अनीता करवाल (Anita Karwal) भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) की वरिष्ठ अधिकारी हैं. वह 1988 बैच की गुजरात कैडर की अधिकारी हैं. 26 जुलाई 2026 को NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों की कमान नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है. करवाल इस 6 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी में शामिल हैं.
अनीता करवाल 25 जुलाई 2023 से गुजरात रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (GujRERA) की चेयरपर्सन के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले वह केंद्र और गुजरात सरकार में कई अहम जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं. उन्होंने सचिव, अतिरिक्त सचिव, संयुक्त सचिव, प्रधान सचिव, मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer) और जिला कलेक्टर जैसे प्रशासनिक पदों पर सेवाएं दी हैं. इसके अलावा उन्होंने विभिन्न सरकारी विभागों में नीतियों के क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी भी निभाई.
अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उन्हें चुनाव प्रबंधन और जिला प्रशासन से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग सरकारी सम्मान भी मिले. इनमें बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिसेज और बेस्ट डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर जैसे पुरस्कार शामिल हैं.
अनीता करवाल कई भाषाओं का ज्ञान रखती हैं. वह अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती और फ्रेंच भाषा में कार्य करने में सक्षम हैं.
उनका जन्म 26 नवंबर 1962 को हुआ था. लंबे प्रशासनिक अनुभव के दौरान उन्होंने शिक्षा, चुनाव, राजस्व और प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है.
शिक्षा की बात करें तो अनीता करवाल ने दिल्ली विश्वविद्यालय से जूलॉजी में बी.एससी. (ऑनर्स) की पढ़ाई की. इसके साथ ही उन्होंने फ्रेंच भाषा में डिप्लोमा भी प्राप्त किया. बाद में महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (एमएस यूनिवर्सिटी), वडोदरा से एलएलबी की डिग्री हासिल की. उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि विज्ञान, कानून और भाषा जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी रही है.
मल्टीडिसिप्लिनरी एक्सपर्ट्स की यह टीम NTA की मौजूदा परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी. खास तौर पर तकनीक के इस्तेमाल को बेहतर बनाने और परीक्षा सिस्टम में जरूरी संरचनात्मक बदलावों पर फोकस किया जाएगा.
सीबीएसई चीफ अनीता करवाल ने पेपर लीक पर कहा कि हम बच्चों के भले के लिए ही काम कर रहे हैं. बहुत जल्द दोबारा परीक्षा के दिन का ऐलान कर दिया जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधारों के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है. इसी टास्क फोर्स के सदस्य और IIT मद्रास के डायरेक्टर डॉ. वी. कामकोटि ने आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि पेपर लीक रोकने में सबसे बड़ी चुनौती इस वक्त क्या है.