CJP प्रदर्शनकारियों पर कसेगा शिकंजा? सुप्रीम कोर्ट से 124 FIR बहाल करने की मांग

CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट से रद्द हो चुकी 134 FIR को फिर से बहाल करने की मांग की गई है. महाराष्ट्र के एक वकील ने नई याचिका दायर कर प्रदर्शनकारियों की फंडिंग की जांच कराने की भी मांग की है.

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CJP प्रोटेस्टर्स के खिलाफ SC ने FIR रद्द करने का आदेश दिया था. (File Photo) CJP प्रोटेस्टर्स के खिलाफ SC ने FIR रद्द करने का आदेश दिया था. (File Photo)

विद्या

  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST

CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एक बार फिर कानूनी कार्रवाई की मांग उठी है. महाराष्ट्र के एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर कर उन 134 FIR को बहाल करने की मांग की है, जिन्हें शीर्ष अदालत ने 1 सितंबर को रद्द करने का आदेश दिया था. ये FIR दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम और महाराष्ट्र में दर्ज की गई थीं.

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याचिका में FIR बहाल करने के साथ-साथ प्रदर्शनकारियों की फंडिंग की जांच कराने की मांग भी की गई है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि जिन लोगों के खिलाफ FIR रद्द की गई थीं, वे अब अराजकता फैला रहे हैं. याचिका में इस मामले की स्वतंत्र जांच कराने और संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग भी की गई है.

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फंडिंग की जांच कराने की भी मांग

यह याचिका शैलेंद्र मणि त्रिपाठी बनाम भारतीय यूनियन मामले से जुड़ी है. याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को फिर से शुरू किया जाना चाहिए. यह पता लगाया जाना चाहिए कि उनके विरोध प्रदर्शनों के लिए पैसा कहां से आया. याचिका में दिल्ली पुलिस और संबंधित अधिकारियों से जांच कराने का अनुरोध किया गया है.

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सितंबर में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की थीं FIR

दरअसल, 1 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने NEET पेपर लीक के विरोध में जुलाई में हुए प्रदर्शनों में शामिल हजारों छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने का आदेश दिया था. ये मामले दिल्ली समेत कई राज्यों में दर्ज किए गए थे. अदालत ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार पर जोर देते हुए कहा था कि प्रदर्शन करने वाले छात्र आदतन अपराधी नहीं हैं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के खिलाफ नई कार्रवाई की गुंजाइश रखी थी. 

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