मिडिल-ईस्ट में तनाव के खत्म होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं. इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बड़ी चेतावनी दे दी है. उन्होंने कहा है कि अगर एक बार फिर जंग शुरू होती है तो ईरान जवाब देने में पीछे नहीं हटेगा. अराघची ने ये भी साफ कप दिया है कि अब होर्मुज को लेकर व्यवस्था पहले जैसी नहीं रहेंगी.
ईरानी विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा कि 40 दिनों के भीषण युद्ध के बाद पूरे क्षेत्र में मौलिक और रणनीतिक बदलाव आ चुके हैं. उन्होंने कहा कि होर्मुज दशकों से खुला रहा है. ईरान और ओमान, दोनों देशों ने कभी भी समुद्री आवाजाही में कोई रुकावट पैदा नहीं की. हमेशा सुरक्षा और पर्यावरण की रक्षा की गई. लेकिन मौजूदा युद्ध ने सब कुछ बदलकर रख दिया है.
अराघची ने कहा, 'हमें ये कुबूल करना होगा कि अब नई चीजें हावी हैं. होर्मुज के जरिए जहाजों की आवाजाही का रास्ता अब पहले जैसा नहीं रहेगा. इसका प्रबंधन भी बदल जाएगा. इन मुद्दों पर हमारे और ओमान के बीच बातचीत हुई है और ये चर्चा आगे भी जारी रहेगी.'
'तीसरे हमले का अंजाम भी अलग नहीं होगा'
अराघची ने आगे बताया कि युद्ध छिड़े या न छिड़े, ईरान की नीतियां नहीं बदलेंगी. उन्होंने कहा, 'आजकल एक और जंग की बात हो रही है. मैं अभी से सोच रहा हूं कि जंग के बाद क्या होगा. जंग हो या न हो, हमारी पॉलिसी वैसी ही रहेंगी. अगर कोई समझदार होगा, तो वो ईरानी लोगों पर दूसरा मिलिट्री हमला या हमला करने की कोशिश नहीं करेंगे. उन्होंने (अमेरिका-इजरायल) दो बार कोशिश की है और नतीजे देखे हैं. अगर वो एक बार और कोशिश करना चाहते हैं, तो ये उनकी मर्जी है. उन्हें पिछली कोशिश से कोई अलग नतीजा नहीं मिलेगा.'
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ट्रंप ने दी थी ये धमकी
ईरान का ये रुख अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ एक और छोटा अभियान 'एपिक फ्यूरी' चला सकता है. हालांकि, ट्रंप ने ये भी संकेत दिया था कि 3 नवंबर के अमेरिकी मिड-टर्म इलेक्शन से पहले कोई हमला नहीं होगा और ये युद्ध जल्द ही खत्म हो जाएगा.
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