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विविध

explosion in tehran iran

शील्ड ऑफ जूडा... ईरान पर हमले के लिए इजरायल ने क्यों चुना ये नाम?

28 फरवरी 2026

इजरायल ने शनिवार को ईरान पर शील्ड ऑफ जूडा नामक ऑपरेशन के तहत हमला किया जिसमें ईरान के राष्ट्रपति भवन और खुफिया एजेंसी मुख्यालय को निशाना बनाया गया. इस ऑपरेशन का नाम यहूदी इतिहास और धार्मिक प्रतीकों से जुड़ा है, जो सुरक्षा और शक्ति का प्रतीक है.

Rashmika Mandana Vijay

कैसे होती है कोडवा शादी? क्या है वो परंपरा जिससे एक हुए रश्मिका-विजय

27 फरवरी 2026

अभिनेता विजय देवरकोंडा और अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने उदयपुर में अपनी शादी कोडवा समाज की परंपराओं के अनुसार संपन्न की. कोडवा जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक पहनावे, हथियारों की पूजा और सामाजिक संरचना को इस शादी में प्रमुखता मिली.

Shivji Mṛigchhala & Holika Dahan Katha: जानें कनेक्शन?

26 फरवरी 2026

Holi special: क्यों पहनते हैं Shivji मृगछाला? Hiranyakashipu, Prahlad, Narasimha avatar और Sharabh रूप से जुड़ी पौराणिक कथा का आध्यात्मिक अर्थ और Holika Dahan connection.

Japan Visit: CM योगी को मिला ये Mahavir Idol Gift

26 फरवरी 2026

Japan दौरे पर CM Yogi Adityanath को Jain Sadhvi Tulsi ने भगवान Mahavir Swami की प्रतिमा भेंट की. अहिंसा, tolerance और cultural connect पर हुई चर्चा.

Holi and Holika Dahan

शिवजी क्यों पहनते हैं मृगछाला... होलिका दहन, नरसिंह अवतार से क्या है कनेक्शन

26 फरवरी 2026

होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह अहंकार और क्रोध पर विजय का प्रतीक भी है. पौराणिक कथाओं में हिरण्यकशिपु, प्रह्लाद, नरसिंह और शिवजी के शरभ अवतार की कहानी होली के गहरे अर्थ को दर्शाती है.

Japan CM Yogi

जापान में साध्वी ने सीएम योगी को जो मूर्ति गिफ्ट में दी उसका खास है महत्व

26 फरवरी 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जापान के दौरे पर हैं जहां उनका भव्य स्वागत हो रहा है. इस दौरान जैन श्वेतांबर साध्वी तुलसी ने उनसे मुलाकात की, जिन्होंने सीएम योगी को जैन तीर्थंकर महावीर स्वामी की प्रतिमा भेंट की. साध्वी ने हिंदुत्व की सहिष्णुता और तीर्थंकरों की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार पर चर्चा की.

Holashtak 2025 (Photo: Getty Images)

कल से आठ दिनों तक रहें सावधान, शुरू हो रहे अमंगली दिन

23 फरवरी 2026

होली से पहले आठ दिन का होलाष्टक माना जाता है अशुभ क्योंकि इस दौरान मंगलकार्य नहीं होते. शिवपुराण के अनुसार, कामदेव ने महादेव को समाधि से जगाने के लिए आठ दिन तक प्रयास किया, लेकिन उनकी तीसरी आंख खुलते ही कामदेव भस्म हो गए.

Bishnoi samaj

खेजड़ी, काला हिरन और... 29 नियमों को मानने वाला बिश्नोई समाज अनूठा क्यों है

07 फरवरी 2026

बिश्नोई समाज भारत का एक ऐसा धार्मिक और सामाजिक समुदाय है जो प्रकृति के साथ सहजीवन को जीवन का मूल सिद्धांत मानता है. गुरु जाम्भेश्वर द्वारा स्थापित इस समाज ने 29 नियम बनाए, जिनका केंद्र पर्यावरण संरक्षण है.

Mahashivratri Mahadev

शिव पूजा से शेयर बाजार तक... महादेव का वाहन नंदी इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

06 फरवरी 2026

शिवालयों में नंदी बैल शिवलिंग की ओर मुख करके बैठा होता है, जो शक्ति, सामर्थ्य और विनम्रता का प्रतीक है. नंदी की उत्पत्ति से जुड़ी कई पुराणिक कथाएं हैं, जो उसकी दिव्यता और शिव के प्रति भक्ति को दर्शाती हैं. हिंदू परंपरा में नंदी का महत्व गहरा है, वह शक्ति, उर्वरता और धर्म का प्रतीक माना जाता है.

Hastinapur Pandav Tila

बजट के बहाने याद आया हस्तिनापुर... जैन तीर्थ में कैसे तब्दील हो गई महाभारत की राजधानी?

02 फरवरी 2026

हस्तिनापुर, जो महाभारत की राजधानी के रूप में प्रसिद्ध है, आज एक प्रमुख जैन तीर्थ स्थल के रूप में जाना जाता है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इसे पुरातात्विक-पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है. पुरातत्व खुदाइयों में कई प्राचीन अवशेष मिले हैं, जिन्हें लेकर रिसर्च जारी है. जबकि जैन परंपरा ने यहां कई धार्मिक संरचनाएं स्थापित की हैं.

The Centre has also pegged its capital expenditure at Rs 12.2 lakh crore in FY27.

हस्तिनापुर, सारनाथ, धोलावीरा... महाभारत और बौद्धकालीन टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा, बजट में ऐलान

01 फरवरी 2026

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट-2026 में 15 प्रमुख पुरातात्विक स्थलों को पर्यटन के लिए विकसित करने की योजना का ऐलान किया है. इन स्थलों में राखीगढ़ी, लोथल, सारनाथ, हस्तिनापुर, धोलावीरा जैसे ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं.

mahatma gandhi samadhi sthal

न मंदिर भाया न मूर्ति... काला संगमरमर कैसे बना महात्मा गांधी की यादगार का प्रतीक

30 जनवरी 2026

30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या ने पूरे देश और विश्व को हिला कर रख दिया. भारत की आजादी के शुरुआती छह महीनों में यह घटना देश की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना गई, लेकिन इसी तनाव भरी स्थिति के बीच कैसे राजघाट बना उनका समाधि स्थल?

Kantara Chapter 1 ending, Berme's fight explained: Is the 3rd film loading?

कांतारा की चावुंडी दैव कौन हैं... रणवीर सिंह के लिए क्यों भारी पड़ गया है मजाक

29 जनवरी 2026

अभिनेता रणवीर सिंह पर कांतारा फिल्म की दैव परंपरा चावुंडी दैव से तुलना करते हुए विवादित एक्ट करने के आरोप में FIR दर्ज हुई है. कांतारा की दैव परंपरा दक्षिण भारत की प्राचीन लोक आस्था और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है, जिसमें चावुंडी दैव एक उग्र रक्षक शक्ति के रूप में पूजी जाती हैं.

Bharat EU deal

यूं ही नहीं हुई ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’, पीछे है 2000 साल पुरानी विरासत

27 जनवरी 2026

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ समझौता केवल टैरिफ या सप्लाई चेन तक सीमित नहीं है, बल्कि सदियों पुराने भारत-यूरोप व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों की निरंतरता को दर्शाता है. इस ऐतिहासिक डील के पीछे भारत और यूरोप के बीच दो हजार साल पुराना व्यापारिक संबंध भी है.

जानिए अब कैसा बन रहा है मणिकर्णिका तीर्थ(Photo: Getty Images)

पेशवा बाजीराव से रानी बैजाबाई तक... अहिल्याबाई के अलावा किस-किस ने संवारा था मणिकर्णिका घाट

20 जनवरी 2026

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का इतिहास पौराणिक मान्यताओं, ऐतिहासिक घटनाओं और कई शासकों के संरक्षण से जुड़ा है. हाल ही में घाट के जीर्णोद्धार को लेकर विवाद उठे हैं, जिससे स्थानीय लोग नाराज़ हैं. महारानी अहिल्याबाई होल्कर सहित कई शासकों ने घाट के पुनर्निर्माण में योगदान दिया.

Kashi Manikarnika

मणिकर्णिका कैसे बना मुक्ति क्षेत्र... क्यों यहां खुद को आरे से चिरवा लेते थे लोग

20 जनवरी 2026

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रही बुल्डोजर कार्रवाई ने स्थानीय लोगों में गुस्सा और विरोध को जन्म दिया है. घाट के विस्तार और अतिक्रमण हटाने की योजना के तहत हो रही तोड़फोड़ ने विवाद को और बढ़ा दिया है.

Darbhanga Raj history

दरभंगा राजवंश और उसकी अंतिम महारानी: वैभव, रहस्य और पतन की कहानी

18 जनवरी 2026

दरभंगा राज की अपार संपदा और शाही वैभव का अध्याय हाल ही में 96 वर्ष की आयु में महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के साथ समाप्त हो गया. यह कहानी केवल धन-दौलत की नहीं, बल्कि साज़िश, रहस्य और एक शांत त्रासदी की भी है.

Makar Sankranti

स्वाद, संस्कार और समरसता का प्रतीक... वेदमंत्रों से मुहावरों तक खिचड़ी का साम्राज्य

15 जनवरी 2026

खिचड़ी भारत की सांस्कृतिक और पाक परंपरा का एक अनमोल हिस्सा है, जिसका इतिहास वैदिक काल से शुरू होता है. यह सरल, पौष्टिक और सुपाच्य भोजन है जो हर भारतीय के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है,

Ganga Snan Magh Makar Sankranti

खिचड़ी, पोंगल, बिहू, लोहड़ी... वो नाम जो मकर संक्रांति को बनाते हैं 'देश का त्योहार'

14 जनवरी 2026

मकर संक्रांति भारत के सभी राज्यों में विभिन्न नामों से मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो सूर्य के मकर राशि में प्रवेश पर आधारित है. यह पर्व प्रकृति की पूजा, नदी में स्नान, दान और सामाजिक सौहार्द के संदेश को बढ़ावा देता है.

Makar Sankranti

जब खिचड़ी ने करा दिया एक 'क्रूर साम्राज्य' का अंत... मगध में नंदवंश के विनाश की कहानी

14 जनवरी 2026

मकर संक्रांति के पर्व पर खिचड़ी बनाना और बांटना एक प्राचीन परंपरा है जो स्वास्थ्य और औषधि के रूप में मानी जाती है. बिहार के मगध साम्राज्य के इतिहास में खिचड़ी का विशेष स्थान है, जहां यह साम्राज्य के अंत और नए साम्राज्य के उदय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.

Makar Sankranti

जब 12 वर्षों तक भूखे भटकते रहे थे जगन्नाथ और बलराम, खिचड़ी भी नहीं हुई थी नसीब

13 जनवरी 2026

खिचड़ी एक ऐसा व्यंजन है जो सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक माना जाता है. यह व्यंजन दाल और चावल के मिलन से बनता है, जो अलग-अलग अन्नों को एक साथ जोड़कर एक नई चीज बनाता है. मकर संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी भोज का आयोजन होता है, जो समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाता है.

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