रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की विदेश नीति को लेकर दिए गए बयान पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी छोटी सोच वाली और निंदनीय है. राजनाथ सिंह ने कहा कि यह बात उन्हें व्यक्तिगत रूप से भी पीड़ा देती है. राजनाथ सिंह ने कहा कि 'मैं यह सोच भी नहीं सकता कि गांधी सरनेम वाला कोई व्यक्ति ऐसी शर्मनाक टिप्पणी कर सकता है.'
उन्होंने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने किसी भी लोकसभा में विपक्ष के नेता का ऐसा अभद्र और अकल्पनीय व्यवहार कभी नहीं देखा. उनके मुताबिक, इस तरह का आचरण स्वस्थ लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे का संकेत है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के मन में प्रधानमंत्री के प्रति निराशा हो सकती है, लेकिन इस तरह की अभद्र टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं. खासकर ऐसे प्रधानमंत्री के खिलाफ, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई और विकसित भारत का रास्ता तैयार किया.
हर भारतीय को पीड़ा पहुंचती है
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 12 साल तक पूरी लगन से काम किया और एक भी छुट्टी नहीं ली. ऐसे प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणी हर भारतीय को पीड़ा पहुंचाती है.
राजनाथ सिंह ने कांग्रेस से सवाल करते हुए कहा कि ऐसी भाषा और आचरण के बाद क्या पार्टी लाल-बाल-पाल और गांधी, पटेल और नेहरू, सुभाष बाबू से लेकर राजेंद्र बाबू और शास्त्री जी तथा नरसिम्हा राव से प्रणब मुखर्जी तक की विरासत पर दावा कर सकती है? रक्षा मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने इस आचरण से न सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान किया है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंचाई है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद की गरिमा को भी तार-तार कर दिया है.
चिराग पासवान ने की निंदा
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया पर लिखा कि लोकतंत्र में अमर्यादित भाषा का कहीं कोई स्थान नहीं है. प्रधानमंत्री जी उम्र में भी राहुल गांधी से बड़े हैं, ऐसे में ऐसी भाषा का इस्तेमाल बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर तरीके के विरोध की इजाजत है, लेकिन भाषा की मर्यादा कभी नहीं गिरनी चाहिए. स्वस्थ लोकतंत्र की पहचान तर्क और संवाद से होती है, अपशब्दों से नहीं.
हिमंत बिस्वा सरमा ने भी साधा निशाना
वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि कांग्रेस के वंशवादी नेतृत्व ने एक बार फिर मर्यादा की हर सीमा पार कर दी है. उन्होंने एक मित्र देश की महिला राष्ट्राध्यक्ष को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया. सरमा ने कहा कि मंच और दर्शकों में मौजूद महिलाएं भी इस पर हंस रही थीं.
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