₹6 लाख लोन, 6% ब्याज दर, 5% सब्सिडी! किसानों के लिए बेस्ट है ये सरकारी योजना

कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को खेती में जरूरी निवेश के लिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन लोन मिल सकता है. ब्याज दर 6% सालाना रखी गई है, जबकि समय पर किस्त चुकाने पर ब्याज पर 5% सब्सिडी मिलेगी. जानें कौन किसान पात्र है और आवेदन कैसे करना होगा.

Advertisement
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया. (Photo: ITG/@Gfx) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया. (Photo: ITG/@Gfx)

आजतक एग्रीकल्चर डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 23 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:56 AM IST

खेती में कई बार किसान के सामने सबसे बड़ी परेशानी फसल नहीं, बल्कि पैसा होता है. सिंचाई का इंतजाम करना हो, खेती के लिए जरूरी मशीन खरीदनी हो या खेत में कोई स्थायी सुविधा तैयार करनी हो, इन कामों के लिए बड़ी रकम की जरूरत पड़ती है. ऐसे में महंगे कर्ज का बोझ किसान की परेशानी और बढ़ा देता है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 सितंबर 2026 को योजना का शुभारंभ कर दिया है. इसके तहत लघु और सीमांत किसानों को 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन लोन 6% सालाना ब्याज पर मिलेगा. समय पर किस्त चुकाने वाले किसानों को सरकार की ओर से ब्याज पर 5% सब्सिडी भी मिलेगी.

Advertisement

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना

इस योजना का मकसद किसानों को खेती से जुड़े लंबे समय के निवेश के लिए कम ब्याज पर पैसा उपलब्ध कराना है. यानी यह सिर्फ रोजमर्रा के खेती खर्च के लिए कर्ज लेने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि किसान को ऐसी सुविधाएं और संसाधन तैयार करने में मदद देना है, जिनसे खेती की क्षमता बढ़ सके.

योजना के तहत पात्र किसान अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण ले सकते हैं. इस पर रियायती ब्याज दर 6% सालाना रखी गई है. राज्य सरकार ऋण पर 5% इंटरेस्ट सब्सिडी देगी. हालांकि इसका फायदा उन्हीं किसानों को मिलेगा जो निर्धारित समय पर अपनी किस्तें चुकाएंगे.

किसान को क्या फायदा होगा?

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा कम ब्याज पर लंबी अवधि के लिए कर्ज मिलना है. इससे किसान को खेती से जुड़ी बड़ी जरूरतों के लिए अपेक्षाकृत सस्ता कर्ज मिल सकेगा. इस रकम का इस्तेमाल सिंचाई के साधन, कृषि मशीनरी, उपकरण और कृषि से जुड़ी दूसरी स्थायी सुविधाएं या संपत्तियां तैयार करने के लिए किया जा सकेगा. सरकार का लक्ष्य है कि सस्ता कर्ज मिलने से किसान खेती में निवेश कर सकें और उनकी उत्पादकता तथा आमदनी बढ़ाने की संभावनाएं मजबूत हों.

Advertisement

5% ब्याज अनुदान कैसे मिलेगा?

सिर्फ 6% ब्याज दर होना ही इस योजना की पूरी बात नहीं है. राज्य सरकार पात्र किसानों को दिए गए ऋण पर 5% ब्याज अनुदान देगी. लेकिन यह लाभ तभी मिलेगा जब किसान लोन की किस्तें तय समय पर चुकाता रहे. इसलिए किसान के लिए जरूरी है कि लोन लेने के बाद भुगतान की तारीख और किस्त की शर्तों का ध्यान रखे. समय पर भुगतान नहीं करने पर ब्याज अनुदान का लाभ प्रभावित हो सकता है.

कौन किसान ले सकते हैं लाभ?

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना खास तौर पर उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए है. योजना का संचालन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है. किसान के पास खेती और जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज होने चाहिए. जमीन के रिकॉर्ड जैसे- खसरा-खतौनी, सही और अपडेट होना आवेदन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रहेगा.

एक अहम बात यह भी है कि योजना में पात्रता सिर्फ उन किसानों तक सीमित नहीं बताई गई है जिन्होंने पहले कभी कर्ज नहीं लिया. जानकारी के मुताबिक पहले लोन ले चुके किसान भी इस योजना में शामिल हो सकते हैं, हालांकि अंतिम स्वीकृति बैंक की पात्रता और दस्तावेजों की जांच के आधार पर होगी.

Advertisement

किन कामों के लिए ले सकते हैं लोन?

  • खेत में सिंचाई की व्यवस्था तैयार करना
  • कृषि मशीनरी और जरूरी उपकरण खरीदना
  • खेती से जुड़ी स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करना
  • कृषि आधारित गतिविधियों में पूंजी निवेश करना
  • खेती की उत्पादकता बढ़ाने वाले जरूरी काम करना

लोन के लिए आवेदन कैसे करें?

योजना के लिए आवेदन उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से किया जा सकता है. सरकार ने योजना के लिए ई-पोर्टल भी शुरू किया है, जिसके जरिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके अलावा किसान अपने नजदीकी सहकारी ग्राम विकास बैंक की शाखा से संपर्क कर प्रक्रिया की जानकारी ले सकता है. आवेदन करते समय किसान को अपनी पहचान, बैंक खाते और जमीन से जुड़े दस्तावेज तैयार रखने चाहिए. इनमें आम तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, बैंक खाते की जानकारी, निवास प्रमाण और जमीन के रिकॉर्ड मांगे जा सकते हैं. जिस काम के लिए लोन चाहिए, उसकी लागत और जरूरत बताने वाली प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी बैंक मांग सकता है.

आवेदन करने के बाद बैंक किसान की पात्रता और दस्तावेजों की जांच करेगा. जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, लोन की जरूरत और प्रस्तावित कृषि काम की जानकारी देखी जा सकती है. इसके बाद बैंक अपने नियमों के अनुसार लोन स्वीकृत करने का फैसला करेगा. इसलिए आवेदन करने से पहले किसान को अपनी खतौनी और दूसरे जमीन संबंधी रिकॉर्ड अपडेट करा लेने चाहिए. अगर पहले से कोई लोन चल रहा है या उसका बकाया है, तो उसकी सही जानकारी बैंक को देना जरूरी होगा.

Advertisement

सरकार का कितना बजट है?

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिए ₹38 करोड़ की व्यवस्था की थी. बजट दस्तावेज में योजना का उद्देश्य लघु और सीमांत किसानों को दीर्घकालीन ऋण के लिए ब्याज अनुदान देना और सहकारी ग्राम विकास बैंक को सहायता देना बताया गया है. योजना को बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी है. जानकारी के मुताबिक अगले पांच वर्षों में करीब 5 लाख किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.

किसान के लिए सबसे जरूरी बातें

अगर आप उत्तर प्रदेश के लघु या सीमांत किसान हैं और खेती में किसी बड़े काम के लिए पैसों की जरूरत है, तो इस योजना में ये बातें सबसे पहले समझ लें-

लोन: अधिकतम ₹6 लाख

ब्याज दर: 6% सालाना

ब्याज अनुदान: 5%

लोन का प्रकार: दीर्घकालीन कृषि ऋण

मुख्य लाभार्थी: उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसान

आवेदन: सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से/ऑनलाइन पोर्टल

जरूरी शर्त: निर्धारित समय पर किस्तों का भुगतान

योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को महंगे कर्ज से राहत देते हुए खेती में लंबे समय के निवेश के लिए सस्ती पूंजी उपलब्ध कराना है. ऐसे में जिन किसानों को सिंचाई, मशीनरी या दूसरी कृषि परिसंपत्तियों के लिए रकम की जरूरत है, उनके लिए यह योजना उपयोगी विकल्प बन सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »