देश में खेती के हालात, फसलों से जुड़ी अच्छी-बुड़ी खबरें और कृषि के स्थिति, कृषि नीति, मशीनरी, फसल, पशुधन, फार्म प्रबंधन और फसल की कीमतों के अपडेट सहित आपको 'आजतक कृषि समाचार' (Aaj Tak Agriculture News) पर मिलेगी सफल खेती, कृषि समाचार और किसान से जुड़े अपडेटेड स्टोरी, एनालिटिकल न्यूज, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
वेचूर गाय केरल के वेचुर गांव की मशहूर स्वदेशी नस्ल है, जिसे दुनिया की सबसे छोटी गाय भी कहा जाता है.
कई ऐसी अगेती सब्जियां होती हैं, जिन्हें जनवरी के मौसम में गमले में आसानी से उगाया जा सकता है. सही देखभाल और समय पर बुवाई करने से फरवरी-मार्च में इन सब्जियों की तुड़ाई की जा सकती है.
बिना टमाटर के कोई भी सब्जी अधूरी लगती है. खाने का जायका बढ़ाना हो तो टमाटर चाहिए ही.आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे घर पर पड़े बेकार कंटेनर में ही टमाटर उगा सकते हैं.
फूलों की खेती किसानों के लिए कमाई का एक बेहतर जरिया मानी जाती है. लेकिन जैसे ही सर्दी का मौसम आता है, वैसे ही फूलों के पौधों पर कम फूल आने लगते हैं.
ब्लूबेरी एक हेल्दी और महंगा फल है, लेकिन सही देखभाल के साथ इसे आप गमले में घर पर भी उगा सकते हैं. थोड़ी मेहनत और धैर्य से यह पौधा सालों तक फल देता है.
लीची का सूरज, नमी और उष्ण वातावरण पसंद करता है. यह आमतौर पर बाहरी बगीचों में 30‑40फीट तक बड़ा हो सकता है, लेकिन गमले में छोटा और सौंदर्य‑पूर्ण रूप में भी रखा जा सकता है.
Mustard Crop: भारत में जनवरी की ठंड के दौरान सरसों की फसल को माहू नामक कीट से खतरा है. किसान कीटनाशकों के बजाय स्टिकी ट्रैप का उपयोग करके कम खर्च में फसलों को सुरक्षित कर सकते हैं.यह तकनीक कीटनाशकों के दुष्प्रभावों को कम करके पर्यावरण संरक्षण में मददगार साबित होगी.
भारत के कई हिस्सों में ठंड बढ़ती जा रही है. लोग ठंड से बचने के लिए कई तरह की व्यवस्था कर रहे हैं, अलाव आदि का सहारा ले रहे हैं. बढ़ती ठंड में पशुओं का भी खास ख्याल रखना जरूरी होता है.
भारत दुनिया का 'राइस किंग' बन गया है. चावल उत्पादन के मामले में इंडिया अब नंबर वन पर पहुंच गया है. इस दौड़ में हमने चीन को पीछे छोड़ दिया है. अमेरिका के कृषि विभाग ने बताया कि भारत का चावल उत्पादन 152 मिलियन मीट्रिक टन हो गया है, जबकि चीन का उत्पादन 146 मिलियन मीट्रिक टन है.
अमेठी में शिक्षा के मंदिर को नकली कीटनाशक और खाद बनाने का अड्डा बना दिया गया. कांग्रेस नेता डॉ. देवमणि तिवारी के स्कूल में कृषि विभाग ने बड़ी छापेमारी कर लाखों रुपये की अवैध दवाएं और खाद बरामद की है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है.
आलूबुखारा (Plum) एक स्वादिष्ट, मीठा‑खट्टा फल है जिसे आप घर के गमले या बालकनी गार्डन में भी उगा सकते हैं. सही देखभाल और समय के साथ यह पौधा आपको खुद के घर का फ्रूट देता है, चाहे आपके पास बड़ी जगह न भी ह
कपूर का पौधा सिर्फ पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाला पौधा नहीं है, बल्कि ये एक सदाबहार औषधीय और वायुविशुद्धिकर पौधा भी है.
गुलाब की खूबसूरत कलियां हर बाग़ का आकर्षण होती हैं. अगर आप चाह रहे हैं कि आपके गुलाब तेज़ी से बढ़ें और ज़्यादा फूल दें, तो कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स अपनाकर आप इसे संभव बना सकते हैं.
घर की छत, बालकनी या छोटे-से आंगन में ताज़ी सब्ज़ी उगाने का शौक रखते हैं तो ग्वार (Cluster Beans) आपके लिए बेहतरीन विकल्प है. कम जगह, कम मेहनत और सही देखभाल से यह पौधा गमले में भी अच्छी पैदावार देता है
प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर राजमा सही तरीके से बोने पर 3–5 महीनों में तैयार हो जाता है और आप इसे ताज़ा या सुखाकर दोनों तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं.
दालचीनी सिर्फ स्वाद और सुगंध ही नहीं देती, यह आपके घर के गार्डन को सुगंधित, सुंदर और पौष्टिक भी बनाती है.
कोहरे की माइक्रो वॉटर कंटेंट्स हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं और पौधों व मिट्टी की ऊपरी सतह पर जमते हैं. इससे खेत में वाष्पीकरण की गति कम होती है और नमी लंबे समय तक बनी रहती है.
ये पहल उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के सहयोग से शुरू की जा रही है, जिसका मकसद सरकार और किसानों के बीच एक मजबूत, भरोसेमंद और लगातार चलने वाला संवाद स्थापित करना है. हमारे इस किसान कारवां में हर पड़ाव पर होंगे विशेषज्ञों के व्याख्यान, आधुनिक कृषि उपकरणों और तकनीकों की प्रदर्शनियां, प्रशिक्षण सत्र और किसान गोष्ठियां.
ठंड और घने कोहरे के कारण फसलों पर कीट और रोगों का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में गेहूं, राई-सरसों, टमाटर, मिर्च और चने की फसल के बचाव के लिए चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डॉ. खलील खान ने किसानों को सतर्क रहने और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है.
पशुपालकों के लिए गाय की सही नस्ल का चयन लाभदायक होता है. आप कई शानदार देसी नस्ल का पालन करके कई फायदे पा सकते हैं.
सर्दियों का मौसम पशुओं के लिए भी चुनौतीपूर्ण होता है. ठंड बढ़ने पर पशुओं को ऊर्जा, गर्माहट और मजबूत प्रतिरोधक क्षमता की आवश्यकता होती है.