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विविध

Makar Sankranti

जब 12 वर्षों तक भूखे भटकते रहे थे जगन्नाथ और बलराम, खिचड़ी भी नहीं हुई थी नसीब

13 जनवरी 2026

खिचड़ी एक ऐसा व्यंजन है जो सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक माना जाता है. यह व्यंजन दाल और चावल के मिलन से बनता है, जो अलग-अलग अन्नों को एक साथ जोड़कर एक नई चीज बनाता है. मकर संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी भोज का आयोजन होता है, जो समाज के सभी वर्गों को एक साथ लाता है.

Makar Sankranti

छप्पन भोग छोड़कर खिचड़ी खाने पहुंच गए थे भगवान... जगन्नाथ मंदिर के महाप्रसाद कैसे शामिल हुई 'खेचुड़ी'

13 जनवरी 2026

खिचड़ी भारतीय घरों में स्वास्थ्य और पोषण का प्रतीक रही है, जिसे पुरी के जगन्नाथ मंदिर में महाप्रसाद के रूप में विशेष स्थान प्राप्त है. कहानी के अनुसार, भगवान जगन्नाथ ने एक भक्त कर्माबाई की बनाई खिचड़ी खाई थी, जिससे यह भोजन और भी पवित्र माना जाने लगा.

Lohri Festival

हिंसा की 'आग' में जल रहे ईरान का क्या है लोहड़ी कनेक्शन

12 जनवरी 2026

पंजाब की लोहड़ी और ईरान के चहार-शंबे सूरी त्योहार में आग की पूजा और सामूहिक उत्सव की परंपराएं मिलती-जुलती हैं. दोनों देशों में आग को पवित्र माना जाता है और इसे ऊर्जा, चेतना और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है.

Neelkanth Varni

सोने सी चमक, आसमान सी ऊंचाई... अक्षरधाम मंदिर में बन रही विशालकाय सुनहरी प्रतिमा किसकी

09 जनवरी 2026

नई दिल्ली के अक्षरधाम मंदिर परिसर में भगवान स्वामिनारायण की बाल्यकाल की 108 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जा रही है, जो उनकी कठिन तपस्या और आध्यात्मिक अनुशासन का प्रतीक है.

Somnath Mandir

गजनवी, सोमनाथ और तीन देवियां... सिर्फ धन लूट नहीं थी आक्रांता महमूद के हमले की वजह

08 जनवरी 2026

1026 ईस्वी में महमूद गजनवी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर पर हमला किया था, जिसे केवल लूट या सैन्य अभियान के रूप में नहीं देखा जा सकता. गजनवी के दरबारी इतिहासकारों ने इस घटना को धार्मिक दृष्टिकोण से जोड़ा और कहा कि सोमनाथ मंदिर की मूर्ति का संबंध इस्लाम-पूर्व अरब की देवी मनात से था.

Time Tide and Tamil

संस्कृत से मिलावट और अंग्रेजों का बंटवारा... द्रविड़ से द्रविड़ियन बनने की कहानी

08 जनवरी 2026

द्रविड़ शब्द की उत्पत्ति संस्कृत से हुई और यह तमिल भाषी दक्षिण भारतीयों की पहचान बन गया. विजयनगर साम्राज्य के दौरान तमिलकम को द्रविड़ मंडल के रूप में पहचाना गया और तमिल भाषा को संरक्षण मिला.

Karthigai deepam

दीप, दीपथून और दरगाह... मदुरै की पवित्र पहाड़ी पर कहां से आया 'विवाद का टीला'

06 जनवरी 2026

मदुरै की थिरुपरंकुंद्रम पहाड़ी, जो भगवान मुरुगन के दक्षिण दिशा के पहले निवास के रूप में प्रसिद्ध है, पर कार्तिकेय दीपम की परंपरा विवाद का विषय बन गई है. यह विवाद दीप जलाने की सही जगह को लेकर धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बहसों को जन्म दे रहा है.

Paramhansa Yoganand

गीता के कर्मयोग को क्रिया योग में बदला... कहानी परमहंस योगानंद की, महात्मा गांधी भी थे जिनके मुरीद

05 जनवरी 2026

परमहंस योगानंद ने क्रिया योग के माध्यम से आध्यात्मिक शांति, मानसिक स्थिरता और जीवन में संतुलन का मार्ग दिखाया. उनकी शिक्षाएं आज भी योग साधकों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं, जिन्होंने ध्यान और क्रिया योग के अभ्यास से जीवन की जटिलताओं को सरल बनाया.

wolf moon

क्या होने वाला है आज की रात... जनवरी की पूर्णिमा और भेड़ियों की चीख का डरावना कनेक्शन

03 जनवरी 2026

जनवरी की पूर्णिमा को वुल्फ मून कहा जाता है, जब भेड़िये अपनी रहस्यमयी हूक से वातावरण को गूंजित करते हैं. भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में इस रात को नकारात्मक शक्तियों और मानसिक उथल-पुथल से जोड़ा गया है.

Mahatma Buddha Piparhawa Stoop

महात्मा बुद्ध की अस्थियां, सोने के गहने और... पीएम मोदी कल करेंगे पवित्र पिपरहवा अवशेष की प्रदर्शनी का उद्घाटन 

02 जनवरी 2026

पिपरहवा अवशेष भगवान बुद्ध की जन्मभूमि कपिलवस्तु से जुड़े हैं और 127 वर्षों बाद भारत लौटे हैं. प्रदर्शनी बौद्ध धर्म की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है. पिपराहवा अवशेषों में ब्राह्मी लिपि में संदेश भी है, जो शाक्य वंश से जुड़ा है.

roman calendar

कभी साल में थे 445 दिन, अचानक गायब कर दिए गए 10 दिन, अब 365... जानें कैलेंडर का इतिहास

31 दिसंबर 2025

आज जो कैलेंडर हम देख रहे हैं वह बहुत सुधारों और बदलावों के बाद हमारे सामने है. कैलेंडर में महीनों के बंटवारे, दिनों की निर्धारित संख्या और यहां तक कि इसे पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की परिक्रमा गति से भी मिलाने की कोशिश की गई है. आज हमारा एक साल 365 दिन का है, लेकिन एक दौर ऐसा भी रहा है, जब एक साल में बढ़ते-बढते 445 दिन भी हो गए थे.

roman calendar

जनवरी-फरवरी थे ही नहीं, मार्च-अप्रैल भी हैं बदले हुए नाम... कैसा रहा महीनों का इतिहास

31 दिसंबर 2025

प्राचीन रोमन कैलेंडर में महीनों के नाम देवताओं और गिनतियों पर आधारित थे. जनवरी और फरवरी पहले महीनों के रूप में नहीं थे, बल्कि मार्च से वर्ष शुरू होता था. प्रत्येक महीने का नाम रोमन देवताओं या उनके क्रम के अनुसार रखा गया था.

Roman calendar

आत्मा की शुद्धि, पूर्वजों की याद और बेनाम समय... रोमन कैलेंडर में कहां से आया फरवरी

29 दिसंबर 2025

फरवरी महीना रोमन कैलेंडर में कभी साल का आखिरी महीना हुआ करता था, जिसका नाम धार्मिक शुद्धि और मृतकों की यादगार से जुड़ा था. इस महीने का नाम 'फेब्रुअम' से आया, जिसका अर्थ है शुद्धि का साधन. रोमन राजा नूमा पोम्पिलियस ने साल को दस से बारह महीनों में बांटा, जिससे जनवरी और फरवरी नए महीने बने.

 Queen Heo Hwang-ok

श्रीराम की नगरी में विदेशी रानी की प्रतिमा... अयोध्या में कोरियन पार्क बनने की वजह क्या

29 दिसंबर 2025

अयोध्या में बीते हफ्ते दक्षिण कोरियाई रानी हेओ ह्वांग-ओक की 10 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया गया, जो भारत और कोरिया के 2000 साल पुराने सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है. रानी हेओ ह्वांग-ओक कोरियाई इतिहास में अयोध्या की राजकुमारी सुरिरत्ना के रूप में जाना जाता है.

Roman Calander

सर्दियों का मौसम नहीं था शामिल... कितना अलग था शुरुआती रोमन कैलेंडर

29 दिसंबर 2025

प्राचीन रोम में राजा रोमुलस द्वारा बनाया गया 10 महीने वाला कैलेंडर 304 दिनों का था, जिसमें सर्दियों के 61 दिन शामिल नहीं थे. नूमा पोंपिलियस ने इसे सुधारते हुए जनवरी और फरवरी महीने जोड़े, जिससे कैलेंडर 12 महीनों और लगभग 355 दिनों का हो गया.

Dhaka, Bangladesh

हिंसा में जलते ढाका का सनातनी कनेक्शन... सदियों पुरानी परंपरा और शक्तिपीठ से जुड़ाव

27 दिसंबर 2025

ढाकेश्वरी मंदिर बांग्लादेश की राजधानी ढाका का एक प्राचीन धार्मिक स्थल है, जो देवी दुर्गा के एक स्वरूप पर आधारित है और शहर का नाम इसी मंदिर से जुड़ा है. यह मंदिर शाक्त पीठ माना जाता है और इसका निर्माण 12वीं शताब्दी में सेन वंश के राजा बल्लाल सेन ने कराया था.

New Year 2026 January Story

जनवरी कैसे बना साल का पहला महीना... दो चेहरे वाले देवता और कैलेंडर की कहानी

26 दिसंबर 2025

जनवरी महीने की उत्पत्ति प्राचीन रोमन मिथकों से जुड़ी है, जिसमें देवता जानूस को नए साल की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. रोमन राजा नूमा पोंपिलियस ने 713 ईसा पूर्व में जनवरी को वर्ष का पहला महीना घोषित किया था.

Roman Calendar history

कैलेंडर शब्द कहां से आया? प्राचीन रोमन परंपराओं से क्या है कनेक्शन

26 दिसंबर 2025

रोमन काल गणना में महीने का पहला दिन 'कैलेंडे' कहलाता था और यहीं से निकला है कैलेंडर शब्द. हालांकि कैंलेंड से कैलेंडर की शब्द यात्रा काफी लंबी रही है. इस बीच काल गणना और वर्ष के दिनों की गिनती कई सुधारों से होकर गुजरी है.

क्रिसमस के त्योहार का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है.

ईसा को मानने वाले ब्रिटेन-अमेरिका ने ही क्रिसमस पर लगा दी थी रोक

25 दिसंबर 2025

क्रिसमस का त्योहार आज पूरी दुनिया में धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन 17वीं सदी में ब्रिटेन और अमेरिका में इसे प्रतिबंधित कर दिया गया था. उस समय के प्रोटेस्टेंट शासकों ने इसे गैर-धार्मिक और अनैतिक माना था.

Christmas Tree: 25 दिसंबर को क्यों सजता है ये खास ट्री?

24 दिसंबर 2025

Christmas Tree की परंपरा बाइबिल से नहीं बल्कि यूरोपीय लोककथाओं और संस्कृति से जुड़ी है. जानिए 25 December को Christmas Tree सजाने का इतिहास और मतलब.

Christmas Tree

बाइबिल में जिक्र नहीं... जानें फिर क्रिसमस ट्री कैसे बना 25 दिसंबर का हिस्सा?

24 दिसंबर 2025

क्रिसमस ट्री की परंपरा यूरोप से शुरू होकर भारतीय गली-मोहल्लों तक पहुंची है. यह पेड़ न केवल धार्मिक प्रतीक है बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक महत्व भी रखता है. इसकी सजावट में विभिन्न प्रतीक शामिल हैं जो खुशी, समृद्धि और सकारात्मकता दर्शाते हैं.

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