शिवराज सिंह चौहान, राजनेता
शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) एक राजनेता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (BJP) के सदस्य हैं. उन्होंने मार्च 2020 में चौथी बार मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh MP) के मुख्यमंत्री का पद संभाला है. 2024 लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की और पीएम नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल में कैबिनेट मंत्री बनें. वह केंद्र में पहली बार मंत्री बनें.
वे साल 2005 से 2018 के बीच तीन बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वे इस राज्य के सबसे लंबे वक्त तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड बना चुके हैं (longest-serving Chief Minister). वे पांच बार संसद सदस्य (five-time Member of Parliament) रहने के साथ भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, संसदीय बोर्ड और बीजेपी के केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य भी रह चुके हैं.
उन्हें कई मौकों पर मामाजी के नाम से भी पुकारा जाता है (Mamaji). चौहान को मध्य प्रदेश राज्य के विकास का प्रणेता माना जाता है, इनकी देखरेख में ‘लाडली लक्ष्मी योजना’ और ‘बेटी बचाओ अभियान’काफी सफल रहे हैं (Ladli Lakshmi Yojana and Beti Bachao Abhiyan).
शिवराज सिंह चौहान का जन्म 5 मार्च 1959 को (Date of Birth) प्रेम सिंह चौहान और सुंदर बाई चौहान के घर मध्य प्रदेश के शिवहर जिले के जैत गांव में हुआ था (family). महज 13 साल की उम्र में चौहान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य बने (RSS). उन्होंने बर्कतुल्लाह विश्वविद्यालय (Barkatullah University) से तर्कशास्त्र में एमए की डिग्री ली है. उन्होंने 1992 में साधना सिंह चौहान से शादी की जिनसे उनके दो बच्चे हैं (wife and children).
उनका ऑफिशियल ट्विटर हैंडल @ChouhanShivraj है और उनके ऑफिशियल फेसबुक पेज का नाम @ChouhanShivraj है. वे इंस्टग्राम पर chouhanshivrajsingh यूजरनेम से एक्टिव हैं.
मोदी सरकार किसानों को नकली और घटिया बीजों के नुकसान से बचाने के लिए नया सख्त सीड एक्ट लाने जा रही है. 10 सितंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान देशभर के किसान संगठनों के साथ बैठक करेंगे.
वन नेशन, वन इलेक्शन पर इमरान मसूद ने सवाल उठाया कि अगर किसी विधानसभा में बहुमत घटे या सरकार गिर जाए तो फिर चुनाव कैसे होगा. इस बहस में पीपी चौधरी, ओवैसी और कांग्रेस के रुख का भी जिक्र हुआ, जबकि मसूद ने इसे खर्चीला और अव्यावहारिक बताया.
सरकार का फोकस बाढ़ से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती को दोबारा पटरी पर लाने पर है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान रायसेन दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने बेटियों की शिक्षा और विकास कार्यों को लेकर कई बड़ी बातें कही. लेकिन दौरे के अंत में चीनी के दाम पर पूछे गए सवाल और उनके जवाब ने सबका ध्यान खींच लिया. देखिए पूरी रिपोर्ट...
Viksit Bharat Meeting: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पीएम मोदी के विकसित भारत के विजन को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाएंगे. इस कड़ी में उन्होंने मंगलवार को दिल्ली में एक बड़ी बैठक की.
बाजार से फल और सब्जियां खरीदते वक्त हर आम आदमी के मन में यह डर जरूर होता है कि कहीं इनमें खतरनाक कीटनाशक तो नहीं मिले हैं. लोकसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा दिए गए आंकड़ों ने इस चिंता को और हवा दे दी है.
देशभर के 6,000 से ज्यादा कृषि छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और फेलोशिप भुगतान की प्रक्रिया आसान होने जा रही है. NSP-DBT व्यवस्था के तहत ₹21.35 करोड़ की राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR-IARI, पूसा में इसकी शुरुआत की.
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने प्रमोशन नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किए हैं. अब वैज्ञानिकों की तरक्की सिर्फ डिग्रियों या रिसर्च पेपर्स पर नहीं, बल्कि किसानों के मुनाफे पर निर्भर करेगी. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल से लागू इस नए सिस्टम में दूरस्थ क्षेत्रों में काम करने वाले वैज्ञानिकों को अतिरिक्त बोनस मिलेगा.
एथोनॉल विवाद के बीच अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर एथेनॉल का समर्थन किया. किसान नेताओं ने कहा कि एथेनॉल खेती के लिए नया बाजार और किसानों की आमदनी बढ़ाने का मौका है.
बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी को 30-35 साल पुराने गढ़ में हार और दतिया में झटका मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद भवन में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. इसके बाद शिवराज सिंह चौहान से भी दतिया उपचुनाव के नतीजे को लेकर चर्चा की है.
मध्य प्रदेश में मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर छिड़ा सियासी और प्रशासनिक घमासान अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है. शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि केंद्र ने देश भर का 87% मूंग कोटा अकेले मध्य प्रदेश को दे दिया है, लेकिन राज्य ने अब तक सिर्फ 60 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी की है.
जब तक कैंसरकारी माने जाने वाले 'ग्लाइफोसेट' पर नकेल नहीं कसी जाती, यह लड़ाई अधूरी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय बासमती और चाय की खेप खारिज होने से लेकर ग्रामीण भारत में फैलती बीमारियों तक कीटनाशक कंपनियों के इस कारोबार की भारी कीमत देश चुका रहा है.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए जवाबदेही और परिणाम आधारित काम पर जोर दिया. पुणे स्थित राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान के औचक निरीक्षण में मिली अव्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जताई और संस्थान के निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.
देश में अल नीनो के प्रभाव और कृषि परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश भर के किसान संगठनों की एक बड़ी बैठक बुलाई है, जिसमें अल नीनो की तैयारियों और कंटीजेंसी प्लान पर विस्तार से चर्चा होगी.
कम बारिश और अल नीनो के असर से बढ़ी चिंता के बीच केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. गृहमंत्री अमित शाह ने हालात की समीक्षा कर मंत्रालयों को सतर्क रहने सहित जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए.
केंद्र सरकार 1 जुलाई से VB-G RAM G एक्ट लागू करेगी. पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी. राज्यों को ₹95,692 करोड़ जारी किए गए हैं.
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान के खिलाफ बयान देना कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के लिए महंगा पड़ गया है. कार्तिकेय के द्वारा मानहानि केस में राहुल गांधी ने कोर्ट में आवेदन देकर खेद जताया है और बयान के लिए सफाई दी है.
अल नीनो के बढ़ते असर के बीच केंद्र सरकार ने कम बारिश की आशंका वाले इलाकों पर निगरानी बढ़ा दी है. कृषि मंत्रालय ने हालात पर नजर रखने के लिए विशेष मॉनिटरिंग व्यवस्था बनाई है और राज्यों को जरूरी तैयारियां तेज करने के निर्देश दिए हैं.
पीएम मोदी पर लिखी किताब 'अपनापन- नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव' को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आजतक से खास बातचीत की. इस दौरान शिवराज सिंह ने बताया कि ये सिर्फ पुस्तक नहीं बल्कि पीएम मोदी के साथ बिताए गए लम्हों और अपनापन का दस्तावेज है. देखें पूरा Video.
पीएम मोदी पर लिखी किताब 'अपनापन- नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव' का दिल्ली में विमोचन हुआ. ये किताब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखी है. इस दौरान शिवराज सिंह ने बताया कि ये सिर्फ पुस्तक नहीं बल्कि पीएम मोदी के साथ बिताए गए लम्हों और अपनापन का दस्तावेज है. देखें Video.
भारतीय राजनीति में अब नेता सिर्फ नेता नहीं रहना चाहते, वे परिवार बनना चाहते हैं. कोई चाचा बनता है, कोई ताऊ, कोई अम्मा-दीदी और अब सबसे नया राजनीतिक रिश्ता है… ‘मामा’. हमारे समाज में मामा सिर्फ माँ का भाई नहीं होता, वो इमोशन होता है. बचपन का क्राइम पार्टनर, लाड़-प्यार का दूसरा नाम और हर मुश्किल में खड़ा एक अपना इंसान, लेकिन अब यही ‘मामा’ भारतीय राजनीति में एक नई पॉलिटिकल ब्रांडिंग बन चुका है.