आजम खान, राजनेता
मोहम्मद आजम खान (Mohammad Azam Khan) एक भारतीय राजनेता और रामपुर से सांसद हैं (MP, Rampur). वह समाजवादी पार्टी (SP Leader) के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं और उत्तर प्रदेश की 17वीं विधान सभा के सदस्य थे. वह उत्तर प्रदेश सरकार में सबसे वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी थे और रामपुर विधानसभा क्षेत्र से नौ बार विधान सभा के सदस्य रहे हैं (Azam Khan Politician).
आजम खान का जन्म 14 अगस्त 1948 रामपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था (Azam Khan date of Birth). उनकी मां मुमताज खान थी (Azam Khan Parents). उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की (Azam Khan Education). खान ने 1981 में तजीन फातमा से शादी की और उनके दो बेटे हैं (Azam Khan Wife). राजनीति में आने से पहले, उन्होंने एक वकील के रूप में काम किया. उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान 2017 से 2019 तक स्वारटांडा से विधायक थे (Azam Khan Son).
आजम खान रामपुर विधानसभा क्षेत्र से नौ बार विधायक रहे हैं. वह उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं. 1980 और 1992 के बीच वह चार अन्य राजनीतिक दलों के सदस्य रहे हैं और अब समाजवादी पार्टी के सदस्य हैं. अपने पहले कार्यकाल (8वीं विधान सभा) के दौरान, वह जनता पार्टी (सेक्युलर) के सदस्य थे. अपने दूसरे कार्यकाल (9वीं विधान सभा) के दौरान, वे लोक दल के सदस्य थे. खान अपने तीसरे कार्यकाल (10वीं विधान सभा) के दौरान जनता दल के सदस्य थे और अपने चौथे कार्यकाल (11वीं विधान सभा) में आजम खान जनता पार्टी के सदस्य थे. 1993 से (12वीं विधानसभा) वे समाजवादी पार्टी के सदस्य रहे हैं. हालांकि, 15वें लोकसभा चुनावों के दौरान, समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार जयाप्रदा के विरोध और विवादों के कारण 24 मई 2009 को, उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था. बाद में समाजवादी पार्टी ने उनका निष्कासन रद्द कर दिया और वह 4 दिसंबर 2010 को फिर से पार्टी में शामिल हो गए. 2014 में अपनी सफल जीत के बाद, खान को 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी द्वारा रामपुर निर्वाचन क्षेत्र से टिकट दिया गया है (Azam Khan Political Career).
आजम खाल सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं हैंं.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान को लेकर बयानबाजी और सियासी घमासान तेज हो गया है. गाजियाबाद की विशेष अदालत ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी भी आजम खान को रिमांड पर लेने की पूरी तैयारी में है. जांच एजेंसी जोहर यूनिवर्सिटी से जुड़े फंड्स में वित्तीय अनियमितताओं और मनी ट्रेल के मामले में उनसे विस्तार से पूछताछ करना चाहती है.
आजम खान ने ED की मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तारी को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. गाजियाबाद कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है. जौहर यूनिवर्सिटी की 1,170 करोड़ की संपत्तियां भी अटैच की गई हैं. जानें क्या है मामला.
गाजियाबाद PMLA कोर्ट में रविवार को आजम खान से जुड़े मामले की सुनवाई हुई. जहां प्रवर्तन निदेशालय ने उनकी 14 दिन की कस्टडी की मांग की थी. कोर्ट ने सुनवाई के बाद आजम खान को डासना जेल भेजा है.
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान को गाजियाबाद की पीएमएलए कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उन्हें डासना जेल में रखा जाएगा. इस बीच प्रवर्तन निदेशालय जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग में कथित वित्तीय अनियमितताओं और पैसों के लेनदेन की जांच कर रहा है. ईडी सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी अगले एक-दो दिनों में अदालत में रिमांड की अर्जी दे सकती है, ताकि आजम खान से पूछताछ की जा सके.
गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए कोर्ट ने आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में डासना जेल भेजने का आदेश दिया है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग की थी. कोर्ट के इस फैसले से आजम खान को बड़ा झटका लगा है और अब उन्हें डासना जेल में रहना होगा.
31 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सपा नेता आजम खान रामपुर जेल से रिहा हुए, लेकिन जेल से बाहर निकलते ही ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। अब ED उन्हें 1 नवंबर सुबह करीब 10 बजे कोर्ट में पेश कर कस्टडी की मांग करेगी।
रामपुर जेल से आजम खान की रिहाई के बाद ED ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. शनिवार को ED की टीम CRPF के जवानों के साथ जेल के बाहर पहुंची और आजम खान को अपने साथ ले गई. ED ने इस मामले में 14 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया था. इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम की जमानत अर्जी मंजूर की थी और सजा निलंबित की थी.
राजगढ़ में सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के चंदे, EVM और वोटर लिस्ट पर सवाल उठाए. आजम खान को अच्छा राजनेता बताते हुए भाजपा को चुनौती दी.
आजम खान के बारे में कहा जा रहा है कि वो जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं, क्योंकि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से जमानत दे दी गई है. ये केस दो-दो पैन कार्ड के फर्जीवाड़े का था, जिसमें आजम खान और उनके बेटे दोनों को सजा हो चुकी थी. सपा समर्थकों को लग रहा है कि आजम खान जमानत पर छूटकर बाहर आएंगे. चुनावों से ठीक पहले आजम खान का जेल से बाहर आना क्या अखिलेश यादव को बड़ा फायदा दे सकता है? देखें विशेष.
UP Election 2027 से पहले आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दो पैन कार्ड मामले में कोर्ट ने दोनों की जमानत मंजूर करते हुए सजा निलंबित कर दी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी।
दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है. जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने दोनों की सजा निलंबित कर दी, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी.
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव आज रामपुर के दौरे पर पहुंचे हैं. वहां उनकी जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात हुई है. अखिलेश यादव के इस दौरे को आगामी यूपी विधानसभा चुनाव की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. माना जा रहा है कि इसके जरिए रामपुर में सीटों के समीकरण साधने और समाजवादी पार्टी की अंदरूनी कलह और गुटबाजी दूर करने की कोशिश होगी.
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे को लेकर अखिलेश यादव ने अपना रुख साफ किया है. इटावा के सैफई में मतदान के बाद उन्होंने कहा कि सपा और कांग्रेस दोनों को पता है कि कितनी सीटों पर बंटवारा होना है. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए दोनों दलों को रास्ता निकालना होगा. हालांकि, अखिलेश ने सीटों की संख्या का खुलासा नहीं किया.
आजम खान ने जेल में अखिलेश यादव को एक लिस्ट सौंपी है, जिनमें कुछ उम्मीदवारों के नाम लिखे हैं. दोनों नेताओं की बातचीत में कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की संभावित सीटों पर चर्चा की जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि आजम खान ने मुरादाबाद, मेरठ, बिजनौर और रामपुर समेत कई क्षेत्रों के दावेदारों के नाम सुझाए हैं.
अखिलेश यादव और आजम खान के बीच रामपुर जेल में हुई मुलाकात ने यूपी की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है. इस मुलाकात में जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे, आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे और रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की भूमिका पर चर्चा हुई. आने वाले समय में इस मुलाकात का असर सपा की चुनावी रणनीति पर देखने को मिल सकता है.
अखिलेश यादव का रामपुर दौरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है. ओवैसी के दौरे के बाद अखिलेश का आजम खान से मिलना 2027 के चुनाव की तैयारी माना जा रहा है. रामपुर और मुरादाबाद मंडल में आजम खान का मजबूत जनाधार रहा है. अब देखना होगा कि सपा इस गढ़ को कैसे मजबूत रखती है.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज उत्तर प्रदेश के रामपुर दौरे पर हैं. वहां वे अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जिला जेल में मुलाकात करेंगे. इस मुलाकात को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी सरगर्मी बढ़ गई है. अखिलेश यादव अपने निजी हेलीकॉप्टर से जोहार यूनिवर्सिटी के हेलीपैड पर पहुंचेंगे और इसके बाद सीधे जिला जेल जाएंगे.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने जेल में आजम खान से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि उनकी बातचीत अच्छी हुई और वह आजम के जल्द स्वस्थ होने और उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद करते हैं. अखिलेश ने बीजेपी पर आस्था से खिलवाड़ करने, जबकि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर चुनाव आयोग से फैसला लेने की मांग की.
अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर जाकर पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मिले. इसे लेकर मौलाना बरेलवी ने कहा कि 370 दिनों के बाद आजम खान से मिलने के लिए अखिलेश का रामपुर दौरा चुनाव से पहले मुसलमानों को लुभाने की रणनीति है, जो नाकाम रहेगी.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज रामपुर दौरे पर आजम खान से जेल में मुलाकात करेंगे. तय शेड्यूल के अनुसार वे दोपहर 12:20 बजे प्राइवेट हेलीकॉप्टर से जोहर यूनिवर्सिटी हेलीपैड पहुंचेंगे. इसके बाद वे रामपुर जिला जेल जाकर आजम खान से मिलेंगे. यह मुलाकात करीब 45 मिनट तक चलने की संभावना है, जिसे राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
ओवैसी की रामपुर रैली के बाद अब अखिलेश यादव आजम खान से मिलने जेल पहुंच रहे हैं। क्या AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की यूपी में बढ़ती सक्रियता ने समाजवादी पार्टी की चिंता बढ़ा दी है? या अखिलेश यादव की यह मुलाकात पार्टी के पुराने सियासी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिश है?