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अलीगढ़ विधानसभा चुनाव 2027 (Aligarh Assembly Election 2027)

अलीगढ़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे अहम शहरों में से एक है. इसकी ऐतिहासिक जड़ें गहरी हैं, इसकी एक मजबूत नागरिक पहचान है और इस इलाके की राजनीतिक जिंदगी में इसकी एक अहम जगह है. पुराने समय में इसे 'कोइल' या 'कोल' के नाम से जाना जाता था. यह एक पुरानी बस्ती से बढ़कर एक बड़े शहरी केंद्र और जिला मुख्यालय के तौर पर विकसित हुआ. आज यह अलीगढ़ मुस्लिम

यूनिवर्सिटी, अपनी बौद्धिक विरासत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की व्यापक राजनीति में अपनी जगह के लिए सबसे ज्यादा जाना जाता है.

1957 में बनने के बाद से ही यह सीट सामान्य रही है और यह अलीगढ़ लोकसभा क्षेत्र के पांच हिस्सों में से एक है. इसमें अलीगढ़ नगर निगम का पूरा इलाका आता है, जिससे इसकी पहचान पूरी तरह शहरी हो गई है और इसकी वोटर लिस्ट में कोई ग्रामीण वोटर नहीं है.

सालों से यह सीट किसी एक पार्टी के पास लंबे समय तक रहने के बजाय अलग-अलग पार्टियों के बीच बदलती रही है, जिससे यह शहर की उन सीटों में से एक बन गई है जिन पर सबकी नजर रहती है.

शुरुआती दशकों में अलीगढ़ का मिजाज 'स्विंग सीट' जैसा रहा, यानी कोई भी पार्टी यहां लंबे समय तक अपना दबदबा नहीं बना पाई. 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक की शुरुआत में बीजेपी ने इस पैटर्न को बदल दिया. अयोध्या आंदोलन के चरम पर और बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद बने गरमा-गरम राजनीतिक माहौल में बीजेपी ने 1989, 1991 और 1993 में लगातार तीन चुनाव जीते. कुल मिलाकर, भगवा खेमे ने यह सीट सात बार जीती है, जिसमें पांच बार बीजेपी और दो बार भारतीय जनसंघ की जीत शामिल है. वहीं, कांग्रेस ने चार बार, समाजवादी पार्टी ने तीन बार और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया, जनता पार्टी और जनता पार्टी (सेक्युलर) ने एक-एक बार यह सीट जीती है.

हाल के चुनावों में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला रहा है. 2012 में समाजवादी पार्टी के जफर आलम ने बीजेपी के आशुतोष वार्ष्णेय को 23,086 वोटों से हराया. 2017 में नतीजा पलट गया, जब बीजेपी के संजीव राजा ने जफर आलम को 15,440 वोटों से हराया. एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण संजीव राजा 2022 का चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए, तो बीजेपी ने उनकी पत्नी मुक्ता राजा को मैदान में उतारा. उन्होंने जफर आलम को 12,786 वोटों से हराया. अलीगढ़ सीट पर लोकसभा चुनाव में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है. बीजेपी 2009 में 1,018 वोटों से, 2014 में 26,464 वोटों से और 2019 में 21,066 वोटों से आगे रही थी. 2024 में समाजवादी पार्टी आगे निकल गई और बीजेपी से 7,832 वोटों से बढ़त बना ली. इसमें बिजेंद्र सिंह को 106,173 वोट मिले और बीजेपी के सतीश कुमार गौतम को 98,341 वोट मिले.

इस सीट की राजनीति यहां की आबादी के बनावट से गहराई से जुड़ी है. अनुमान है कि हिंदू (जिनमें अनुसूचित जातियां भी शामिल हैं) कुल वोटरों का 55.40 प्रतिशत हैं, जबकि मुस्लिम 42.60 प्रतिशत हैं और वे सबसे बड़ा वोटर ग्रुप हैं. हिंदुओं में गिनी जाने वाली अनुसूचित जातियों की हिस्सेदारी लगभग 21.22 प्रतिशत है, हालांकि वे हमेशा ऊंची जाति के हिंदुओं की तरह वोट नहीं करते हैं. इसी सामुदायिक संतुलन की वजह से सालों से बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच कड़ी टक्कर होती रही है.

समय के साथ अलीगढ़ में वोटरों की संख्या लगातार बढ़ी है. 2012 में यहां 294,190 रजिस्टर्ड वोटर थे, जो 2017 में बढ़कर 370,237, 2019 में 374,313, 2022 में 395,352 और 2024 में 396,094 हो गए. शहरी निर्वाचन क्षेत्र होने के बावजूद यहां वोटिंग का प्रतिशत काफी अच्छा रहा है, हालांकि 2024 के संसदीय चुनाव में इसमें छह प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई. यह 2012 में 62.83 प्रतिशत, 2017 में 66.48 प्रतिशत, 2019 में 61.61 प्रतिशत, 2022 में 63.94 प्रतिशत और 2024 में 57.33 प्रतिशत था.

अलीगढ़ का इतिहास समृद्ध और विविधताओं से भरा है. यह शहर लंबे समय से अपने पुराने नाम 'कोइल' और एक किलेबंद बस्ती के विकास से जुड़ा रहा है, जो बाद में एक महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय बन गया. समय के साथ, यह अलग-अलग शासकों के अधीन रहा और उत्तर भारत के व्यापक राजनीतिक और सांस्कृतिक इतिहास में इसने अपनी भूमिका निभाई. यहां का सबसे प्रमुख आधुनिक संस्थान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय है, जिसने शहर को शिक्षा, बहस और सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है. विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी और म्यूजियम इसके सबसे प्रसिद्ध बौद्धिक स्थलों में से हैं, साथ ही, शहर में किले, पुराने दरवाजे, मकबरे और अन्य ऐतिहासिक अवशेष भी हैं जो इसके लंबे इतिहास की झलक दिखाते हैं.

भौगोलिक दृष्टि से, अलीगढ़ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विशाल जलोढ़ मैदान में स्थित है, जहां पुराने शहरी इलाके, व्यावसायिक क्षेत्र, शिक्षण संस्थान और फैलते हुए रिहायशी इलाके एक साथ मौजूद हैं. व्यापार, सेवाएं, शिक्षा, परिवहन और लघु उद्योग यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जबकि शहर का ताला उद्योग इसकी पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है. यहां सड़क संपर्क बहुत अच्छा है. ग्रांड ट्रंक रोड और अन्य प्रमुख मार्ग शहर को आस-पास के कस्बों और बड़े केंद्रों से जोड़ते हैं. रेल संपर्क भी महत्वपूर्ण है, और अलीगढ़ जंक्शन इस क्षेत्र और पूरे शहर के लिए मुख्य रेलवे स्टेशन का काम करता है.

आस-पास के शहरी इलाकों में हाथरस (लगभग 45 किमी दूर), खैर (लगभग 35 किमी दूर), इगलास (लगभग 30 किमी दूर), अतरौली (लगभग 32 किमी दूर) और सिकंद्राराऊ (लगभग 50 किमी दूर) शामिल हैं. सड़क मार्ग से आगरा लगभग 100 किमी, मेरठ लगभग 120 किमी, गाजियाबाद लगभग 115 किमी, नोएडा लगभग 125 किमी, बुलंदशहर लगभग 90 किमी, मुरादाबाद लगभग 160 किमी और रामपुर लगभग 190 किमी दूर है. दिल्ली लगभग 135 किमी दूर है, जबकि राज्य की राजधानी लखनऊ लगभग 320 किमी दूर है.

हालांकि बीजेपी ने यहां पिछले सात चुनावों में से ज़्यादातर में जीत हासिल की है या बढ़त बनाई है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की वापसी और हाल के समय में हुए कड़े मुकाबलों का मतलब है कि कोई भी पक्ष पूरे भरोसे के साथ 2027 में नहीं उतर सकता. बीएसपी, एससी वोट बैंक में सेंध लगाकर समीकरण बिगाड़ सकती है, जबकि बीजेपी भी चुपचाप मुस्लिम वोटों के बंटवारे की उम्मीद कर रही होगी. अलीगढ़ में एक कड़ा और दिलचस्प मुकाबला होने वाला है, जहां वोटरों को एकजुट करने, खासकर समुदाय के आधार पर, सबसे ज्यादा मायने रखेगा.

(अजय झा)

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अलीगढ़ विधानसभा चुनाव के पिछले नतीजे

2022
2017
WINNER

Mukta Raja

BJP
वोट1,20,389
विजेता पार्टी का वोट %47.7 %
जीत अंतर %5.1 %

अलीगढ़ विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Zafar Alam

    SP

    1,07,603
  • Razia Khan

    BSP

    18,273
  • Mohd Salman Imtiaz

    INC

    2,292
  • Nota

    NOTA

    1,056
  • Monika Thapar

    AAAP

    861
  • Ramgopal

    IND

    843
  • Vinod Kumar

    IND

    471
  • Rihanuddin

    IND

    263
  • Keshav Dev

    IND

    195
  • Dileep Kumar

    IND

    178
  • Renuka Sharma

    IND

    163
WINNER

Sanjeev Raja

BJP
वोट1,13,752
विजेता पार्टी का वोट %46.2 %
जीत अंतर %6.3 %

अलीगढ़ विधानसभा चुनाव के अन्य उम्मीदवार

  • नाम
    पार्टी
    वोट
  • Zafar Alam

    SP

    98,312
  • Mohd Arif

    BSP

    25,704
  • Rajkumar

    SWAJANPA

    3,325
  • Nota

    NOTA

    1,375
  • Lav Kumar Bansal

    RLD

    948
  • Sanjeev Kumar

    IND

    677
  • Atul Goswami

    LD

    616
  • Dr. L.b Dayashankar

    IND

    517
  • Kashav Dev

    IND

    343
  • Gulzar Ahmad

    PECP

    292
  • Prem Pal

    RPI(A)

    253
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अलीगढ़ विधानसभा चुनाव सीट 2027 से जुड़े सवाल जवाब (FAQs)

अलीगढ़ विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान (2022) विधायक कौन हैं?

2022 में अलीगढ़ में विजयी उम्मीदवार का वोट प्रतिशत कितना था?

2022 के अलीगढ़ विधानसभा चुनाव सीट पर Mukta Raja को कितने वोट मिले थे?

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अलीगढ़ विधानसभा चुनाव परिणाम 2027 कब घोषित होंगे?

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