बुधवार का दिन दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट के 180 यात्रियों के लिए किसी बुरे सपने जैसा रहा. हवा में हजारों फीट की ऊंचाई पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब विमान के को-पायलट ने अचानक चीफ पायलट भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला करना शुरू कर दिया. को-पायलट की कोशिश विमान को क्रैश करने की थी. लेकिन कैप्टन स्मित मछार ने अपनी सूझबूझ और पैसेंजरों की फुर्ती से हमलावर को-पायलट को काबू में किया और विमान को सुरक्षित लैंड कराया. हमले में घायल हुए कैप्टन स्मित अस्पताल में भर्ती हैं.
यह पहली बार नहीं है जब कैप्टन स्मित मछार ने कॉकपिट में किसी बड़ी चुनौती का सामना किया हो. 18 साल से ज्यादा समय से बोइंग 737 उड़ा रहे कैप्टन स्मित अपने करियर में कई ऐसे रोमांचक, डरावने और यादगार लम्हों से गुजर चुके हैं, जो किसी फिल्म के सीन से कम नहीं लगते. सालभर पहले झलक मेहता के एक पॉडकास्ट में कैप्टन स्मित ने अपने फ्लाइंग करियर की कुछ बेहद रोमांचक कहानियां साझा कीं थीं.
1. पहली कमर्शियल फ्लाइट: 'लड्डू मिला, पर डर भी लगा'
कैप्टन स्मित बताते हैं कि बैंगलोर से दिल्ली की उनकी पहली कमर्शियल फ्लाइट बहुत डरावनी थी. हालांकि वो ट्रेनिंग पूरी कर चुके थे, लेकिन एक सीनियर एग्जामिनर के साथ उड़ना और 100 से ज्यादा यात्रियों की जिम्मेदारी संभालना बेहद तनावपूर्ण था. स्मित कहते हैं, "एयरलाइन में नौकरी मिलने का वो 'लड्डू' आपके हाथ में होता है और आप उसे किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहते. शुरुआत के 30 मिनट में घबराहट की वजह से कुछ गलतियां भी हुईं, लेकिन जब सीनियर एग्जामिनर ने माहौल हल्का किया, तो वही डरावना अनुभव यादगार बन गया."
2. हवा में उठी प्रसव पीड़ा और गूंजी बच्चे की किलकारी
एक सुबह की फ्लाइट के दौरान जब कैप्टन स्मित नाश्ता कर रहे थे, तभी केबिन क्रू का फोन आया. एक महिला यात्री को समय से काफी पहले लेबर पेन (प्रसव पीड़ा) शुरू हो गया था. कैप्टन स्मित और उनके फर्स्ट ऑफिसर ने तुरंत नजदीकी एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की तैयारी शुरू की. रूट और मौसम चेक किया गया. लेकिन सिर्फ 6-7 मिनट के अंदर खबर आई—"कॉकपिट, विमान में बच्चे का जन्म हो चुका है!" क्रू मेंबर्स की मदद से डिलीवरी सुरक्षित हुई. हालांकि इमरजेंसी लैंडिंग के कारण बाकी यात्रियों को थोड़ी देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन एक नई जिंदगी को दुनिया में आते देखना स्मित के लिए बेहद सुखद और संतोषजनक पल था.
3. जब मुंबई से अहमदाबाद बिना यात्रियों के उड़ानी पड़ी 'बोइंग मैक्स'
वर्ष 2018-19 में जब बोइंग 737 मैक्स विमानों के दो बड़े हादसों के बाद हड़कंप मचा था, तब कैप्टन स्मित की एयरलाइन भारत में इस प्लेन को लाने वाली पहली कंपनी थी. जब इन विमानों को ग्राउंड (उड़ान भरने से मना) किया जा रहा था, तब एयरक्राफ्ट्स को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करना जरूरी था. स्मित याद करते हैं, "जब मैं घर से निकल रहा था, तो परिवार काफी डरा हुआ था. मैंने अपने पिता से झूठ बोला कि मैं आज 'मैक्स' नहीं उड़ा रहा हूं. मुंबई से अहमदाबाद की वो री-पोजिशनिंग फ्लाइट सिर्फ हम पायलट्स के लिए थी. कॉकपिट में कदम रखते ही वो डर और जिम्मेदारी का अहसास सबसे अलग था."
4. ग्रीस का वो खौफनाक तूफान और 'विंडशीयर' का खतरा
ग्रीस के मायकोनोस एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान कैप्टन स्मित का सामना सबसे खतरनाक मौसम से हुआ. वहां तेज हवाएं चल रही थीं और अचानक 'विंडशीयर' (हवा की दिशा और रफ्तार में तेज बदलाव) की स्थिति बन गई, जो विमान को सीधे जमीन से टकरा सकती थी. ऐसे मौकों पर गलती की कोई गुंजाइश नहीं होती. स्मित ने बिना घबराए सिम्युलेटर में सीखी 'विंडशीयर एस्केप' तकनीक का इस्तेमाल किया, प्लेन को फुल पावर दी और उसे सही सलामत बाहर निकाल लिया.
5. जब मुसाफिरों का गुस्सा मिनटों में बदला हमदर्दी में
खराब मौसम या तकनीकी वजहों से फ्लाइट्स लेट होना आम बात है. एक बार काफी देरी होने के कारण यात्री बहुत भड़क गए थे. केबिन क्रू परेशान था. तब कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और खुद पैसेंजर्स के बीच जाकर खड़े हो गए. उन्होंने यात्रियों से कहा, "सर, हम भी सुबह 4 बजे से जगे हैं, हम भी घर जाना चाहते हैं." कैप्टन की इस सीधी बात ने माहौल बदल दिया. जो पैसेंजर कुछ देर पहले तक गुस्सा कर रहे थे, वे बाद में पायलट्स के लिए खाना भेजने लगे.
एक ऐसा पायलट, जिसके लिए पैसेंजर सेफ्टी और सिक्योरिटी ही सब कुछ
दुबई-इजरायल फ्लाइट में हुए हादसे के बाद कैप्टन स्मित मछार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि कॉकपिट में बैठा पायलट सिर्फ प्लेन नहीं उड़ाता, बल्कि सैकड़ों जिंदगियों का रखवाला भी होता है. अपने करियर के इतने सालों में कई बार मुश्किल दौर देखने के बाद भी, उनका मानना है कि आसमान में उड़ने का अहसास दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास है. हालांकि, बुधवार को उन्हें दुबई-इजरायल फ्लाइट में जिस अनुभव का सामना करना पड़ा, वह उसे कभी याद करना नहीं चाहेंगे.
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