जमुई पीड़िता की फोटो शेयर करने के मामले में एक्शन, बिहार CMO के स्टेनो पर FIR दर्ज

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया हैंडल से जमुई पीड़िता के परिजनों की फोटो पोस्ट किए जाने के मामले में कार्रवाई हुई है. मुख्यमंत्री कार्यालय के आशुलिपिक सागर प्रसाद के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को लेकर सीएम पर निशाना साधा था.

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CM सम्राट के सोशल मीडिया हैंडल पर फोटो शेयर की गई थी (File Photo- ITG) CM सम्राट के सोशल मीडिया हैंडल पर फोटो शेयर की गई थी (File Photo- ITG)

शशि भूषण कुमार

  • पटना,
  • 25 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:39 PM IST

बिहार के जमुई में छेड़छाड़ की नाबालिग पीड़िता और उसके परिवार की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने को लेकर कार्रवाई हुई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यालय में तैनात आशुलिपिक सागर प्रसाद के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने यह कार्रवाई पीड़िता की पहचान सार्वजनिक होने की शिकायत के बाद की है.

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बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से जमुई की छेड़छाड़ पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर पोस्ट किए जाने के मामले में बड़ा एक्शन हुआ है. विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर यानी आशुलिपिक सागर प्रसाद के खिलाफ पटना के सचिवालय थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

दरअसल, 19 सितंबर को जमुई जिले में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार की घटना हुई थी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की थी. पुलिस पहले ही पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो और पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की बात कह चुकी है.

CMO के स्टेनो पर तस्वीर पोस्ट करने का आरोप

सचिवालय थाने में दी गई शिकायत के मुताबिक, 25 सितंबर को जानकारी मिली कि घटना की पीड़िता और उसके परिजनों की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई है. शिकायत में कहा गया कि यह पोस्ट बाद में दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शेयर कर दी गई, जिससे पीड़िता से जुड़ी संवेदनशील जानकारी सार्वजनिक हो गई. मामले की जांच करने पर पता चला कि मुख्यमंत्री कार्यालय के स्टेनोग्राफर सागर प्रसाद ने पीड़िता की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी. इसके बाद पुलिस से सागर प्रसाद के साथ-साथ पोस्ट को आगे प्रसारित करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई.

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दस्तावेज के मुताबिक, सचिवालय थाने में केस नंबर 200/26 दर्ज किया गया है. एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धारा, पॉक्सो कानून की धारा 23 और सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धाराओं 66(E) और 67 का उल्लेख किया गया है.

मुख्यमंत्री के हैंडल से भी पोस्ट हुई थी तस्वीर

इससे पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जमुई की पीड़िता और उसके परिवार से मुलाकात की थी. मुख्यमंत्री ने परिवार को जल्द न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया था. इसके बाद मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया हैंडल से पीड़िता और उसके परिवार के साथ तस्वीर पोस्ट की गई, जिसे बाद में हटा दिया गया.

तस्वीर को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव और सांसद मीसा भारती ने सवाल उठाए थे. तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि तस्वीर के जरिए नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर हुई और पॉक्सो कानून के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ. मीसा भारती ने भी बिहार पुलिस से मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.

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