ओमान के समुद्र में दिखी पिंक डॉल्फिन, आखिर कैसे मिलता है इसे ऐसा रंग?

ओमान के समुद्र में तैरती पिंक डॉल्फिन का वीडियो सामने आया है. इसका अनोखा रंग लोगों की उत्सुकता बढ़ा रहा है. आखिर यह डॉल्फिन पिंक क्यों है? क्या उम्र के साथ इसकी त्वचा का रंग बदलता है, या वजह कुछ और है?

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ओमान के समंदर में पिंक डॉल्फिन देखने को मिली है. (Photo: Getty) ओमान के समंदर में पिंक डॉल्फिन देखने को मिली है. (Photo: Getty)

आजतक साइंस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:40 PM IST

ओमान की राजधानी मस्कट के पास कंताब बीच के समुद्र में पिंक  रंग की डॉल्फिन दिखाई दी है. सामने आए वीडियो में यह डॉल्फिन दूसरी डॉल्फिन के साथ तैरती नजर आ रही है. इसका रंग बाकी डॉल्फिन से अलग है. इस वजह से लोग जानना चाहते हैं कि यह किस प्रजाति की है और इसका रंग पिंक  क्यों है. अभी तक इसकी प्रजाति की पक्की पहचान नहीं हो पाई है.

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कंताब बीच से सामने आए वीडियो में डॉल्फिन समुद्र की सतह पर आती और फिर पानी में तैरती दिख रही है. कुछ रिपोर्ट में इसे रिसो डॉल्फिन बताया गया है, जबकि कुछ में इंडो-पैसिफिक हंपबैक डॉल्फिन होने की संभावना जताई गई है. हालांकि, सिर्फ रंग देखकर किसी डॉल्फिन की प्रजाति तय नहीं की जा सकती. इसके लिए उसके शरीर की बनावट और दूसरे लक्षणों को देखना जरूरी है.

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डॉल्फिन का रंग उसकी प्रजाति और उम्र के हिसाब से अलग हो सकता है. रिसो डॉल्फिन इसका एक उदाहरण है. अमेरिका की नेशनल ओशियनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के मुताबिक, रिसो डॉल्फिन के बच्चे गहरे रंग के होते हैं. लेकिन उम्र बढ़ने के साथ इनके शरीर का रंग हल्का होने लगता है. 

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इनके शरीर पर कई निशान भी बन जाते हैं, जिससे ये सफेद या हल्के स्लेटी रंग की दिख सकती हैं. अगर ओमान में दिखी डॉल्फिन रिसो प्रजाति की है, तो उसके हल्के रंग की वजह उम्र हो सकती है. लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है. केवल वीडियो देखकर यह नहीं कहा जा सकता कि इसका रंग पिंक  क्यों है.

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ओमान के समुद्र में रहती हैं कई तरह की डॉल्फिन

ओमान के समुद्र में कई प्रजातियों की डॉल्फिन पाई जाती हैं. इंटरनेशनल व्हेलिंग कमीशन (IWC) के मुताबिक, यहां स्पिनर डॉल्फिन, कॉमन डॉल्फिन और रिसो डॉल्फिन जैसी प्रजातियां देखी जाती हैं. ओमान के कुछ तटीय इलाकों में इंडियन ओशन हंपबैक डॉल्फिन भी पाई जाती हैं.

हिंद महासागर में हंपबैक डॉल्फिन की संख्या घटने का खतरा है. इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर (IUCN) ने इसे संकटग्रस्त प्रजाति की सूची में रखा है. मछली पकड़ने के जाल में फंसना और समुद्र में इंसानी गतिविधियां इसके लिए बड़े खतरे हैं. हालांकि, कंताब बीच पर दिखी पिंक डॉल्फिन इसी प्रजाति की है या नहीं, यह अभी साफ नहीं है.

क्या सच में पिंक  होती हैं डॉल्फिन?

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दुनिया में कुछ डॉल्फिन ऐसी भी हैं जिनका रंग पिंक  होता है. अमेजन नदी में रहने वाली डॉल्फिन इसका उदाहरण है. यह दक्षिण अमेरिका की नदियों में पाई जाती है. इसका रंग उम्र के साथ बदल सकता है. लेकिन अमेजन नदी की डॉल्फिन और ओमान के समुद्र में दिखी डॉल्फिन को एक ही प्रजाति नहीं माना जा सकता.

डॉल्फिन की सही पहचान के लिए उसके शरीर की बनावट, रंग और दूसरी खासियतों को देखना जरूरी है. फिलहाल, ओमान में दिखी पिंक  डॉल्फिन की प्रजाति और उसके रंग की वजह की पुष्टि नहीं हुई है. विशेषज्ञों की जांच के बाद ही इस बारे में सही जानकारी मिल सकेगी.

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