देश में खेती के हालात, फसलों से जुड़ी अच्छी-बुड़ी खबरें और कृषि के स्थिति, कृषि नीति, मशीनरी, फसल, पशुधन, फार्म प्रबंधन और फसल की कीमतों के अपडेट सहित आपको 'आजतक कृषि समाचार' (Aaj Tak Agriculture News) पर मिलेगी सफल खेती, कृषि समाचार और किसान से जुड़े अपडेटेड स्टोरी, एनालिटिकल न्यूज, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
मॉनसून में पौधों को भरपूर पानी मिलता है, लेकिन यही बारिश कई बार उनके लिए परेशानी भी बन जाती है. लगातार नमी और गमले में पानी जमा रहने से पौधों की जड़ें सड़ने लगती हैं, जिसे रूट रॉट (Root Rot) कहा जाता
लॉन की कटी घास को फेंकने की बजाय नेचुरल लिक्विड फर्टिलाइजर बनाया जा सकता है.
इंडिया टुडे के आरटीआई के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया है कि देश में खाद की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं. सरकार आयात के स्रोतों में विविधता ला रही है ताकि किसी एक देश या रास्ते पर निर्भरता न रहे. इसके साथ ही कच्चे माल, जरूरी सामग्री और तैयार खाद, तीनों की सप्लाई सुरक्षित करने पर काम हो रहा है.
गुलाब की खूबसूरती को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली बीमारियों में ब्लैक स्पॉट डिजीज शामिल है. यह एक फंगल संक्रमण है, जो गुलाब की पत्तियों पर काले धब्बे बना देता है.
गार्डन या लॉन में चींटियों के छोटे-छोटे टीले (Ant Hills) दिखना आम बात है, लेकिन अगर इनकी संख्या बढ़ जाए तो ये पौधों और घास को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
गर्मियों में तेज धूप और बढ़ते तापमान की वजह से लॉन की घास जल्दी सूखने लगती है. ऐसे में इसे हरा-भरा बनाए रखने के लिए सही समय और सही मात्रा में पानी देना बेहद जरूरी है.
अगर आप घर में कुछ अलग और अनोखा पौधा लगाना चाहते हैं, तो Venus Flytrap बेहतरीन विकल्प हो सकता है. यह मांसाहारी पौधा अपने जाल जैसी पत्तियों में मक्खियों और छोटे-छोटे कीड़ों को फंसाकर उनसे पोषण प्राप्त क
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR संस्थानों की कार्यप्रणाली पर सख्त रुख अपनाते हुए जवाबदेही और परिणाम आधारित काम पर जोर दिया. पुणे स्थित राष्ट्रीय अंगूर अनुसंधान संस्थान के औचक निरीक्षण में मिली अव्यवस्थाओं पर उन्होंने नाराजगी जताई और संस्थान के निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए.
मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण समुद्री रास्ते बंद होने से अंतरराष्ट्रीय शिपिंग प्रभावित है. महाराष्ट्र के नासिक जिले में अंगूर और केले के किसानों को निर्यात में भारी नुकसान हो रहा है. जवाहरलाल नेहरू पोर्ट पर सैकड़ों कंटेनर फंसे हुए हैं, जिनमें जल्दी खराब होने वाले फल-सब्जियां शामिल हैं. वहीं, शिपिंग कंपनियों ने युद्ध जोखिम सरचार्ज भी लागू किया है, जिससे लागत बढ़ गई है.
किशमिश और मुनक्का दोनों ही ड्राई फ्रूट्स अंगूर से ही बनते हैं लेकिन इनमें कई महत्वपूर्ण अंतर होते हैं. किशमिश छोटे, बीज रहित अंगूरों से बनती है और इसका रंग हल्का भूरा या सुनहरा होता है जबकि मुनक्का बड़े, काले या लाल अंगूरों से बनती है. आइए जानते हैं किशमिश और मुनक्का में में क्या फर्क है और कैसे बनते हैं.
बारिश का मौसम सिर्फ हरियाली बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि घर में सब्जियां उगाने के लिए भी बेहतरीन माना जाता है. नमी वाली मिट्टी और अनुकूल तापमान में कई सब्जियां तेजी से बढ़ती हैं.
भारत सरकार ने पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जो एक जानलेवा हर्बिसाइड है और मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है.
गार्डन में ऐसा पौधा लगाना चाहते हैं जो कम मेहनत में खूबसूरती बढ़ाए और हर मौसम में हरा दिखे, तो रोमन कैंडल पोडोकार्पस एक बेहतर विकल्प हो सकता है.
ऑनलाइन शॉपिंग के बाद बचे कार्डबोर्ड बॉक्स को फेंकने के बजाय बगीचे में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह मिट्टी को ढकने, खरपतवार रोकने और गार्डन बेड तैयार करने में मदद कर सकता है.
सावन में औषधीय पौधे लगाना फायदेमंद माना जाता है. मिट्टी में नमी के कारण पौधे अच्छी तरह पनपते हैं, आयुर्वेदिक और कई औषधीय पौधे सावन के मौसम में आसानी से लगाए जा सकते हैं.
घर में उगाया धनिया कुछ ही दिनों में खत्म हो जाता है या पौधा कमजोर पड़ जाता है, तो इसकी वजह कटाई का गलत तरीका हो सकता है. सही तरीके से पत्तियां तोड़ने पर पौधा ज्यादा समय तक हरा-भरा रह सकता है.
करेले की काशी प्रतिष्ठा वैरायटी के बीज अब बाजार में उपलब्ध है, जो बुवाई के 50-55 दिनों में ही तुड़ाई के लिए फसल तैयार कर देते हैं. नेशनल सीड्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NSC) के अनुसार, इसके 5 ग्राम हाइब्रिड बीज मात्र 45 रुपये में ऑनलाइन उपलब्ध हैं.
करी पत्ता भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है. कई लोग इसे घर में गमले में उगाते हैं, लेकिन अक्सर शिकायत रहती है कि पौधा ऊंचा तो हो जाता है, पर घना नहीं बनता.
केंद्र सरकार ने 2026-27 से 2030-31 तक के लिए 'कपास उत्पादकता मिशन' शुरू किया है, जिसके तहत गुजरात को 134.80 करोड़ रुपये का बजट मिला है. राज्य के 21 कपास उत्पादक ज़िलों में एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को मिशन में शामिल किया जाएगा. आधुनिक खेती अपनाने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 7,500 से 14,000 रुपये तक की सहायता मिलेगी.
गमले की मिट्टी में रेत मिलाना हर पौधे के लिए जरूरी नहीं है. अगर आपके पौधे को अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी चाहिए, तभी साफ और मोटे दानों वाली रेत का इस्तेमाल करें.
हरी-भरी पत्तियां होने के बावजूद अगर गुलाब में फूल नहीं खिल रहे हैं, तो इसकी वजह देखभाल में की गई कुछ सामान्य गलतियां हो सकती हैं. इन बातों का ख्याल रखा जाए तो पौधा भरपूर फल देता रहेगा.