देश में खेती के हालात, फसलों से जुड़ी अच्छी-बुड़ी खबरें और कृषि के स्थिति, कृषि नीति, मशीनरी, फसल, पशुधन, फार्म प्रबंधन और फसल की कीमतों के अपडेट सहित आपको 'आजतक कृषि समाचार' (Aaj Tak Agriculture News) पर मिलेगी सफल खेती, कृषि समाचार और किसान से जुड़े अपडेटेड स्टोरी, एनालिटिकल न्यूज, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
भारत में प्याज महंगा होकर लोगों को परेशान कर रहा है, लेकिन तजाकिस्तान में इसकी खपत दुनिया में सबसे ज्यादा है. 2021 के आंकड़ों के मुताबिक, यहां प्रति व्यक्ति सालाना 56.8 किलो प्याज खाया गया, जबकि भारत में यह आंकड़ा 16.3 किलो था. ताजिकिस्तान की जलवायु में प्याज आसानी से उगता और लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है.
ओडिशा के एक व्यक्ति ने आईटी सेक्टर की नौकरी छोड़कर मशरूम की खेती की. कुछ सालों की मेहनत के बाद आज वे हर महीने 10 लाख रुपये की कमाई कर रहे हैं.
Onion Sugar Price Hike, एक ओर जहां त्योहारी सीजन से पहले चीनी लगातार महंगी (Sugar Price Hike) हो रही है और इसे लेकर राजनीतिक घमासान भी देखने को मिल रहा है. तो वहीं दूसरी ओर प्याज भी चीनी की चाल चलती नजर आ रही है और लोगों के आंसू निकाल रही है.
आपने अक्सर देखा होगा कि ट्रैक्टर के आगे छोटे और पीछे काफी बड़े टायर लगे होते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि, आखिर ऐसा क्यों होता है? यह सिर्फ ट्रैक्टर को अलग लुक देने के लिए नहीं होता, बल्कि इसके पीछे कई टेक्निकल कारण होते हैं, जो मिलकर ट्रैक्टर को एक पावरफुल मशीन बनाते हैं.
पहाड़ों से पिघलकर अब तक बह जाने वाला पानी लद्दाख के खेतों तक पहुंचेगा. ग्लेशियर से रोज 9 करोड़ लीटर पानी नहर में लाया जा रहा है. इससे पानी की कमी से जूझ रहे 12 गांवों में 1000 एकड़ से ज्यादा जमीन की सिंचाई आसान होगी.
Sugar Price Hike देश में चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने 31 अक्टूबर 2026 तक बिना किसी ड्यूटी के 10 लाख टन तक कच्ची चीनी के आयात की मंज़ूरी दी है. इस कदम से त्योहारों के मौसम से पहले देश में चीनी की कीमतों को काबू में रखने में मदद मिल सकती है.
सातारा के वाई फुलेनगर में प्रयोगशील किसान उमेश खामकर ने आधे एकड़ में सफेद स्ट्रॉबेरी की खेती की है और इसकी बिक्री भी शुरू हो गई है. अलग प्रयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने सफेद स्ट्रॉबेरी की खेती की. हालांकि अभी कुछ जगहों पर ही इसकी बिक्री हो रही है. जल्द ही सफेद स्ट्रॉबेरी की बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी होने लगेगी.
हिमाचल प्रदेश सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कोल्ड स्टोरेज, फ्रीज-ड्राई यूनिट, रेफ्रिजरेटेड वैन, फिशिंग बोट और कास्ट नेट-गिल नेट की खरीद पर 70 फीसदी से 90 फीसदी तक सब्सिडी वाली कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ एफपीओ, सहकारी समितियां, बेरोजगार युवा, मछुआरे, विक्रेता और मछली पालक ले सकेंगे. सरकार का कहना है कि डीबीटी, सत्यापन, सात साल तक परिसंपत्तियां चालू रखने और लाइसेंस जैसी शर्तों के साथ यह कदम भंडारण, परिवहन, सुरक्षा, टिकाऊ मछली पकड़ने, रोजगार, उद्यमिता और राज्य की ब्लू इकॉनमी को मजबूत करने के मकसद से लाया गया है.
केंद्रीय कैबिनेट ने ₹23,731 करोड़ की गोबरधन स्कीम को मंजूरी दी है. योजना के तहत पराली, गोबर, कृषि अवशेष और नगर निकायों के जैविक कचरे से कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) तैयार की जाएगी. सरकार का लक्ष्य 2036 तक घरेलू CBG उत्पादन को करीब 10 गुना बढ़ाना है. योजना में CBG की अनिवार्य ब्लेंडिंग, उत्पादकों के लिए तय कीमत और प्रोजेक्ट्स को पूंजी सहायता का प्रावधान है.
सहजन की खेती से एक किसान आज के समय में 80 लाख रुपये सालाना की कमाई कर रहा है. यह एक तरह की ऐसी खेती है, जो 5 महीने में ही तैयार हो जाती है और लागत भी कम लगती है.
गुजरात सरकार ने किसानों की मदद के लिए बड़ा फैसला किया है. 7 जुलाई से राज्य में जायद (गर्मी की) मूंग की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर शुरू की जाएगी. जिसके लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा और राज्य में बने खरीद केंद्र पर जाकर उपज बेचनी होगी.
केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं का MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जो पिछले सीजन से 160 रुपये अधिक है. बिहार, पंजाब, हरियाणा समेत अन्य प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में खरीद के लिए मंडियां पूरी तरह तैयार हैं.
उत्तर प्रदेश में 30 मार्च से 15 जून तक MSP पर गेहूं की खरीद चलेगी. इसके लिए 3574 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है. इसके लिए किसानों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा.
सुप्रीम कोर्ट ने दालों के आयात और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम दाम मिलने के मुद्दे पर अहम निर्देश दिए हैं. अदालत ने केंद्र सरकार से कहा है कि वह सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठक कर स्थिति स्पष्ट करे और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करे.
केंद्र सरकार ने एमएसपी पर 3.47 लाख करोड़ रुपये खर्च कर नया रिकॉर्ड बनाया है. खरीद की मात्रा और लाभार्थी किसानों की संख्या भी बढ़ी है. फिर भी किसान संगठन MSP की कानूनी गारंटी की मांग पर अड़े हैं. A2+FL और C2 फार्मूले को लेकर विवाद जारी है.
गुजरात सरकार ने 2026-27 के लिए चना और सरसों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने का फैसला किया है. इसके लिए किसान 13 फरवरी से 5 मार्च तक ई-समृद्धि पोर्टल पर मुफ्त ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि चने के लिए MSP 5,875 रुपये प्रति क्विंटल और सरसों के लिए 6,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है.
बिहार के वैशाली में जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने किसानों के साथ खेत में उतरकर धान की रोपाई की और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का संदेश दिया. उन्होंने किसानों से बातचीत कर खेती की जानकारी ली और अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के निर्देश दिए. इस पहल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
अगर आप कम समय में खेती से ज्यादा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो सही फसल, सही मौसम और सही तकनीक की पहचान करना जरूरी है. आप मोटे अनाज की खेती करके कम लागत में मोटा मुनाफा भी कमा सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे आप मोटे अनाज की खेती से बेहतर उत्पादन और मुनाफा पा सकते हैं.
MIDH Scheme यानी 'मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ़ हॉर्टिकल्चर' योजना के तहत किसानों को न सिर्फ आर्थिक, बल्कि तकनीकी मदद भी दी जाती है, जिससे वे अपने प्रोडक्शन को बेहतर बना सकते हैं.
Succulent पौधे कम पानी में भी आसानी से बढ़ जाते हैं, लेकिन ज्यादा पानी इनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकता है. अगर आपका पौधा मुरझा रहा है तो उसे बार-बार पानी देने के बजाय सही कारण पहचानना जरूरी है, ताकि वह फिर से स्वस्थ होकर बढ़ सके.
पौधों की धीमी ग्रोथ या बार-बार मुरझाना हमेशा पानी या खाद की कमी की वजह से नहीं होता. कई बार गमले में जगह खत्म होने के कारण जड़ें दबने लगती हैं और पौधे का विकास रुक जाता है. ऐसे में सही समय पर गमला बदलना पौधे की सेहत के लिए बेहद जरूरी होता है.