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लोककला

masan holi

अछूत है चिता की राख.... फिर कैसे पवित्र बन जाती है श्मशान की भस्म होली

28 फरवरी 2026

मणिकर्णिका घाट को केवल श्मशान स्थल नहीं बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच की गहराई को समझने वाला स्थान माना जाता है. यहां राख से होली खेलने की परंपरा है जो बंधनों को तोड़कर आत्मा की शुद्धि और मुक्ति का प्रतीक है.

Holi Festivals

फाग से जोगीरा तक... अंत की दहलीज पर खड़ी एक नई मौज का नाम है होली

26 फरवरी 2026

फाल्गुन मास को लेकर यह लेख होली के त्योहार की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को दर्शाता है. यह बताता है कि कैसे फागुन का महीना जीवन के अंत और नए आरंभ का प्रतीक है, जिसमें दुख नहीं बल्कि उल्लास होता है.

Holashtak (file photo)

एक बच्चे पर क्रूरता की पूरी कहानी... होलाष्टक के 8 दिन इसलिए माने जाते हैं अशुभ

23 फरवरी 2026

होली से पहले के आठ दिन जिन्हें होलाष्टक कहा जाता है, अशुभ माने जाते हैं और इस दौरान कोई शुभकार्य नहीं किया जाता. यह परंपरा दैत्य हिरण्यकश्यप और उनके पुत्र प्रह्लाद की पौराणिक कथा से जुड़ी बताई जाती है.

Gujarat Budget Book

कौन हैं 'कंसारी देवी' जो गुजरात सरकार की बजट बुक पर नजर आईं

18 फरवरी 2026

गुजरात सरकार ने इस बार के बजट में वारली पेंटिंग और आदिवासी देवी कंसारी देवी की छवि को शामिल कर आदिवासी संस्कृति को सम्मानित किया है. वारली पेंटिंग, जो दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र के आदिवासी क्षेत्रों की पारंपरिक कला है, को बजट कवर पर प्रदर्शित किया गया है.

President Droupadi Murmu inaugurated the centenary celebrations of the Ol Chiki script

100 साल की हुई ओलचिकी लिपि, राष्ट्रपति ने बताया संथाली पहचान की प्रतीक

16 फरवरी 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ओल चिकी लिपि को संथाली भाषा और समुदाय की पहचान का एक शक्तिशाली प्रतीक बताया. उन्होंने इस शताब्दी पुरानी लिपि के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया.

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