कानपुर देहात में बारिश एक परिवार के लिए ऐसी आफत बनकर आई कि देखते ही देखते घर का सहारा ही उजड़ गया. तेज बारिश के बीच एक कच्चे मकान की छत अचानक भरभराकर गिर गई. उस वक्त घर के अंदर तीन लोग सो रहे थे. छत के मलबे में दो मासूम बच्चे और उनके पिता दब गए. जब तक ग्रामीणों ने मलबा हटाकर तीनों को बाहर निकाला, तब तक 7 साल की बच्ची और 3 साल के बच्चे की मौत हो चुकी थी. बच्चों के पिता गंभीर रूप से घायल हैं. वहीं दोनों बच्चों की मौत के बाद उनकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है.
हादसा कानपुर देहात के मूसानगर थाना क्षेत्र के जरसेन गांव का है. यहां तेज बारिश हो रही थी. परिवार के लोग कच्चे मकान के अंदर सो रहे थे. इसी दौरान अचानक मकान की कच्ची छत भरभराकर नीचे आ गिरी. छत गिरते ही उसके नीचे सो रही 7 साल की बेटी, 3 साल का बेटा और उनके पिता मुकेश कुमार मलबे में दब गए. एक पल में घर के अंदर चीख-पुकार मच गई. छत गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे.
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ग्रामीणों ने किसी तरह मलबा हटाने का काम शुरू किया. काफी मशक्कत के बाद तीनों को मलबे से बाहर निकाला गया. लेकिन तब तक दोनों बच्चों की जान जा चुकी थी. मुकेश कुमार हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए. उन्हें तत्काल इलाज के लिए भेजा गया. एक ही परिवार के दो मासूमों की मौत की खबर गांव में फैली तो वहां मातम छा गया.

जिन बच्चों के साथ कुछ देर पहले तक घर में जिंदगी थी, बारिश के बाद उसी घर में मातम पसरा हुआ है. बच्चों की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. गांव में भी इस हादसे के बाद सन्नाटा पसरा हुआ है. लोग परिवार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन दो मासूम बच्चों की मौत का दुख हर किसी के चेहरे पर दिखाई दे रहा है.
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने राहत और बचाव का काम कराया और घायल मुकेश कुमार को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी पुखरायां भेजा गया. वहीं दोनों बच्चों के शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी हाउस भेजा गया. प्रशासनिक अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया. उपजिलाधिकारी और सीओ भोगनीपुर मौके पर पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए.