नंदन मोहनराव नीलेकणि (Nandan Nilekani) भारत के एक उद्यमी और आईटी क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों में से एक हैं. वह इंफोसिस के सह-संस्थापक हैं और वर्तमान में कंपनी के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं. अगस्त 2017 में विशाल सिक्का के इस्तीफे के बाद उन्हें दोबारा इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. 26 जुलाई 2026 को NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों की कमान नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है.
नंदन नीलेकणि का जन्म बेंगलुरु में हुआ था. उनका परिवार मूल रूप से कर्नाटक के सिरसी का रहने वाला है. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई बिशप कॉटन बॉयज स्कूल और सेंट जोसेफ हाई स्कूल, धारवाड़ से की. इसके बाद कर्नाटक पीयू कॉलेज, धारवाड़ में अध्ययन किया और फिर आईआईटी बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की.
इंफोसिस में लंबे समय तक काम करने के बाद उन्होंने भारत सरकार के साथ भी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में योगदान दिया. वह यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) के चेयरमैन रहे और आधार परियोजना से जुड़े रहे. इसके अलावा उन्होंने सरकार की टेक्नोलॉजी एडवाइजरी ग्रुप फॉर यूनिक प्रोजेक्ट्स (TAGUP) का भी नेतृत्व किया. दिसंबर 2016 में उन्हें डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए गठित एक समिति में भी शामिल किया गया था.
राजनीतिक क्षेत्र में उन्होंने मार्च 2014 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की सदस्यता ली थी. उसी वर्ष उन्होंने बेंगलुरु दक्षिण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा उम्मीदवार अनंत कुमार से हार गए. चुनावी हलफनामे के अनुसार, 2014 के लोकसभा चुनाव में वह सबसे अधिक घोषित संपत्ति वाले उम्मीदवार थे. उनकी घोषित संपत्ति 7,710 करोड़ रुपये थी.
नंदन नीलेकणि की पत्नी रोहिणी नीलेकणि हैं. उनके दो बच्चे निहार और जान्हवी हैं. अक्टूबर 2025 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनकी अनुमानित संपत्ति 3.2 अरब अमेरिकी डॉलर थी और वह भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में शामिल थे.
NEET पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों की कमान इंफोसिस सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है. जानिए आधार के जनक कहे जाने वाले नंदन नीलेकणी का सफर, जिन्होंने भारत की सबसे बड़ी डिजिटल पहचान प्रणाली खड़ी की.
आप चाहे हाई-लेवल कमेटी कहें या हाई-पावर्ड टास्क फोर्स, काम एक ही है- एग्जाम सिस्टम दुरुस्त करना और छात्रों का भरोसा जीतना. एक कोशिश 2024 में हो चुकी है- डॉ. राधाकृष्णन कमेटी के रूप में. उसे हाई-लेवल कमेटी कहा गया था. अब यही जिम्मेदारी नंदन नीलेकणी को सौंपी गई है. हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का मुखिया बनाकर.
पीएम मोदी ने रविवार को एक नया वीडियो संदेश जारी किया. जिसमें उन्होंने कहा कि फ्रेंड्स, छात्रों के भविष्य के लिए भारत सरकार लगातार कदम उठा रही है. सोमवार को संसद में नया कानून बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. पीएम ने कहा कि इंफोसिस के को-फाउंडर और टेक एक्सपर्ट नंदन नीलेकणि के नेतृत्व में हाईपावर टास्क फाॅर्स बनाने का फैसला किया गया है, जो एग्जाम रिफॉर्म पर फोकस करेगी. देखें वीडियो.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीट पेपर लीक के बाद परीक्षा सुधारों के लिए बड़ा फैसला किया है. उन्होंने बताया कि नंदन नीलेकणि की अगुवाई में हाई पावर टास्क फोर्स बनाई गई है. उनके मुताबिक ये फोर्स परीक्षा पद्धति को भरोसेमंद, पारदर्शी और एडवांस टेक्नोलॉजी युक्त बनाने का काम करेगी.