सुनेत्रा (Sunetra Pawar) पवार महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी हैं. अजित पवार की 28 जनवरी 2026 को प्लेन क्रैश में मौत हो गई. वह बारामती टेक्सटाइल कंपनी की चेयरपर्सन और एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया की CEO हैं. उनके दो बेटे हैं, जय पवार और पार्थ पवार. सुनेत्रा पवार बारामती से लोकसभा के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार थीं. सुनेत्रा पूर्व राज्य मंत्री और लोकसभा सांसद पद्मसिंह पाटिल की बहन हैं.
2010 में, सुनेत्रा ने एनवायरनमेंटल फोरम ऑफ इंडिया (EFOI) की स्थापना की, जो एक NGO है जो ऑर्गेनिक खेती, इको-विलेज और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है. पर्यावरण जागरूकता फैलाने और स्थायी प्रथाओं को लागू करने के उनके प्रयासों के लिए उन्हें "ग्रीन वॉरियर अवार्ड" और अन्य सम्मान मिले. वह 2011 से फ्रांस में वर्ल्ड एंटरप्रेन्योरशिप फोरम की थिंक टैंक सदस्य रही हैं, जो स्थायी विकास और उद्यमिता पर वैश्विक चर्चाओं में योगदान देती हैं.
सुनेत्रा शरद पवार द्वारा स्थापित एक शैक्षणिक संस्थान विद्या प्रतिष्ठान की ट्रस्टी भी हैं. वह नियमित रूप से इसकी गतिविधियों की देखरेख करती हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि 25,000 से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले. शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भागीदारी 2017 से सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में सीनेट सदस्य के रूप में भी है.
महाराष्ट्र के पूर्व कृषि मंत्री और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे को राज्य लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार के आरोपों से क्लीन चिट दी है. सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया के लगाए गए खेती के सामान की खरीद में घोटाले और 'लाभ के पद' के आरोपों को लोकायुक्त ने बिना ठोस सबूत के खारिज कर दिया है.
सुनेत्रा पवार को सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया, जिसकी घोषणा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक और अधिवेशन में हुई. वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने उनका नाम प्रस्तावित करते हुए कहा कि अजित पवार के निधन के बाद भी पार्टी नेतृत्व एकजुट रहा और नेतृत्व परिवर्तन को सुचारु बनाने के लिए यह कदम उठाया गया.
महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव को लेकर महाविकास अघाड़ी के भीतर सीट बंटवारे पर असमंजस की स्थिति बनी हुई है. एनसीपी (एसपी) के दो सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, जिससे पार्टी का उच्च सदन में प्रतिनिधित्व प्रभावित हो सकता है. गठबंधन सहयोगियों के बीच संभावित उम्मीदवार को लेकर सहमति बनाना प्रमुख राजनीतिक चुनौती बन गया है.
अजित पवार हवाई हादसा केस में साजिश का शक जाहिर करने वालों में उनकी पत्नी और महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार, बेटा जय और पार्टी भी शामिल हो गए हैं, और घटना सीबीआई जांच की मांग की गई है. मामले में जांच की रफ्तार, तकनीकी पहलुओं और ब्लैक बॉक्स के डाटा को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं.
महाराष्ट्र की राजनीति में भारी हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और एनसीपी (एपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बड़ा कदम उठाया है. दोनों नेताओं ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की औपचारिक मांग की है.
महाराष्ट्र की राजनीति में अजित पवार के निधन के बाद से माना जा रहा था कि एनसीपी के दोनों गुट एक हो जाएंगे, लेकिन लगता है कि मर्जर प्लान पर ग्रहण लग गया है. अजित पवार की सियासी विरासत संभाल रहीं सुनेत्रा पवार की मौजूदगी में एनसीपी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें विलय को लेकर कोई बात तक नहीं हुई.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश में मौत के बाद उनकी बीवी और सांसद सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद का अक कार्यभार संभाल लिया है. जहां वो NCP ऑफिस पहुंची और लोगों से मिली.
महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम बनने के बाद सुनेत्रा पवार ने आज पहली बार कैबिनेट बैठक में हिस्सा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उनका स्वागत किया और पार्टी की सफलता की उम्मीद जताई.
अजित पवार के निधन के 13 दिन बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम पद संभाल लिया है. वे राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम बनी हैं. सुनेत्रा आज पार्टी के दफ्तर भी पहुंचीं और कैबिनेट बैठक का हिस्सा बनीं.
एनसीपी के विधायक रोहित पवार ने पार्टी के सभी सदस्यों और परिवार की ओर से सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की इच्छा जताई है. उन्होंने अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के विलय को लेकर 9 फरवरी के बाद खुलकर बात करने का आश्वासन दिया. रोहित ने कहा कि शोक काल के दौरान राजनीतिक रुख अपनाना कठिन है और उन्होंने वरिष्ठ नेताओं द्वारा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने पर दुख जताया.
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के विलय को लेकर सवाल जस का तस बना हुआ है. अजित पवार की जगह उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार डिप्टी सीएम बन गई हैं और एनसीपी की कमान संभालने की तैयारी में भी हैं. ऐसे में क्या एनसीपी के दोनों धड़ों के एक होने की गुंजाइश बची है या नहीं?
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद राज्य की राजनीति में बदलाव तेजी से हो रहे हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद पवार ने अजित पवार के बेटों पार्थ और जय पवार के साथ बारामती में अहम बैठक की. इस बैठक में पार्थ पवार की राज्यसभा सीट की महत्वाकांक्षा पर विशेष चर्चा हुई.
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उप मुख्यमंत्री बनने पर खुशी जताई. उन्होंने एनसीपी विलय पर फिलहाल कोई राजनीतिक चर्चा न होने की बात कही और कहा कि प्राथमिकता शोकग्रस्त परिवारों का साथ देना है.
एनसीपी की राजनीति में सुनेत्रा पवार धीरे धीरे पावर सेंटर बनने की दिशा में बढ़ रही हैं. अब तक महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के पावर की चर्चा हुआ करती थी, लेकिन अब वो बीते दिनों की बात होने जा रही है - लेकिन, जो कुछ भी हो रहा है उसमें बीजेपी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है.
अजित पवार के अचानक निधन के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में बड़े नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी पूरी हो गई है. पार्टी के अंदर बनी सहमति के बाद अब सुनेत्रा पवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने PSO के परिवार से मुलाकात की.
महाराष्ट्र की राजनीति में एनसीपी के संभावित विलय को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. अजित पवार के निधन के बाद बदले घटनाक्रम में सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम बन जाने से समीकरण बदले हैं. शरद पवार और पार्थ पवार की मुलाकात में पैच-अप की कोशिश हुई है, लेकिन अभी कुछ भी निश्चित नहीं है.
प्रफुल्ल पटेल ने खुद के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलों पर विराम लगा दिया है. उन्होंने कहा कि एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी नियुक्ति के बारे में मीडिया रिपोर्टें पूरी तरह से निराधार और बेबुनियाद थीं.
छगन भुजबल का कहना है की महाराष्ट्र के लिए यह गर्व की बात है क्योंकि पहली बार राज्य को एक महिला उपमुख्यमंत्री मिली है. लोग चाहते हैं कि भविष्य में महिला मुख्यमंत्री भी बने. हालांकि, अजित दादा के साथ जो हादसा हुआ वह अभी भी सभी की यादों में ताजा है. हाल के तीन दिनों में सभी नेताओं ने मिलकर एकमत से इस महिला नेता को अपना नेता और लीडर चुना है. यह निर्णय राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है.
अमोल मिटकरी का कहना है कि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के कार्यकर्ता सदमे में हैं और सभी चाहते हैं कि पार्टी में असमंजस न पैदा हो. सुनेत्रा पवार को नेतृत्व करने की सलाह दी जा रही है क्योंकि पहली बार महाराष्ट्र में एक महिला उपमुख्यमंत्री बनी हैं. यह महिलाओं के सम्मान और विचारधाराओं के सम्मान को दर्शाता है.
महाराष्ट्र की सियासत में वित्त मंत्रालय को लेकर नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं. एनसीपी इस मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराएगी या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा. वित्त मंत्रालय एक महत्वपूर्ण विभाग है जिसे पाने के लिए लंबे वक्त तक प्रयास हुए. अजित पवार ने इस मंत्रालय के लिए काफी संघर्ष किया था और उनकी भूमिका अहम रही है. भाजपा ने अजित पवार को वित्त मंत्रालय दिया क्योंकि वे पहले भी वित्त मंत्री रह चुके हैं. सरकार बनने के बाद प्रत्येक पार्टी को बड़े विभाग दिए गए जिसमें भाजपा ने गृह और राजस्व विभाग, शिवसेना ने नगर विकास और गृह निर्माण विभाग अपने पास रखा. एनसीपी को वित्त मंत्रालय नहीं मिला और सुनीत्रा पवार को विधानसभा दल का नेता चुना गया है. बजट सत्र मार्च में शुरू होगा लेकिन फैसले अभी स्पष्ट नहीं हैं कि एनसीपी को भविष्य में वित्त मंत्रालय मिलेगा या नहीं. इस राजनीतिक घटनाक्रम में आगे क्या होगा, यह वक्त ही बताएगा.