देश में खेती के हालात, फसलों से जुड़ी अच्छी-बुड़ी खबरें और कृषि के स्थिति, कृषि नीति, मशीनरी, फसल, पशुधन, फार्म प्रबंधन और फसल की कीमतों के अपडेट सहित आपको 'आजतक कृषि समाचार' (Aaj Tak Agriculture News) पर मिलेगी सफल खेती, कृषि समाचार और किसान से जुड़े अपडेटेड स्टोरी, एनालिटिकल न्यूज, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान (जू) में सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है. यहां जू परिसर में 150 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. जू का अपना खास मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा. इससे जू में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
फ्यूचर मिल्क के कई फायदे बताए जा रहे हैं. बकरी का दूध कई बीमारियों में फायदा पहुंचा सकता है. इसी प्रकार ऊंटनी के दूध के भी कई फायदे बताए जाते हैं. दूध और दूध से बनने वाले प्रोडक्ट पर रिसर्च करने वाला नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनडीआरआई), करनाल फ्यूचर मिल्क को लेकर हो रही चर्चा में अहम रोल निभा रहा है.
राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, करनाल (NBAGR) ने 16 नई नस्लों को रजिस्टर्ड किया है. राजस्थान की अविशान भेड़ जो ज्यादा बच्चे देने के मामले में बेस्ट मानी जाती है, उसे भी रजिस्टर्ड टैग मिल गया है. साथ ही गाय की दो सिंथेटिक ब्रीड वृंदावनी और करन फ्रीज को भी रजिस्टर्ड कर दिया गया है.
पेरिस के यूरोप के सबसे बड़े कृषि मेले (SIA 2026) में पहली बार कोई गाय नहीं होगी. लम्पी स्किन डिजीज के 100+ केस के कारण संक्रमण का डर है. हालांकि सूअर, भेड़, घोड़े आदि रहेंगे. फ्रांस में वैक्सीनेशन से बीमारी नियंत्रित है, लेकिन किसान सरकार की नीति से नाराज हैं.
आजकल मखाना लोगों की डाइट का अहम हिस्सा बन चुका है. अगर आपके पास थोड़ी जगह और सही जानकारी है, तो आप खुद मखाने की खेती कर सकते हैं.
अगर आपके घर के गमले में पौधे कमजोर, सूखी पत्तियों से झुकते या ग्रोथ रोक लेते हैं, तो मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी एक बड़ी वजह हो सकती है. सिर्फ पानी देने से यह नहीं सुधरता, सही खाद (fertilizer) देना
ईरान में सरकार विरोधी आंदोलन और अमेरिकी दखल के कारण भारत के बासमती चावल निर्यातकों को भारी नुकसान हो रहा है. ट्रंप टैरिफ के कारण निर्यात में बाधाएं आ रही हैं, जिससे लगभग 1500 करोड़ रुपये की खेप बंदरगाहों पर अटकी हुई है. इंडियन राइस एक्सपोर्टर फेडरेशन ने पेमेंट को लेकर एडवाइजरी जारी की है.
Farmers Success Story: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के किसान ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती करके अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहे हैं. राजौरी के डूंगी ब्लॉक के स्थानीय किसान मौसम के अनुसार सब्जियां बोते हैं और अपनी जीविका के लिए बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं.
फरवरी का महीना पौधों और गार्डनिंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि सर्दी धीरे-धीरे समाप्त होती है और बसंत आने की तैयारी शुरू होती है. इस मौसम में वातावरण में न ज्यादा ठंड होती है और न ज़्यादा गर
कुछ पौधे आपके घर का वातावरण शुद्ध, ऊर्जा संतुलित और मन शांत रखने में मदद करते हैं. ये पौधे नकारात्मक ऊर्जा को कम कर सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं.
स्नेक प्लांट अपनी सुंदर पत्तियों और आसान देखभाल की वजह से बेहद लोकप्रिय है. इसकी कटिंग से नई पौध तैयार करना भी शौकीनों के लिए एक मज़ेदार काम है लेकिन इसका सही समय चुनना बहुत मायने रखता है.
ठंड बढ़ने पर घरों और बगीचों में लगे गुड़हल के फूल गिरने लगते हैं. पत्तियां सूखकर झाड़ने लगती हैं. यह एक आम समस्या है. ठंड के मौसम में इसकी बढ़त धीमी हो जाती है. अगर सही देखभाल न हो तो पौधा कमजोर पड़
चमेली के पौधे को पत्तियों और कटिंग से आसानी से तैयार किया जा सकता है. हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक, चमेली की ग्रोथ के लिए वसंत और गर्मियों का मौसम सबसे बेहतर माना जाता है.
हरियाणा गाय, भारत की प्रमुख देसी नस्ल है. यह गाय मुख्य रूप से हरियाणा में पाई जाती है.
ठंड के मौसम में तापमान गिरने और पोषक तत्वों की कमी से फूलों की संख्या और गुणवत्ता कम दिख सकती है.
अगर आपके घर का मनी प्लांट पोटोस की पत्तियां काली या डार्क हो रही हैं, तो यह संकेत है कि पौधा तनाव में है और कुछ सामान्य देखभाल की गलतियां इसका कारण हो सकती हैं.
भारत ने डोनाल्ड ट्रंप से पहले भी अमेरिका की धमकियों को नजरअंदाज किया है. साल 1965 में जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने भारत को गेहूं की आपूर्ति रोकने की धौंस दी थी, तब भी भारत ने इसकी परवाह नहीं की और अमेरिका के ही वैज्ञानिक की मदद से हरित क्रांति करके मुंहतोड़ जवाब दिया था.
अगर आप सर्दियों में घर या गार्डन को आकर्षक बनाना चाहते हैं, तो प्यारे-प्यारे फूल उगाना आपके लिए बेहतरीन विकल्प बन सकता है. नेशनल सीड्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (NSC) सर्दियों के लिए सुंदर फूलों के बीज ऑनलाइन सस्ते दामों पर उपलब्ध करा रहा है, जिन्हें आप आसानी से घर बैठे ऑर्डर कर सकते हैं.
चिगू बकरी भारत के पहाड़ों में पाई जाने वाली एक खास नस्ल है. यह पशुपालकों के लिए लाभदायक मानी जाती है.
कपकपाती ठंड का असर देश के कई हिस्सों में तेज हो गया है. तापमान में लगातार कमी महसूस की जा रही है. राजस्थान के 16 जिलों में तापमान 5 डिग्री या उससे कम दर्ज किया गया. कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हुई है. बताया जा रहा है कि तापमान में आई यह गिरावट किसानों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है.
सर्दियों में घर के अंदर हवा अक्सर बहुत सूख जाती है, खासकर जब हीटर या सेंट्रल हीटिंग चलती है. इससे घर के पौधों पर नकारात्मक असर पड़ता है. नमी-पसंदीदा पौधों के पत्तों के किनारे सूखना या ब्राउन टिप्स बनन