प्रवर्तन निदेशालय (ED) भारत सरकार की एक विशेष एजेंसी है, जो वित्तीय अपराधों की जांच और रोकथाम के लिए कार्यरत है. यह मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन से जुड़े मामलों की जांच करता है. यह भारतीय राजस्व सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के पदोन्नत अधिकारियों से बना है. विभाग की कुल संख्या 2000 से कम अधिकारियों की है, जिनमें से लगभग 70% अधिकारी अन्य संगठनों से प्रतिनियुक्ति से आए हैं, जबकि ईडी का अपना कैडर भी है (ED Cadre).
इस निदेशालय की स्थापना 1 मई 1956 को हुई थी (Formation of ED). इसका गठन तब हुआ जब विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1947 के तहत विनिमय नियंत्रण कानूनों के उल्लंघन से निपटने के लिए आर्थिक मामलों के विभाग में एक 'प्रवर्तन इकाई' का गठन किया गया था.
प्रवर्तन निदेशालय का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार के दो प्रमुख अधिनियमों को लागू करना है- पहला, विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम 1999 (FEMA) और दूसरा, धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 (PMLA).
ED की आधिकारिक वेबसाइट अपने अन्य उद्देश्यों को सूचीबद्ध करती है जो मुख्य रूप से भारत में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से जुड़े हैं (ED Website).
प्रवर्तन निदेशालय का मुख्यालय नई दिल्ली (New Delhi) में है (Headquarter of ED) और इसका नेतृत्व प्रवर्तन निदेशक करते हैं. मुंबई, चेन्नई, चंडीगढ़, कोलकाता और दिल्ली में पांच क्षेत्रीय कार्यालय हैं (. regional offices ED), जिनकी अध्यक्षता विशेष प्रवर्तन निदेशक करते हैं(headed by Special Directors of Enforcement).
निदेशालय के क्षेत्रीय कार्यालय अहमदाबाद, बेंगलुरु, चंडीगढ़, चेन्नई, कोच्चि, दिल्ली, पणजी, गुवाहाटी, हैदराबाद, जयपुर, जालंधर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, पटना और श्रीनगर में हैं. इनका नेतृत्व संयुक्त निदेशक करते हैं (Zonal offices ED).
निदेशालय के उप-क्षेत्रीय कार्यालय मंगलुरु, भुवनेश्वर, कोझीकोड, इंदौर, मदुरै, नागपुर, इलाहाबाद, रायपुर, देहरादून, रांची, सूरत, शिमला, विशाखापत्तनम और जम्मू में हैं, जिसके प्रमुख एक उप निदेशक होते हैं (sub-zonal offices ED).
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक घोटाले में ईडी ने आरोपी हाकम सिंह रावत की 63.30 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं. जांच में पता चला कि रावत और उसके गिरोह ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों से करोड़ों की वसूली की. इस मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी और चार्जशीट दाखिल की गई है.
सुनवाई के दौरान नागेश्वर राव के वकील ने कहा कि पूर्व मंत्री दिल के मरीज हैं. उनका बेटा हिरासत में है. उनकी मेडिकल रिपोर्ट रिकॉर्ड पर मौजूद है. लिहाजा उन्हें रियायत दिया जाए. हालांकि कोर्ट ने उसे सिरे से खारिज कर दिया.
मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में ED ने ऑनलाइन बेटिंग और गेमिंग फ्रॉड सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई की. जांच में ₹800 करोड़ की क्रिप्टो मनी ट्रेल, शेल कंपनियों और एडसम फिनटेक प्राइवेट लिमिटेड के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा हुआ है. पढ़ें पूरी कहानी.
ईडी ने मुंबई के होटल रंगशारदा और प्रभादेवी की जमीन समेत 332.24 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है. जांच में 512 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग, MHADA की जमीन के कथित दुरुपयोग और धोखाधड़ी के आरोप सामने आए हैं. पढ़ें पूरी कहानी.
ED के लखनऊ ज़ोनल कार्यालय ने आज PMLA एक्ट 2002 के तहत संतोष ओवरसीज लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ तलाशी अभियान चलाया. ED की ये कार्रवाई CBI के एक मामले के तहत की गई है, जिसमें कथित तौर पर लगभग 450 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी शामिल है.
नगर निगम भर्ती घोटाले के कथित मामले में ED ने TMC विधायक मदन मित्रा को 29 जुलाई को पूछताछ के लिए तलब किया है. इससे पहले उनकी पत्नी और दोनों बेटों को भी बैंक दस्तावेजों के साथ पेश होने का नोटिस दिया गया था.
आईपीएल के पहले चेयरमैन ललित मोदी को 2009 आईपीएल-साउथ अफ्रीका FEMA मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है. SAFEMA अपीलीय ट्रिब्यूनल ने ED के अधिकांश निष्कर्ष और जुर्माने रद्द कर दिए. फैसले के बाद ललित मोदी ने कहा कि 16 साल बाद सच सामने आया है और अब वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत लौटेंगे.
336 करोड़ रुपये के कथित क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड मामले में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया और बेंगलुरु में छापेमारी की. एक डच नागरिक से ठगी के आरोप में 87,000 USDT जब्त किए गए हैं और कई विदेशी निवेशकों से धोखाधड़ी किए जाने की जांच जारी है. पढ़ें पूरी कहानी.
ED ने महादेव ऑनलाइन ऐप से जुड़े कई करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एबिक्स (Ebix) ग्रुप के चेयरमैन और दिल्ली बीजेपी के आर्थिक सेल के संयोजक विकास गर्ग को मंगलवार को गिरफ्तार किया था. अब बीजेपी ने उनके खिलाफ एक्शन लेते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है.
उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठ और कथित टेरर फंडिंग नेटवर्क के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. लखनऊ समेत 13 स्थानों पर छापेमारी की गई है.
भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के वकीलों ने उनके केस लड़ने से इनकार कर दिया है क्योंकि वो लंबे समय से उनसे संपर्क में नहीं हैं. हालांकि ईडी ने इस मामले में वकीलों को कानूनी प्रक्रिया का पालन करने को कहा है. वहीं, दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी है.
हरियाणा के शिकोहपुर जमीन सौदे से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने दिल्ली की विशेष अदालत में सीलबंद स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है. एजेंसी ने बताया कि रियल एस्टेट कंपनी DLF की भूमिका की जांच अभी जारी है. मामले में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा समेत अन्य आरोपी पहले ही चार्जशीट का सामना कर रहे हैं.
श्चिम बंगाल में एक TMC की फंडिंग को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की जांच ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं. एजेंसी ने बड़े पैमाने पर बैंक खातों को फ्रीज किया है और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल में ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे संसाधनों के उपयोग और खरीद प्रक्रिया पर संदेह गहराया है.
टीएमसी ने ईडी के एक्शन को राजनीति से प्रेरित बताया है. पार्टी ने कहा है कि जमा राशि का पूरा विवरण पारदर्शी तरीके से चुनाव आयोग और आयकर विभाग को दिया जाता रहा है.
जांच में अब तक यह सामने आया है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से लगभग 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को ट्रांसफर किए गए.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली बार मनी लॉन्ड्रिंग केस में जब्त किए गए हॉकर (Hawker) 800A विमान को 3 करोड़ रुपये में नीलाम कर दिया. यह विमान 792 करोड़ रुपये के कथित पोंजी घोटाले के आरोपी अमरदीप कुमार और फाल्कन ग्रुप से जुड़ा था. पढ़ें क्या है ये पूरा मामला?
ED On Rajesh Exports Raids: प्रवर्तन निदेशालय ने 15.15 लाख करोड़ रुपये के स्कैम को लेकर राजेश एक्सपोर्ट्स के 9 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था और इसमें विदेशों लेन-देन समेत कई खामियां उजागर हुईं.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दिल्ली जोन-2 टीम ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में हुए कथित 600 करोड़ रुपये के मेडिकल उपकरण खरीद घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) का नया मामला दर्ज मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच एजेंसी ने डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) से सभी संबंधित डॉक्यूमेंट मांगे हैं.
ED ने बुधवार को दिल्ली में पांच ठिकानों पर छापेमारी के बाद प्लेब्वॉय क्लब के पूर्व फ्रैंचाइज़ी धारक और मशहूर नाइटक्लब मालिक हरप्रीत सिंह तलवार को 21,000 करोड़ रुपये के मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स जब्ती मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार कर लिया है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने साल 2021 के बहुचर्चित मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स जब्ती मामले में बुधवार को देश की राजधानी दिल्ली में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. केंद्रीय एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के हिस्से के रूप में दिल्ली के मशहूर बिजनेसमैन कबीर तलवार सहित करीब पांच परिसरों पर सघन छापेमारी की है.
ED Raids Rajesh Exports: प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने गोल्ड एक्सपोर्ट करने वाली फर्म राजेश एक्सपोर्ट के बेंगलुरु समेत अन्य ठिकानों पर मंगलवार को छापेमारी की. ये एक्शन 15.15 लाख करोड़ रुपये के मामले से जुड़ा हुआ है.