प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली और गड़बड़ियों के खिलाफ CID ने बड़ी कार्रवाई की है. TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी के बाद अब सीआईडी ने उसकी पत्नी और भाई को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों पर JPSC और JSSC-CGL की परीक्षाओं में अवैध तरीके से सफलता हासिल करने का आरोप है.
बता दें कि अभय तिवारी को इस पूरे मामले में पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. सीआईडी की जांच और पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले सच सामने आए. ऐसे में अब इस पूरे सिंडिकेट और नेटवर्क के तारों को खंगाला जा रहा है, जिसने अभ्यर्थियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाया.
अभय तिवारी से हुई पूछताछ और जुटाई गई जानकारियों के आधार पर सीआईडी ने उसके करीबी रिश्तेदारों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया. जांच एजेंसी अब JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं में मिली इस फर्जी सफलता में दोनों की भूमिका की बारीकी से जांच कर रही है.
कई लोगों और बड़े नेटवर्क से जुड़े तार!
अभय तिवारी की पत्नी और भाई की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले की जांच का दायरा काफी बढ़ गया है. सीआईडी का मानना है कि इस फर्जीवाड़े के तार कई लोगों और बड़े नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं.
जांच एजेंसी अब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है. सीआईडी को उम्मीद है कि इस पूछताछ के जरिए परीक्षा धांधली में शामिल दूसरे लोगों, दलालों और इस अवैध नेटवर्क के बाकी सदस्यों के बारे में अहम जानकारियां और सुराग हाथ लगेंगे.
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बता दें कि झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगें मान ली हैं. सरकार ने छात्रों को परीक्षाएं रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच का भरोसा दिया है. ऐसे में भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो ने अपना अनशन खत्म कर दिया है.
सत्यजीत कुमार