कांग्रेस नेता राहुल गांधी 'शिवजी की बारात' वाले बयान पर सियासत गरमा गई है. बीजेपी ने इस बार अपनी रणनीति बदली है और प्रवक्ताओं की जगह केंद्रीय मंत्री और पूर्व मंत्रियों को मैदान में उतार रही है. इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस सांसद पर निशाना साधा है.
उन्होंने कहा कि जो लोग हमेशा भगवान राम का विरोध करते आए हैं, उन्हें भगवान शिव का नाम लेने का कोई अधिकार नहीं है. शिवराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी का भगवान शिव से कोई लेना-देना नहीं है और वो भारत की संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों को बिल्कुल नहीं जानते हैं.
बीजेपी नेता ने कहा, राम का विरोध करने वाले शिवजी की बारात की बात कर रहे हैं. ये शिव जी की बारात नहीं है. अराजकता फैलाने वाले हुड़दंगियों की जमात है, जो सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है.
'चुनाव हारना कांग्रेस की नियति'
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि लगातार चुनाव हारना कांग्रेस की नियति बन चुकी है. उन्होंने असम, त्रिपुरा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और हालिया उपचुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस अपनी हार का ठीकरा हमेशा संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ती आई है.
शिवराज सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस की हार का कारण चुनाव आयोग नहीं, बल्कि उसका खुद का 'विचार-शून्य नेतृत्व' है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में आपसी कलह मची है, पंजाब में प्रदेश अध्यक्ष बदलने पड़ रहे हैं, और कर्नाटक से लेकर तेलंगाना तक नेतृत्व को लेकर घमासान जारी है. जो देश और जनता को नहीं जानता, वो सिर्फ 'नाच न जाने आंगन टेढ़ा' वाली कहावत सच कर रहा है.
केंद्रीय मंत्री ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि देश के अहम राज्यों में कांग्रेस का सफाया बहुत पहले हो चुका है. तमिलनाडु में लगभग 59 सालों, पश्चिम बंगाल में 49 सालों, सिक्किम में 42 सालों, उत्तर प्रदेश में 37 सालों, बिहार में 36 सालों और गुजरात में 31 सालों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है.
उन्होंने कहा कि आज की स्थिति ये है कि कुछ गिने-चुने राज्यों को छोड़ दें, तो कांग्रेस अन्य जगहों पर सिर्फ एक 'जूनियर पार्टनर' या 'परजीवी पार्टी' बनकर रह गई है, जो कभी DMK, कभी RJD, तो कभी सपा और JMM के सहारे जिंदा है.
'संवैधानिक संस्थाओं और सेना पर हमले कर रही है कांग्रेस'
शिवराज ने आरोप लगाते हुए कहा, 'कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रही है, झूठ बोलकर सड़कों पर अराजकता और दंगे फैला रही है, और पिछले दरवाजे से सत्ता में लौटने की कोशिश कर रही है. जब कोर्ट के फैसले खिलाफ होते हैं, तो कांग्रेस ज्यूडिशियरी पर हमला करती है. जब वो चुनाव हारते हैं, तो वो इलेक्शन कमीशन पर हमला करते हैं, और जब सेना आतंकवादियों से निपटती है, तो वो सिक्योरिटी फोर्स को निशाना बनाते हैं.'
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस उन ताकतों से हाथ मिला रही है जो देश को तोड़ना चाहती हैं. वो विदेशी ताकतों के हाथों का खिलौना बन चुकी है, जो जॉर्ज सोरोस जैसे तत्वों और NGO का सहारा लेकर देश में अराजकता फैलाना चाहती है.
राहुल गांधी के बयानों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो खुद ये कहते हैं कि वो कोई प्लानिंग नहीं करते और जब मन करे तब निकल पड़ते हैं, उनसे देश क्या उम्मीद कर सकता है. कांग्रेस पार्टी जनता की नजरों और दिलों से पूरी तरह उतर चुकी है.
आखिर में शिवराज सिंह कहते हैं, 'जब लाखों झूठे मरे हुए मरे होंगे, तब कहीं श्रीमान राहुल गांधी जी पैदा हुए होंगे.'
अनुराग ठाकुर ने भी राहुल गांधी को घेरा
वहीं, पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, 'कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी असल में देश के ज्यूडिशियरी सिस्टम को डराने की कोशिश कर रहे हैं, उनका मतलब है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे ज्यूडिशियरी के खिलाफ ही सड़कों पर उतरेंगे. कोर्ट ने अपनी तरफ से कहा कि एक फॉर्मल पिटीशन फाइल करनी होगी और जैसा कि आप जानते हैं, राहुल गांधी को कोर्ट में झटके लगे हैं और उन्हें पहले भी कई बार माफी मांगनी पड़ी है.'
अनुराग ने कहा, 'अब उन्हें लगता है कि अगर वो सड़कों पर उतरेंगे और बार-बार वही झूठ बोलेंगे, तो लोग उन्हें सच मान लेंगे. उनकी स्ट्रेटेजी बिल्कुल साफ है: अगर कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पावर में नहीं हैं, तो अराजकता फैलाओ. आप चुनावी गड़बड़ी की बात कर रहे हैं? ये एक ऐसी पार्टी और परिवार से आ रहा है जिसके सदस्यों ने धांधली करके चुनाव जीते और फिर इमरजेंसी लगा दी?'
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बीजेपी नेता ने आगे कहा, 'राहुल गांधी, मैं आपको 1989 के चुनाव की भी याद दिला दूं नकली गांधी बनाम असली गांधी, यानी राजीव गांधी बनाम राजमोहन गांधी. देश को बताओ कि कांग्रेस ने कितने पोलिंग बूथ लूटे. बताओ आज की युवा पीढ़ी को उनके बीच हुए मुकाबले के बारे में बताओ, और तब कितने बूथ लूटे गए थे.'
पीयूष मिश्रा