नीट-यूजी पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के एक दिन बाद रविवार (26 जुलाई) को केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाया है. सरकार ने एनटीए में परीक्षा सुधारों के लिए एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया है.यह टास्क फोर्स खास तौर पर टेक्नोलॉजी और परीक्षा प्रणाली में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म को लेकर सरकार को सुझाव देगी.
इस टास्क फोर्स में टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट और इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि को शामिल किया गया है.नंदन नीलेकणि को आधार प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में उनकी अहम भूमिका के लिए भी जाना जाता है. IIT बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले नीलेकणि ने 1981 में एनआर नारायण मूर्ति और अन्य साथियों के साथ मिलकर इंफोसिस की स्थापना की थी.
एस सोमनाथ
टास्क फोर्स में इसरो के पूर्व चेयरमैन एस सोमनाथ को भी जगह दी गई है. सोमनाथ लंबे समय तक भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े रहे हैं. उन्होंने 1985 में विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर जॉइन किया था और बाद में कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों में अहम भूमिका निभाई. जनवरी 2022 में उन्हें ISRO का चेयरमैन बनाया गया था.
तपन डेका
इंटेलिजेंस और सुरक्षा से जुड़े मामलों का अनुभव रखने वाले तपन डेका को भी टास्क फोर्स में शामिल किया गया है. वह 1988 बैच के हिमाचल प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी हैं और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) का नेतृत्व कर चुके हैं. आतंकवाद, नॉर्थ-ईस्ट में उग्रवाद और सुरक्षा से जुड़े मामलों में उनके लंबे अनुभव है.
IIT मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटि को मिली जगह
IIT मद्रास के डायरेक्टर वी कामकोटि भी इस टीम का हिस्सा हैं. वह कंप्यूटर साइंस, कंप्यूटर आर्किटेक्चर, इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी और VLSI डिजाइन के एक्सपर्ट हैं. उन्होंने IIT मद्रास से ही एमएस और पीएचडी की पढ़ाई की और 2001 में संस्थान में फैकल्टी के तौर पर शामिल हुए. जनवरी 2022 में उन्होंने IIT मद्रास के डायरेक्टर का पद संभाला.
पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल
पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल को भी टास्क फोर्स में शामिल किया गया है. 1988 बैच की IAS अधिकारी करवाल शिक्षा मंत्रालय में अहम जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं.
इसके अलावा लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट अमृत लाल मीणा को भी टास्क फोर्स में जगह दी गई है. इससे पहले सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी. अब प्रधानमंत्री ने एनटीए की परीक्षा प्रणाली को ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन किया गया है. यह टास्क फोर्स खास तौर पर टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और परीक्षा व्यवस्था में जरूरी संरचनात्मक सुधारों पर काम करेगी.
हिमांशु मिश्रा / ऐश्वर्या पालीवाल