दिल्ली में विपक्ष चुनावी वोटर लिस्ट को लेकर प्रदर्शन कर रहा है. दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश में बीजेपी ने चुनावी तैयारी तेज कर दी है. पार्टी 14 और 15 अक्टूबर को वाराणसी में दो दिन की बैठक करने जा रही है. इसमें 142 विधानसभा सीटों पर संगठन मजबूत करने, बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और 43 समुदायों तक पहुंच बनाने पर चर्चा होगी. बैठक में करीब 266 विधानसभा स्तर के प्रभारी और विस्तारक शामिल होने की उम्मीद है.
बीजेपी की तैयारी सिर्फ चुनावी भाषणों तक सीमित नहीं है. पार्टी का जोर स्थानीय कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, अलग-अलग सामाजिक समूहों से संपर्क बढ़ाने और संगठन की कड़ियां मजबूत करने पर है. इसी बीच, दिल्ली में भी यूपी चुनाव को लेकर पार्टी के बड़े नेताओं की बैठक हुई. इसका मकसद चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना है.
142 सीटों पर BJP का फोकस, 266 लोग होंगे शामिल
वाराणसी में होने वाली बैठक में काशी और गोरक्ष प्रांत की 142 विधानसभा सीटों पर चर्चा होगी. इनमें काशी की 71 सीटें और गोरक्ष प्रांत की 62 सीटें शामिल हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 133 सीटों पर खास ध्यान दिया जाएगा. बैठक में करीब 266 प्रभारी और विस्तारक शामिल होंगे. इनका जोर संगठन को मजबूत करने और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल बढ़ाने पर रहेगा.
पार्टी का जोर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने पर रहेगा, ताकि कार्यकर्ता सीधे मतदाताओं तक पहुंच सकें. इसके लिए शक्ति केंद्रों और बूथों पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा.
43 समुदायों तक पहुंचने की तैयारी
बीजेपी की तैयारी सिर्फ संगठन को मजबूत करने तक सीमित नहीं है. पार्टी की योजना यूपी के 43 समुदायों तक पहुंचने की भी है. इसके लिए बूथ स्तर पर लोगों से संपर्क किया जाएगा. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 'सर्व समाज' अभियान के तहत अलग-अलग समुदायों के लोगों से बात की जाएगी. कोशिश होगी कि पार्टी के कार्यकर्ता लोगों से जुड़ें और उनकी समस्याओं को समझें. अब यह देखना होगा कि इस योजना को जमीन पर कितना लागू किया जा पाता है.
दिल्ली में भी चुनावी रणनीति पर बैठक
यूपी चुनाव की तैयारी को लेकर दिल्ली में बीजेपी के पुराने कार्यालय, अशोक रोड पर अहम बैठक हुई. इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष, यूपी के प्रभारी विनोद तावड़े , यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी और यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह शामिल हुए. बैठक में यूपी चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देने पर चर्चा हुई. यह बैठक 14 अक्टूबर की शाम वाराणसी में शुरू होने वाली विस्तारकों की बैठक से पहले हुई. वाराणसी में यह बैठक 15 अक्टूबर तक चलेगी.
इन दो दिनों में छह सत्र रखे जाएंगे. इनमें कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठन के भीतर तालमेल बेहतर बनाने और केंद्र सरकार के साथ योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज पर चर्चा होगी. चुनाव के दौरान किन मुद्दों को जनता के बीच उठाया जाए, इस पर भी मंथन होगा.
नवंबर से यूपी में बढ़ सकती है बड़े नेताओं की सक्रियता
बीजेपी की इस तैयारी के बाद उत्तर प्रदेश में बड़े नेताओं की गतिविधियां भी बढ़ने की उम्मीद है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, त्योहारों का दौर खत्म होने के बाद नवंबर के मध्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और दूसरे वरिष्ठ नेताओं के यूपी दौरे शुरू हो सकते हैं. ऐसे दौरों से पहले पार्टी अपने स्थानीय संगठन को तैयार करना चाहती है. इसके लिए बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता, अलग-अलग समुदायों तक पहुंच और चुनावी संदेश को लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है.
दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन
दिल्ली में विपक्षी दल मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठा रहे हैं. 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया. वे मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया की जांच और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. वहीं, बीजेपी उत्तर प्रदेश में अपने संगठन को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. वाराणसी की बैठक में बूथ प्रबंधन, सामाजिक समूहों से संपर्क और सरकार के कामकाज को चुनावी मुद्दों के तौर पर सामने रखने की तैयारी होगी.
ऐश्वर्या पालीवाल