मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम के दौरान सपा और कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा विधायक ने कड़ा पलटवार किया. उन्होंने राम मंदिर, कारसेवकों पर गोलीबारी, बुलडोजर कार्रवाई और 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा.
बीजेपी के यूपी महासचिव और विधायक राजेश चौधरी, सपा नेता डा.संजय लाथर, कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर और आरएलडी के प्रदेश उपाध्यक्ष कुंवर नरेंद्र सिंह के बीच जमकर बहस हुई.
विपक्षी नेताओं ने राम मंदिर निर्माण, चंदे और दान के पैसों के प्रबंधन को लेकर सत्ता पक्ष पर जमकर हमला बोला. सपा और कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर चंदा जुटाकर उसमें अनियमितताएं की जा रही हैं और सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है.
बीजेपी ने सपा को राम मंदिर पर घेरा
भाजपा विधायक ने समाजवादी पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरयू के पानी को कारसेवकों के खून से लाल करने वाले आज किस अधिकार से मंदिर और चढ़ावे पर बात कर रहे हैं। उन्होंने चुनौती दी कि अखिलेश यादव या उनकी पार्टी का कोई सांसद-विधायक राम मंदिर निर्माण में एक रुपये दान की रसीद दिखाकर दिखाए.
राम मंदिर में वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी विधायक राजेश चौधरी ने स्पष्ट किया कि चढ़ावा चोरी करने वाले अपराधी जेल के अंदर है. कानून अपना काम निष्पक्षता से कर रहा है और दूध का दूध, पानी का पानी हो चुका है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
दंगा, चंदा और कानून-व्यवस्था पर तीखी झड़प
डॉ. संजय लाथर ने कहा कि दंगा और चंदा बीजेपी व आरएसएस की खुराक है. बिना दंगे सुलगाए और बिना फर्जी चंदा जुटाए इनकी राजनीति नहीं चलती. इस पर बीजेपी विधायक राजेश चौधरी ने आरोप का खंडन करते हुए कहा कि सपा शासन में 1,150 से अधिक दंगे हुए, जिसमें कोसीकलां तांडव और कन्नौज की घटनाएं शामिल थीं.उन्होंने कहा कि योगी सरकार में दंगाई 'पाजामे में आ गए हैं'और प्रदेश पूरी तरह दंगा-मुक्त हुआ है.
बीजेपी विधायक राजेश चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में प्रदेश दंगे और अराजकता के दौर से गुजर रहा था. उन्होंने अतीत की घटनाओं को याद दिलाते हुए कहा कि "सरयू का पानी कारसेवकों के खून से लाल करने वाले लोग आज चंदे की बात कर रहे हैं. उन्होंने चुनौती दी कि सपा या कांग्रेस का कोई नेता मंदिर के लिए दी गई एक रुपये के दान की रसीद दिखाकर दिखाए.
बुलडोजर एक्शन पर बचाव करते दिखी बीजेपी
विपक्ष ने चुनिंदा कार्रवाई और बुलडोजर नीति पर सवाल उठाए, इसके साथ ही राम मंदिर में चंदा चोरी का मुद्दा उठाकर बीजेपी को घेरा. कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रदीप माथुर ने भी बीजेपी को कठघरे में खड़े करते नजर आए. वहीं. बीजेपी नेता ने स्पष्ट किया कि बुलडोजर केवल माफियाओं और दंगाइयों की अवैध संपत्तियों पर चलता है और इस पर सुप्रीम कोर्ट की भी मुहर है.
विपक्उष के ठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि बुलडोजर केवल अवैध और माफियाओं द्वारा कब्जाई जमीनों पर चला है, अतीक अहमद जैसे माफियाओं के कब्जे से मुक्त कराई जमीनों पर गरीबों के लिए मकान बनाए गए हैं. उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी सरकार के पक्ष को देखने के बाद इस कार्रवाई पर संतोष जताया है
आरएलडी नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने बीजेपी के साथ अपने गठबंधन का बचाव करते हुए कहा कि राज्य में अब दंगों का दौर खत्म हो चुका है और सरकार का मुख्य ध्यान किसानों के कल्याण और कानून व्यवस्था के सुधार पर है.
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को मुलायम सिंह यादव ने मुख्यमंत्री बनाया था, जबकि योगी आदित्यनाथ ने 2022 में अपने दम पर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई. पार्टी योगी आदित्यनाथ के साथ चट्टान की तरह खड़ी है और भाजपा 2027 के चुनाव में 2017 से भी अधिक सीटें जीतकर दोबारा सरकार बनाएगी.
पश्चिम यूपी की उपेक्षा पर सपा का हमला
सपा नेता डॉ. संजय लाथर ने राज्य सरकार पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उपेक्षा का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि पश्चिमी यूपी से विधायक ज्यादा जीतते हैं, लेकिन सरकार में उन्हें छोटे विभाग दिए गए हैं. उन्होंने आरएलडी के मंत्री के पास कम बजट वाले विभाग और गन्ना मंत्री द्वारा अपने क्षेत्र की चीनी मिलें न चालू करवा पाने पर सवाल उठाए. साथ ही अलीगढ़, मुरादाबाद और कुशीनगर जैसे हवाई अड्डों के बंद होने तथा हरदुआजंग-एटा बिजली कारखानों के चालू न होने का मुद्दा उठाया.
सपा और कांग्रेस नेताओं ने केंद्र द्वारा कृषि कानून वापस लेने के बाद भी यूपी में मंडी कानून लागू रहने पर सवाल उठाए. सपा नेता ने मांग रखी कि चीनी के दाम बढ़ने के अनुपात में गन्ने का भाव कम से कम 550 रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए. इस पर पलटवार करते हुए आरएलडी नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि आरएलडी की प्राथमिकता गन्ने की कीमत बढ़ाना है. उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद स्वीकार किया था कि आरएलडी विधायक किसानों के गन्ना मूल्य वृद्धि के लिए लगातार प्रयासरत रहे है.
सरकारी नौकरियां और भ्रष्टाचार का दावा
बीजेपी विधायक ने दावा किया कि योगी सरकार में 9 लाख नौजवानों को पारदर्शिता से नौकरियां मिली हैं और आने वाले 3 महीनों में 1 लाख और नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान स्थानीय नेताओं द्वारा रिश्वत लेकर नौकरियां बांटी जाती थीं।
2027 का सियासी गणित और गठबंधन
सपा और कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि सपा-कांग्रेस का संयुक्त गठबंधन 2027 में प्रचंड जीत दर्ज कर बीजेपी की सरकार को सत्ता से बेदखल करेगा, क्योंकि प्रदेश में अफसरशाही हावी है और जनता परेशान है. वहीं, बीजेपी और आरएलडी नेताओं ने विपक्षी एकता को खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन में दरार पड़ चुकी है और 2027 में एनडीए पहले से भी बड़ा जनादेश हासिल करेगा.
बांके बिहारी कॉरिडोर का मुद्दा उठा
कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बांके बिहारी मंदिर के अधिग्रहण और कॉरिडोर निर्माण के जरिए स्थानीय गोसाइयों व सेवायतों के अधिकार छीने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि सरकार कॉरिडोर बनाकर आरएसएस और बाहरी लोगों को वहां स्थापित करना चाहती है। उन्होंने साफ किया कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट तक इस लड़ाई को ले जाया गया है और स्थानीय लोग कानून-व्यवस्था को बिगड़ने दिए बिना इस अधिग्रहण का विरोध करेंग.
सपा और बीजेपी नेता कहा कि केंद्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में बीजेपी और उसकी सहयोगी सरकारों के बावजूद यमुना की स्थिति बदतर बनी हुई है. आचमन योग्य पानी तक उपलब्ध नहीं है. सपा नेता संजय लाथर ने याद दिलाया कि अखिलेश सरकार ने 1100 करोड़ रुपये के बैराज और गंगा जल को डायवर्ट करने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया था, जिसे मौजूदा सरकार ने ठप कर दिया.
बीजेपी विधायक ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि एसटीपी (STP) निर्माण और 120 एमएलडी गंगा जल यमुना में छोड़वाकर जल शुद्धिकरण का काम जारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि यमुना के प्रदूषण का असली कारण दिल्ली में आम आदमी पार्टी और पूर्ववर्ती सरकारों का रवैया था, जिसे अब योगी सरकार सुधार रही है.
राम मंदिर के बाद कृष्ण जन्मभूमि पर मुद्दा
बीजेपी विधायक ने अयोध्या राम मंदिर का जिक्र करते हुए खुला ऐलान किया कि जिस तरह अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है, उसी तरह मथुरा में भी भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि पर मंदिर का निर्माण होकर रहेगा. उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की स्थिति 'डायनासोर' जैसी हो गई है और जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया है.
मंत्रालयों के आकार पर विपक्ष के तंज का जवाब देते हुए आरएलडी नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने चुटकी ली कि जब 2027 में दोबारा हमारी सरकार बनेगी, तब वे आरएलडी के लिए बड़ा मंत्रालय दिलाने में मदद करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि एनडीए गठबंधन पूरी मजबूती से किसानों और क्षेत्र के विकास के लिए काम कर रहा है.
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