खत्म होने का नाम नहीं ले रही रूस-यूक्रेन जंग, US विदेश मंत्री बोले- बेहद निराश और गुस्से में हैं ट्रंप

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपने भारत दौरे के दौरान अहम खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि यूक्रेन और रूस में समझौता न करा पाने की वजह से डोनाल्ड ट्रंप गुस्से में हैं. उन्होंने ट्रंप पर लगे झूठे आरोपों का खंडन किया और कहा कि अमेरिका की नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

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रुबियो ने बताया कि अमेरिका दो साल से यूक्रेन-रूस में समझौता कराने की कोशिश कर रहा है. (Photo- AP) रुबियो ने बताया कि अमेरिका दो साल से यूक्रेन-रूस में समझौता कराने की कोशिश कर रहा है. (Photo- AP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 8:36 PM IST

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए हुए हैं. इस दौरान उन्होंने एस.जयशंकर से मिलकर ट्रेड डील समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की. वहीं. यूक्रेन-रूस युद्ध और अमेरिकी नीति पर भी बड़ा बयान दिया है.

रुबियो ने बताया कि अमेरिका ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता या खुफिया जानकारी शेयर करने के नियमों में कोई बदलाव नहीं किया है. उन्होंने मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप झूठे आरोपों से बेहद निराश और गुस्से में हैं.

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पत्रकारों से बातचीत करते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस युद्ध को तुरंत खत्म करना चाहता है. उन्होंने बताया कि अमेरिका का मानना है कि इसमें लगातार जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है और ये संघर्ष अन्य क्षेत्रों में फैल सकता है.

रुबियो ने कहा, 'राष्ट्रपति ने अपनी बात बिल्कुल साफ रखी है. हमारी पॉलिसी में ऐसा कोई बदलाव नहीं आया है. मीडिया में आ रही ऐसी रिपोर्ट्स पूरी तरह से गलत हैं. राष्ट्रपति पर ये बेबुनियाद आरोप लगाया जा रहा है कि वो जानबूझकर यूक्रेन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जो कि बिल्कुल गलत और झूठ है. हालांकि, पिछले लगभग दो सालों की कोशिशों के बावजूद शांति वार्ता में प्रगति न होने से राष्ट्रपति जरूर निराश और गुस्से में हैं.'

खुफिया जानकारी रोकने के आरोपों पर सफाई

दुनिया भर में मिसाइल इंटरसेप्टर की बढ़ती मांग पर रुबियो ने बताया कि जब किसी देश को अमेरिका से इंटरसेप्टर नहीं मिलते, तो इसका मतलब ये नहीं कि इनकार किया गया है. अमेरिका को अपनी वैश्विक सुरक्षा जरूरतों और सैन्य बेस के लिए न्यूनतम मानक बनाए रखने होते हैं. इसलिए यूक्रेन को जानबूझकर कुछ भी देने से मना नहीं किया गया है.

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यूक्रेन पर हुए रूसी हवाई हमलों के दौरान खुफिया जानकारी न मिलने के यूक्रेनी दावों और राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बयानों पर भी रुबियो ने ऐतराज जताया. उन्होंने कहा, 'ये कहना कि अमेरिकी जानकारी न मिलने से लोग मर रहे हैं, काफी अपमानजनक और सरासर गलत हैय 13 और 18 अक्टूबर की घटनाएं तकनीकी कारणों से हुई थीं, न कि किसी अमेरिकी निर्देश का परिणाम थीं.' उन्होंने आगे कहा, 'हम पहले की तरह ही उन्हें चेतावनी और खुफिया जानकारी देना जारी रख रहे हैं.'

'वार्ता से ही संभव है युद्ध का अंत'

वैश्विक ईंधन संकट का जिक्र करते हुए रुबियो ने कहा कि दुनिया भर में किफायती डीजल की किल्लत से कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं खतरे में पड़ रही हैं. उन्होंने कहा, 'इस जंग का खत्म होना बेहद जरूरी है. हर महीने 20 से 25 हजार रूसी सैनिक मारे जा रहे हैं, यूक्रेन का पावर ग्रिड तबाह हो रहा है और मासूम लोग जान गंवा रहे हैं. सबसे बड़ा जोखिम इस संघर्ष के व्यापक पैमाने पर फैलने का है.'

यह भी पढ़ें: मुंबई में जयशंकर से मिले अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो, ट्रेड डील पर बोले- हमें तो बहुत उम्मीद है

उन्होंने आगे बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप शुरू से मानते हैं कि बातचीत के जरिए ही इस जंग को खत्म किया जा सकता है और हम दोनों पक्षों को समझौते की मेज पर लाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं.

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