देश में E20 पेट्रोल को लेकर छिड़ी बहस अब और तेज हो गई है. सरकार की E20 पॉलिसी के खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ता और इंडस्ट्रलिस्ट तहसीन पूनावाला को बड़ा झटका लगा है. उनका इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड हो गया है. खास बात यह है कि यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब उन्होंने 31 जुलाई को दिल्ली में E20 के विरोध में 'गाड़ी मार्च' निकालने का ऐलान किया था. सोशल मीडिया पर उनके समर्थक इसे आंदोलन को रोकने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि इंस्टाग्राम की ओर से अकाउंट सस्पेंड किए जाने की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है.
तहसीन पूनावाला ने हाल के दिनों में E20 पेट्रोल के खिलाफ लगातार वीडियो और पोस्ट साझा किए थे. उन्होंने लोगों से 31 जुलाई को इंडिया गेट से पार्लियामेंट स्ट्रीट तक 'गाड़ी मार्च' में शामिल होने की अपील भी की थी. इस मार्च का मकसद सरकार से E20 पेट्रोल को अनिवार्य बनाने के फैसले पर दोबारा विचार करने और आम लोगों को सामान्य पेट्रोल का विकल्प देने की मांग बताई गई थी.
तहसीन पूनावाला ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपने पोस्ट में कहा कि, "मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट @tehseenpoonawalla सस्पेंड कर दिया गया है. यह सरकार अब इंस्टाग्राम से भी डरती है. जो लोग मुझे जानते हैं, वे जानते हैं कि मैं एक सभ्य इंसान हूं. मैं हमेशा तथ्यों और तर्कों के आधार पर बात करता हूं. मैं कभी भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करता."
E20 पेट्रोल के खिलाफ शुरू हुआ अभियान अब सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक फैल चुका है. हाल के दिनों में 'E20 जनता पार्टी' नाम से ऑनलाइन कैंपेन भी तेजी से चर्चा में आया. जो कोई राजनीतिक पार्टी या रिस्टर्ड संगठन नहीं है. लेकिन खुद को आम लोगों की आवाज बताता है. इस अकाउंट को हाल ही में दिल्ली में NEET पेपर को लेकर आंदोलन करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी से भी जोड़कर देखा जा रहा है. जिसकी शुरुआत भी ऐसे ही सोशल मीडिया पर व्यंग, सटायर और मीम्स से हुई थी. इसी नाम से एक और अकाउंट भी सोशल मीडिया पर एक्टिव हुआ था, जिसे अब सस्पेंड कर दिया गया है.
इसके अलावा दिल्ली के कई ट्रांसपोर्ट संगठनों ने भी E20 के विरोध में संसद मार्च का ऐलान किया है. ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन का दावा है कि, E20 पेट्रोल से माइलेज कम होता है और पुराने वाहनों पर इसका असर पड़ सकता है, जबकि सरकार इन दावों को खारिज करते हुए E20 को सुरक्षित और पर्यावरण के लिए बेहतर फ्यूल बताती आ रही है.
केंद्र सरकार लगातार कह रही है कि E20 यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल की ब्लेंडिंग देश की तेल आयात निर्भरता कम करेगा, किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा और प्रदूषण भी घटाएगा. सरकार यह भी स्पष्ट कर चुकी है कि फिलहाल E20 से आगे इथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाने की कोई तत्काल योजना नहीं है. दूसरी ओर, E20 का विरोध करने वाले ग्रुप इसे उपभोक्ताओं पर थोपा गया फैसला बताते हुए सामान्य पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं.