देश में खेती के हालात, फसलों से जुड़ी अच्छी-बुड़ी खबरें और कृषि के स्थिति, कृषि नीति, मशीनरी, फसल, पशुधन, फार्म प्रबंधन और फसल की कीमतों के अपडेट सहित आपको 'आजतक कृषि समाचार' (Aaj Tak Agriculture News) पर मिलेगी सफल खेती, कृषि समाचार और किसान से जुड़े अपडेटेड स्टोरी, एनालिटिकल न्यूज, फोटो गैलरी, विजुअल स्टोरी और वीडियो.
Stevia Farming Tips: स्टीविया की खेती किसानों के लिए कमाई का नया विकल्प बन सकती है. मीठी तुलसी के नाम से पहचाने जाने वाले इस पौधे की पत्तियों से प्राकृतिक मिठास देने वाले उत्पाद तैयार किए जाते हैं. अनुकूल परिस्थितियों में एक बार पौधे लगाने के बाद कई साल तक उपज ली जा सकती है.
पपीता ऐसा फल है, जिसकी खपत घरों से लेकर बाजारों तक होती है. इसकी खासियत है कि अनुकूल परिस्थितियों में 8 से 9 महीने में फल मिलने शुरू हो सकते हैं. सही किस्म और वैज्ञानिक तरीके से खेती की जाए, तो 100 पौधों से लाखों रुपये की बिक्री संभव है. हालांकि, असली मुनाफा लागत और बाजार भाव पर निर्भर करेगा.
The Success Story: मोटी कमाई के लिए उन्होंने टेक्नोलॉजी की मदद ली. ड्रिप इरिगेशन, मल्चिंग और आधुनिक कृषि उपकरणों को अपनाया. इसी दौरान उन्हें विदेशों में छोटी सब्जियों की बढ़ती मांग के बारे में पता चला,
अगर आप खेती करते हैं, लेकिन आपको खेती से कुछ भी हासिल नहीं होता है, तो यहां कुछ ऐसी चीजों की खेती के बारे में बताया गया है, जिसके तहत आप मोटी कमाई हर सीजन कर सकते हैं. यहां विस्तार से मुनाफे का गणित समझाया गया है...
अगर खेती से होने वाली आमदनी बढ़ानी है, तो जरूरी नहीं कि किसान सिर्फ गेहूं और धान जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहें. जमीन के एक हिस्से में औषधीय फसलों की खेती भी अतिरिक्त कमाई का विकल्प बन सकती है. तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी, पुदीना, एलोवेरा और हल्दी जैसी फसलों की बाजार में मांग रहती है. कुछ फसलों में पानी की जरूरत भी सीमित होती है. हालांकि, खेती शुरू करने से पहले मिट्टी, लागत, बाजार और खरीदार की जानकारी लेना जरूरी है.
महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में 2026 के कमजोर मॉनसून और अल-नीनो के कारण भारी सूखा पड़ा है. महाराष्ट्र के 74 प्रतिशत तालुकों और आंध्र के आधे से ज्यादा मंडलों में सूखा घोषित है. फसलें मुरझाईं, पानी की कमी बढ़ी, स्वास्थ्य, खेती, कारोबार और अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है.
भोपाल के दशहरा मैदान में गोपालक सम्मेलन को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सहकारी डेयरी, आधुनिक तकनीक और नस्ल सुधार के जरिए पशुपालकों की आमदनी बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने 75,000 नई सहकारी डेयरियों, 50 एकड़ जमीन और नए डेयरी प्रोजेक्ट्स का जिक्र करते हुए कहा कि इससे मध्य प्रदेश में किसानों और महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा.
Tree Plantation for Income: अगर खेती से हर साल होने वाली कमाई के साथ कुछ साल बाद एकमुश्त रकम भी जुटानी हो, तो खेत में पेड़ों की खेती एक विकल्प बन सकती है. इनमें कुछ पेड़ 5 से 7 साल में तैयार हो जाते हैं, जबकि कुछ लंबा समय लेते हैं. हालांकि, ज्यादा समय लेने वाले पेड़ बिकते भी लाखों में हैं.
UP Dairy Scheme: अगर आप खेती के साथ पशुपालन से कमाई बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये सरकारी योजना आपके काम की हो सकती है. 10 देसी गायों की डेयरी यूनिट की लागत करीब 23 लाख रुपये बताई गई है, जिसमें 11.80 लाख रुपये तक की सरकारी मदद मिल सकती है. योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गायें शामिल हैं.
Modi Cabinet May Hike Rabi MSP: मोदी कैबिनट और सीसीईए की बैठक में छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की संभावना है.
खेती के लिए नया कृषि यंत्र खरीदने की सोच रहे किसानों के लिए काम की खबर है. श्रेडर, मल्चर, बेलर, स्लेशर, स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, हे रेक, स्ट्रॉ रेक और रोटोकल्टीवेटर जैसे यंत्रों पर सब्सिडी पाने का मौका है. पात्र किसानों को अधिकतम 50% तक अनुदान मिल सकता है.
महाराष्ट्र में 265 तालुकों में सूखा घोषित किया गया है जबकि देश के कई राज्यों में बाढ़ के बावजूद ग्रांउडवाटर लेवल गिर रहा है. वैज्ञानिक कारण हैं पानी का अधिक इस्तेमाल, कम रिचार्ज और असमान बारिश.
Winter Vegetable Farming: सर्दियों का मौसम किसानों के लिए सब्जियों की खेती से कमाई बढ़ाने का मौका लेकर आता है. इस मौसम में कई ऐसी फसलें हैं, जो कम तापमान में अच्छी तरह तैयार होती हैं और कम समय में बाजार तक पहुंचाई जा सकती हैं. हालांकि, फसल चुनने से पहले बाजार की मांग, पानी, मजदूरी और लागत का हिसाब समझना जरूरी है.
Bharat Vistar Yojna देश के किसानों के लिए कई तरीके से मददगार सरकार स्कीम है. इस ऐप के जरिए किसान अपनी समस्याओं का तत्काल समाधान पर सकते हैं, बल्कि मंडी में फसलों की रेट भी ट्रैक कर सकते हैं.
धान की फसल तेजी से बढ़ रही है और अब बाली निकलने का वक्त आ चुका है, लेकिन इस समय सबसे ज्यादा कीड़ों का असर होता है, जो बाली पर लगते हैं. यहां इन कीड़ों को भगाने का देसी नुस्का बताया गया है.
सरकारी नौकरी की कोशिश की, प्राइवेट स्कूल में पढ़ाया, लेकिन आत्मनिर्भर बनने की चाह ने मिजोरम की जेड टी लालरिथांगी को खेती की राह दिखा दी. उनकी कहानी छोटे स्तर से बड़ी कामयाबी की मिसाल है. अब उनकी मेहनत को रोम में अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने जा रहा है.
Papaya Farming Benefits: पपीते की खेती किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित होती है और ये फल न सिर्फ मंडियों के जरिए बल्कि और भी तरीकों से कमाई कराता है.
कृषक समृद्धि योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को खेती में जरूरी निवेश के लिए 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन लोन मिल सकता है. ब्याज दर 6% सालाना रखी गई है, जबकि समय पर किस्त चुकाने पर ब्याज पर 5% सब्सिडी मिलेगी. जानें कौन किसान पात्र है और आवेदन कैसे करना होगा.
गाय पालते हैं तो कमाई का हिसाब सिर्फ दूध तक सीमित रखने की जरूरत नहीं है. जिस गोबर को अक्सर बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, वही आपकी डेयरी से अतिरिक्त आमदनी का जरिया बन सकता है.
PM Kisan 24th Installment: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं? ₹2,000 की अगली किस्त जारी होने से पहले कुछ जरूरी काम पूरे कर लें, वरना आपका पैसा अटक सकता है. ई-केवाईसी, जमीन का सत्यापन और आधार से बैंक खाते की लिंकिंग में कोई कमी रह गई तो किस्त अटक सकती है.
खेती में ज्यादा खाद और यूरिया डालना हमेशा ज्यादा पैदावार की गारंटी नहीं देता. कई बार मिट्टी में किसी पोषक तत्व की कमी या असंतुलन की वजह से किसान का खर्च बढ़ता रहता है, लेकिन फसल से अपेक्षित उत्पादन नहीं मिलता. ऐसे में सॉइल हेल्थ कार्ड किसानों के लिए काफी काम की जानकारी देता है.