प्रोफेसर वी. कामकोटी (V Kamakoti), जिनका पूरा नाम वीझिनाथन कामाकोटी है, भारत के जाने-माने कंप्यूटर वैज्ञानिक और शिक्षाविद हैं. जनवरी 2022 से वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT Madras) के निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं. 26 जुलाई 2026 को NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों की कमान नंदन नीलेकणि को सौंपी गई है. कामकोटी इस 6 सदस्यीय हाई-पावर कमेटी में शामिल हैं.
इससे पहले वह आईआईटी मद्रास के कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
प्रोफेसर कामाकोटी ने अपनी उच्च शिक्षा भी आईआईटी मद्रास से ही हासिल की है. उन्होंने कंप्यूटर साइंस में मास्टर (एम.एस.) और पीएचडी की डिग्री हासिल की. लंबे समय से वह कंप्यूटर आर्किटेक्चर, माइक्रोप्रोसेसर, साइबर सुरक्षा और आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीकों से जुड़े शोध और शिक्षण कार्य में सक्रिय हैं.
उनका नाम भारत के पहले स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर 'शक्ति' (SHAKTI) परियोजना से भी जुड़ा है. इस परियोजना के तहत उन्होंने उस टीम का नेतृत्व किया, जिसने देश में विकसित माइक्रोप्रोसेसर के डिजाइन पर काम किया. इस पहल का उद्देश्य भारत में स्वदेशी कंप्यूटर हार्डवेयर तकनीक को बढ़ावा देना और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ना था.
प्रोफेसर कामाकोटी कई राष्ट्रीय स्तर की समितियों और तकनीकी समूहों में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं. वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (National Security Advisory Board) के सदस्य रहे हैं. इसके अलावा वाणिज्य मंत्रालय के अंतर्गत गठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कार्य समूह के अध्यक्ष के रूप में भी उन्होंने जिम्मेदारी संभाली है. इन भूमिकाओं में उन्होंने तकनीक और नीति से जुड़े विभिन्न विषयों पर काम किया.
विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2026 में उन्हें पद्म श्री सम्मान से सम्मानित किया.
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी द्वारा IIT मद्रास के निदेशक प्रो. वी. कामाकोटी को 'गोमूत्र एक्सपर्ट' कहे जाने के बाद देश में एक नया राजनीतिक और शैक्षणिक विवाद खड़ा हो गया है. इस बयान के बाद सरकारी सूत्रों ने प्रो. कामाकोटी का शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड जारी किया है. कंप्यूटर साइंस में पीएचडी धारक प्रो. कामाकोटी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड (NSAB) के सदस्य हैं और उन्हें विज्ञान के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं.
मल्टीडिसिप्लिनरी एक्सपर्ट्स की यह टीम NTA की मौजूदा परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगी. खास तौर पर तकनीक के इस्तेमाल को बेहतर बनाने और परीक्षा सिस्टम में जरूरी संरचनात्मक बदलावों पर फोकस किया जाएगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में व्यापक सुधारों के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है. इसी टास्क फोर्स के सदस्य और IIT मद्रास के डायरेक्टर डॉ. वी. कामकोटि ने आजतक से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि पेपर लीक रोकने में सबसे बड़ी चुनौती इस वक्त क्या है.
नीट रिफॉर्म पैनल के सदस्य वी. कामकोटि ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले में तकनीक नहीं, बल्कि भरोसा टूटा था. आरोप है कि प्रश्न पत्र तैयार करने की प्रक्रिया से जुड़े व्यक्ति ने ही पेपर लीक किया था.
केंद्र सरकार के पद्म पुरस्कारों पर नाराजगी और तंज के स्वर सुनाई दे रहे हैं. आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर केरल कांग्रेस ने तंज कसा है और उनके पुरस्कार को गोमूत्र शोध से जोड़ा है.