केरल में वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन को लेकर विवाद बढ़ गया है. समस्त के एपी कंथापुरम अबूबकर मुसलियार गुट ने राज्य सरकार पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया है. एपी गुट के समर्थन वाले केरल मुस्लिम जमात ने 22 अक्टूबर को राज्य के सभी 14 जिलों में कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालने का ऐलान किया है.
संगठन का कहना है कि वक्फ बोर्ड के नए गठन में दोनों समस्त गुटों को जानबूझकर किनारे किया गया है. एपी गुट के नेता रहमतुल्लाह साकाफी एलामारम ने फेसबुक पोस्ट के जरिए सरकार के फैसले पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व के मामले में जानबूझकर दोनों समस्त गुटों को बाहर रखने की कोशिश की गई.
यह भी पढ़ें: केरल में नए वक्फ बोर्ड का गठन, कांग्रेस की अगुवाई में UDF का बड़ा फैसला
महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने के चलते किया किनारे
रहमतुल्लाह साकाफी ने दावा किया कि केरल की 79,900 वक्फ संपत्तियों में आधे फीसदी पर भी नियंत्रण नहीं रखने वाले समूहों को बोर्ड में जगह दी गई है. उन्होंने बोहरा समुदाय को भी प्रतिनिधित्व दिए जाने पर सवाल उठाए और कहा कि केरल में उनकी मौजूदगी बहुत कम है.
रहमतुल्लाह साकाफी ने यह भी आरोप लगाया कि बोर्ड में सदस्यों की संख्या बढ़ाकर नौ कर दी गई और महिलाओं को कानूनी जरूरत से ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के जरिए दोनों समस्त गुटों को किनारे करने की कोशिश हुई.
नए नियम के तहत दो महिलाओं का प्रतिनिधित्व जरूरी
वक्फ बोर्ड के नए संशोधन के मुताबिक, बोर्ड में कम से कम दो महिलाओं का होना जरूरी है. नए बोर्ड में महिलाओं की दो सदस्यीय हिस्सेदारी इसी न्यूनतम जरूरत को पूरा करती है. हालांकि, एपी गुट ने बोर्ड में प्रतिनिधित्व के बंटवारे पर आपत्ति जताई है.
यह भी पढ़ें: 'UP वक्फ बोर्ड में बड़ा घोटाला', पूर्व मंत्री मोहसिन राजा ने सीएम योगी से की SIT जांच की मांग
मुस्लिम लीग ने बुलाई मुस्लिम संगठनों की बैठक
इस विवाद के बीच मुस्लिम लीग ने विभिन्न मुस्लिम संगठनों की बैठक बुलाने का फैसला किया है. इसमें वक्फ बोर्ड के मुद्दे समेत दूसरे मामलों पर चर्चा की जाएगी. केरल में नए वक्फ बोर्ड के गठन को लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों के बीच असहमति सामने आ रही है.
aajtak.in