आसान नहीं आजम खान की जेल से रिहाई! ईडी की नई FIR ने बढ़ाई मुश्किलें

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की शिकायत के आधार पर रामपुर के अजीमनगर थाने में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान, जौहर ट्रस्ट और अन्य के खिलाफ गंभीर धाराओं में नया मुकदमा दर्ज किया गया है. जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं का आरोप है.

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सपा नेता आजम खान (Photo: ITG) सपा नेता आजम खान (Photo: ITG)

aajtak.in

  • रामपुर ,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:09 PM IST

सपा नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं. बताया जा रहा है कि उनकी रिहाई अब मुश्किल हो गई है. इसकी वजह प्रवर्तन निदेशालय (ED) है, जिसने बीते दिनों आजम पर नई एफआईआर दर्ज की है.

बता दें कि ED की जांच के बाद रामपुर के अजीमनगर थाने में 13 अक्टूबर की रात को समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और कुछ ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी. ईडी के डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस थोर्ट की शिकायत पर यह कार्रवाई हुई.

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आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण में 494.46 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि आयकर रिटर्न में केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दिखाकर लगभग 416 करोड़ रुपये का हिसाब छिपाया गया. इस मामले में ईडी की टीम ने रामपुर जिला जेल में बंद आजम खान से पूछताछ भी की है. 

इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले और ईडी की कार्रवाई के बीच फंसी रिहाई

दो पैन कार्ड रखने के मामले में सजा के खिलाफ आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिस पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. हालांकि, कानून के जानकारों और बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का मानना है कि यदि आजम खान को पैन कार्ड मामले में राहत मिल भी जाती है, तो भी ईडी द्वारा दर्ज इस नए मामले और अन्य प्रकरणों के कारण उनका जेल से बाहर आना फिलहाल आसान नहीं होगा. जब तक नए मामलों में जमानत या कानूनी राहत नहीं मिलती, तब तक उनकी न्यायिक हिरासत बनी रह सकती है.

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जौहर यूनिवर्सिटी निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप

भाजपा के रामपुर शहर विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर शुरू हुई जांच के बाद ईडी ने यह बड़ा कदम उठाया है. आरोप है कि जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के दौरान 26 किसानों की जमीन और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया. इसके अलावा, सरकारी ठेकों और विभागों का पैसा यूनिवर्सिटी के निर्माण में लगाया गया तथा बाद में उन संपत्तियों का मालिकाना हक ट्रस्ट को दे दिया गया. शुरुआती जांच में लगभग 85.81 करोड़ रुपये के ऐसे कार्यों की बात सामने आई है, जिन्हें सरकारी धन से कराकर यूनिवर्सिटी को सौंपा गया.

चार सदस्यीय ईडी टीम ने जिला जेल में की पूछताछ

मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी की चार सदस्यीय टीम रामपुर जिला कारागार पहुंची और वहां बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से लगभग 8 घंटे तक पूछताछ की. इसके बाद टीम ने अजीमनगर थाने में पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई. इस मामले की विवेचना सीओ टांडा पंकज पंत को सौंपी गई है. पुलिस अधीक्षक रामपुर अनिल सिंह सिसोदिया ने बताया कि ईडी की रिपोर्ट के आधार पर बीएनएस और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है.

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भाजपा विधायक आकाश सक्सेना और एसपी के बयान

शिकायतकर्ता विधायक आकाश सक्सेना ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 2017 के बाद से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों से यह स्पष्ट हो गया है कि किस तरह गलत तरीके से सरकारी जमीनों और धन का उपयोग कर जौहर यूनिवर्सिटी का साम्राज्य खड़ा किया गया. वहीं, पुलिस अधीक्षक अनिल सिंह सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि यूनिवर्सिटी निर्माण में लागत कम दिखाने और सरकारी विभागों के पैसे से सभागार व बिल्डिंग बनाकर उन्हें ट्रस्ट के नाम करने के आरोप में मामला दर्ज हुआ है, जिसकी गहन विवेचना की जा रही है.

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