रोजेक्ट के लिए हार्ले डेविडसन बाइक को चुना. इस बाइक का इंजन खराब हो चुका था, जिसे रिपेयर नहीं किया जा सकता था. इस स्पेशल प्रोजेक्टर में बाइक के इंजन की जगह दो छोटे जेट टर्बाइन्स का इस्तेमाल किया गया है.

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Harley-Davidson में दो छोटे जेट टर्बाइन का इस्तेमाल किया गया है. (Photo: YouTube/ Bikes and Beards)
Harley-Davidson में दो छोटे जेट टर्बाइन का इस्तेमाल किया गया है. (Photo: YouTube/ Bikes and Beards)

एक बाइक की आत्मा उसकी इंजन होती है, क्या होगा अगर किसी बाइक का इंजन ही बदल दिया जाए. दरअसल, एक यूट्यूबर ने हार्ले डेविडसन बाइक में इंजन को छोटे जेट टर्बाइन से रिप्लेस किया है. इस प्रोजेक्ट को यूट्यूबर बाइक्स एंड बियर्ड्स चैनल ने क्रिएट किया है. इन बदलाव के बाद बाइक 97 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ पाई है. 

जेट टर्बाइन वाली बाइक का वीडियो बाइक्स एंड बियर्ड्स ने अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया है, जिसे आप देख सकते हैं. इस बाइक को बनाने के लिए एक ऐसी हार्ले डेविडसन (Harley-Davidson) का इस्तेमाल किया गया है, जो चलने लायक नहीं थी. बाइक का ओरिजिनल इंजन पूरी तरह खराब हो चुका था और उसे ठीक करना संभव नहीं था. 

कितनी पावर मिलती है?

इस बाइक को बनाने के लिए पुरानी बाइक से इंजन को हटा दिया गया. इसके अलावा पिछले पहिये के दोनों ओर दो माइक्रो टर्बाइन लगाई गईं. इन टर्बाइन से लगभग 336 न्यूटन थ्रस्ट जनरेट होती है. जहां एक कन्वेंशनल बाइक को चलाने के लिए इंजन और चेन की जरूरत होती है. वहीं इस कस्टम बाइक में टर्बाइन का इस्तेमाल किया गया है. 

टर्बाइन से जनरेट होने वाले थ्रस्ट की वजह से ये बाइक आगे बढ़ती है. इस बाइक को मॉडिफाई करने में 400 घंटे से ज्यादा का वक्त लगा है. इस कस्टम हार्ले डेविडसन के स्विचगियर और डिस्प्ले को वैसा ही रखा गया है. इसमें नए सिस्टम के हिसाब से कुछ बदलाव जरूर किए गए हैं.

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हालांकि, ये बाइक मार्केट में मिलने वाली दूसरी बाइकों से अलग है. टर्बाइन का इस्तेमाल करने की वजह से बाइक में सेफ्टी से जुड़ी चुनौतियां भी हैं. वीडियो में बताया गया है कि टर्बाइन के फेल होने पर उसके टुकड़ों को फैलने से रोकने के लिए एक सेफ्टी कवर की जरूरत पड़ेगी. 

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स्पेशल प्रोजेक्ट है ये बाइक

इन बदलावों की वजह से बाइक को सामान्य रोड पर चलाना मुश्किल है. इसे एक स्पेशल प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा सकता है. वीडियो के मुताबिक इस बाइक का वजन 159 किलोग्राम है. टेस्टिंग के दौरान इस बाइक को 97 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाया गया है. हालांकि, इस बाइक की मैक्सिमम स्पीड कितनी है ये कन्फर्म नहीं है.

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इस बाइक को चलाने के लिए किसी गियर को बदलने की जरूरत नहीं पड़ती है. बाइक सिर्फ थ्रस्ट के बदौलत चलती है. यूं समझे की ये किसी ऑटोमेटिक स्कूटर की तरह काम करती है. वीडियो में बताया गया है कि इस बाइक को चलाते वक्त वाइब्रेशन महसूस नहीं होती है. टर्बाइन से काफी ज्यादा गर्मी निकलती है, तो इसे चलाते वक्त सेफ्टी का विशेष ध्यान रखना होता है.

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