अजित पवार के निधन के बाद पहले चुनाव में सुनेत्रा पवार का दबदबा, विरोधियों का नहीं खुला खाता

अजित पवार के निधन के बाद बारामती की सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल के चुनाव में सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले पैनल ने सभी 21 सीटों पर जीत दर्ज की. बागी गुट समेत किसी भी विरोधी पैनल को एक भी सीट नहीं मिली.

Advertisement
महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार. (File Photo: PTI) महाराष्ट्र की मुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार. (File Photo: PTI)

वसंत मोरे

  • बारामती,
  • 13 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:02 PM IST

महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार के सामने अपनी ताकत साबित करने की चुनौती थी. पुणे जिले के बारामती की सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल का चुनाव इस लिहाज से अहम बन गया. यहां अजित पवार के करीबी माने जाने वाले नेता ने ही उनका साथ छोड़ दिया था. मुकाबले में तीन पैनल थे, इसलिए सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले पैनल की राह आसान नहीं मानी जा रही थी. लेकिन नतीजे आए तो तस्वीर पूरी तरह अलग थी.

Advertisement

सोमेश्वर सहकारी चीनी मिल पर पिछले 34 साल से अजित पवार के नेतृत्व वाले पैनल का दबदबा रहा है. उनके निधन के बाद यह पहला चुनाव था. ऐसे में सबकी नजर इस बात पर थी कि उनके बाद इस राजनीतिक पकड़ को कौन संभालेगा.

चुनाव की घोषणा के बाद अजित पवार के करीबी माने जाने वाले पुरुषोत्तम जगताप ने उनका साथ छोड़ दिया. उन्होंने बीजेपी के पूर्व विधायक संजय जगताप के साथ हाथ मिलाया. इससे सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले पैनल के सामने चुनौती खड़ी हो गई. दूसरी तरफ युगेंद्र पवार ने शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से अपना पैनल उतारा. इस तरह चुनाव में तीन पैनल आमने-सामने आ गए.

सुनेत्रा पवार ने प्रचार में लगाई पूरी ताकत

चुनाव में बगावत को देखते हुए सुनेत्रा पवार ने प्रचार के आखिरी चरण में खुद मोर्चा संभाला. वह पार्थ पवार और जय पवार के साथ गांव-गांव पहुंचीं. उन्होंने मतदाताओं से मुलाकात की और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के पैनल के पक्ष में वोट देने की अपील की.

Advertisement

यह चुनाव सिर्फ चीनी मिल के निदेशक चुनने तक सीमित नहीं था. अजित पवार के निधन के बाद यह देखने का मौका भी था कि उनके करीबी नेताओं के बीच सुनेत्रा पवार की कितनी पकड़ बनी हुई है. चुनाव से एक दिन पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के एक नगर अध्यक्ष पर सभासदों को पैसे बांटने का आरोप भी लगा था.

नतीजों में सुनेत्रा पवार के पैनल का दबदबा

सुनेत्रा पवार ने भरोसा जताया था कि बागी गुट का एक भी निदेशक चुनाव जीतकर नहीं आएगा. नतीजे आए तो उनके नेतृत्व वाले पैनल ने सभी 21 सीटों पर जीत दर्ज की. विरोधी गुटों को एक भी सीट नहीं मिली. जीत के बाद सभी 21 विजेता अजित पवार के स्मारक पर पहुंचे. उन्होंने अपनी जीत अजित पवार को समर्पित की. इस नतीजे से सोमेश्वर चीनी मिल पर पिछले 34 साल से चले आ रहे अजित पवार के पैनल के दबदबे को उनके निधन के बाद भी जारी रखने का संदेश गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »